चावड़ी बाजार इमारत हादसा: 2 की मौत, CM रेखा गुप्ता ने MCD के 2 इंजीनियर सस्पेंड किए, ठेकेदार पर FIR
सारांश
मुख्य बातें
दिल्ली के चावड़ी बाजार इलाके में 5 नवंबर 2026 को निर्माणाधीन इमारत ढहने से दो लोगों की मौत हो गई और एक मजदूर घायल हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता स्वयं घटनास्थल पर पहुँचीं और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद दिल्ली नगर निगम (MCD) ने अपने जूनियर इंजीनियर और असिस्टेंट इंजीनियर को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया तथा निर्माण कार्य कराने वाले ठेकेदार के खिलाफ FIR दर्ज की गई।
हादसे का विवरण और बचाव अभियान
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मीडिया को बताया कि इमारत में ग्राउंड फ्लोर के अलावा दो और मंजिलें थीं और वहाँ सक्रिय निर्माण कार्य चल रहा था। उन्होंने कहा कि अब तक दो शव निकाले जा चुके हैं और एक घायल व्यक्ति को बचा लिया गया है। इमारत गिरने का सटीक कारण जाँच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
घटनास्थल से बचाए गए एक मजदूर ने बताया कि स्लैब डालने का काम चल रहा था। उसके अनुसार, 'जिस हिस्से में स्लैब डाला जा चुका था, उसके नीचे एक-दो लकड़ी के सहारे लगाए गए थे। ये सहारे चरमराने लगे, जैसे कि अब टूट जाएंगे। यह देखकर मैंने सबको चेतावनी दी — और जब मजदूर वहाँ से निकलने की कोशिश कर रहे थे, तभी इमारत ढह गई।' यह बयान इस बात का संकेत है कि सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी की गई थी।
प्रशासनिक कार्रवाई और जाँच
MCD मेयर प्रवेश वाही ने बताया कि दोनों अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिया गया है और मामले की जाँच जारी है। उन्होंने कहा कि नगर आयुक्त के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई है, जो तीन दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपेगी।
मुख्यमंत्री ने चेतावनी दी कि यदि कोई अधिकारी निर्माण कार्य की निगरानी में लापरवाही बरतता पाया गया, तो उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने आम नागरिकों से भी अपील की कि निर्माण कार्य के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन अनिवार्य रूप से करें।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
घटनास्थल पर पहुँचे दिल्ली भाजपा अध्यक्ष हर्ष मल्होत्रा ने कहा कि ऐसी घटनाएँ तब होती हैं जब नियमों का उल्लंघन करके निर्माण किया जाता है और सुरक्षा के उचित इंतजाम नहीं किए जाते। उन्होंने माँग की कि जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ भी FIR दर्ज होनी चाहिए। मल्होत्रा ने निर्माण को अवैध करार देते हुए कहा कि अगर अवैध तरीके से अतिरिक्त मंजिलें बनाई जाएंगी, तो इमारत का गिरना तय है।
हेरिटेज क्षेत्र और नीतिगत खामी
दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद ने इस हादसे को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि चावड़ी बाजार एक हेरिटेज क्षेत्र होने के बावजूद यहाँ विकास कार्यों के लिए कोई स्पष्ट नियम या दिशानिर्देश तय नहीं किए गए थे। उन्होंने बताया कि शाहजहानाबाद डेवलपमेंट बोर्ड का गठन पहले हुआ था, लेकिन उसकी भूमिका सड़कों पर लाल पत्थर लगाने तक सीमित रही। उन्होंने जानकारी दी कि वर्तमान सरकार ने इस बोर्ड को पुनः सक्रिय किया है और हेरिटेज इमारतों तथा इस इलाके के लिए नए नियम-कानून बनाने पर काम शुरू हो गया है।
आगे क्या होगा
नगर आयुक्त की जाँच टीम तीन दिनों में रिपोर्ट सौंपेगी, जिसके आधार पर आगे की कार्रवाई तय होगी। पुरानी दिल्ली के घनी आबादी वाले इलाकों में अनधिकृत निर्माण की समस्या लंबे समय से चिंता का विषय रही है — यह हादसा एक बार फिर उस समस्या को सतह पर ले आया है। विशेषज्ञों का मानना है कि जब तक हेरिटेज ज़ोन में निर्माण की निगरानी के लिए ठोस नियामक ढाँचा नहीं बनता, ऐसी दुर्घटनाओं की आशंका बनी रहेगी।