श्री रेणुका येल्लम्मा मंदिर में दान का नया रिकॉर्ड: 3.07 करोड़ रुपये, 100 ग्राम सोने और 4 किलो चांदी
सारांश
Key Takeaways
- श्री रेणुका येल्लम्मा मंदिर में 3.07 करोड़ रुपये का दान संग्रह।
- दान में सोने और चांदी के आभूषणों की मात्रा प्रमुख।
- मंदिर का निर्माण 1514 में हुआ।
- भक्तों की आस्था का प्रमाण।
- पवित्र जल स्रोत का महत्व।
बेलगावी, 13 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। कर्नाटक के उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र में प्रतिष्ठित श्री रेणुका येल्लम्मा मंदिर में इस बार 3.07 करोड़ रुपये का विशाल दान संग्रह हुआ है। मंदिर की दान पेटियों से प्राप्त इस राशि की गणना पिछले सप्ताह शुरू होकर इस सप्ताह पूर्ण हुई। इस दान संग्रह की एक महत्वपूर्ण विशेषता यह है कि श्रद्धालुओं द्वारा अर्पित किए गए सोने और चांदी के आभूषणों की मात्रा नकद राशि से कहीं अधिक है।
दान की गिनती 9 मार्च को आरंभ हुई और 12 मार्च तक चलती रही। इस अवधि में मंदिर का कुल दान 3.07 करोड़ रुपये पाया गया, जिसमें 2.78 करोड़ रुपये नकद, 16.16 लाख रुपये मूल्य के 100 ग्राम सोने के आभूषण और 12.35 लाख रुपये मूल्य के 4 किलो 547 ग्राम चांदी के आभूषण शामिल हैं। दान की गणना मंदिर के कर्मचारियों और छात्रों ने मिलकर मंदिर प्रशासन की निगरानी में पूरी की।
ज्ञात हो कि मां रेणुका येल्लम्मा, जो भगवान विष्णु के छठे अवतार भगवान परशुराम की माता के रूप में पूजी जाती हैं, एक प्रसिद्ध तीर्थ स्थल है। भक्त देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी मां का आशीर्वाद लेने यहां आते हैं। यहां जगतजननी को येल्लम्मा के नाम से पुकारा जाता है, जो पूरे सृष्टि का पालन करती हैं।
मंदिर का निर्माण 1514 में रायबाग के राजा बोमाप्पा द्वारा किया गया था। यह मंदिर दक्षिण भारतीय शैली का एक उत्कृष्ट उदाहरण है, जिसमें चालुक्य, राष्ट्रकूट और द्रविड़ शैलियों का संगम देखने को मिलता है। मंदिर की दीवारों पर जटिल नक्काशी की गई है और इसमें एक पवित्र जल स्रोत भी है, जिसे भक्त शारीरिक और मानसिक विकारों के निवारण के लिए उपयोग करते हैं।
गर्भगृह में स्थित मां की प्रतिमा अद्वितीय है, जिसे स्वयंभू माना जाता है। प्रतिमा के हाथ अस्त्र के बिना ऊपर की ओर उठे हुए हैं, जिससे ऐसा लगता है कि मां स्वयं भक्तों को आशीर्वाद दे रही हैं। हर साल दिसंबर में मां को प्रसन्न करने के लिए यहां एक धार्मिक मेला आयोजित किया जाता है, जिसमें लाखों की संख्या में भक्त विदेशों से भी आते हैं।