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चक्रवात मुरासु का असर कमज़ोर: आंध्र प्रदेश में बारिश थमी, भारी बारिश की चेतावनी नहीं

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चक्रवात मुरासु का असर कमज़ोर: आंध्र प्रदेश में बारिश थमी, भारी बारिश की चेतावनी नहीं

सारांश

चक्रवात मुरासु का आंध्र प्रदेश में कहर 5 नवंबर तक काफी हद तक शांत हो गया — अधिकांश जिलों में बारिश रुकी, जलाशय स्थिर, और कोई नई भारी बारिश की चेतावनी नहीं। गोदावरी क्षेत्र सबसे ज़्यादा प्रभावित रहा, लेकिन अब राहत के संकेत हैं।

मुख्य बातें

चक्रवात मुरासु का प्रभाव 5 नवंबर 2026 को आंध्र प्रदेश में काफी कमज़ोर पड़ गया।
राज्य में फिलहाल कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं है।
सर्वाधिक बारिश निदादावोल, कोव्वुर और काकीनाडा (गोदावरी क्षेत्र) में दर्ज की गई।
प्रकाशम बैराज, थम्मिलेरु, बुडामेरु और येर्रा कालवा का जलस्तर स्थिर या घट रहा है।
सप्ताहांत में नेल्लोर, तिरुपति और बापटला में मध्यम बारिश की संभावना।
आरटीजीएस राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र चौबीसों घंटे निगरानी जारी रखे हुए है।

चक्रवात मुरासु का प्रभाव आंध्र प्रदेश में 5 नवंबर 2026 (गुरुवार) तक काफी कमज़ोर पड़ गया। अधिकारियों के अनुसार, राज्य के अधिकांश हिस्सों में बारिश रुक गई है और फिलहाल कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी जारी नहीं की गई है। निचले इलाकों और जलाशयों के निकट रहने वाले लोगों को अभी भी सतर्क रहने की सलाह दी गई है।

मुख्य घटनाक्रम

गुरुवार सुबह तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में वर्षा थम चुकी थी। दक्षिणी तटीय क्षेत्र के कुछ स्थानों पर ही हल्की बारिश दर्ज की गई। रियल टाइम गवर्नेंस सोसाइटी (आरटीजीएस) के राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र के अनुसार, बुधवार को भारी बारिश मुख्य रूप से गोदावरी क्षेत्र — पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, एलुरु और पोलावरम जिलों में केंद्रित रही।

गुरुवार सुबह वर्षा की गतिविधियाँ नेल्लोर जिले की ओर स्थानांतरित हुईं, लेकिन वहाँ भी तीव्रता हल्की से मध्यम ही रही। रायलसीमा क्षेत्र सहित राज्य के अधिकांश अन्य जिलों में बहुत कम या बिल्कुल बारिश नहीं हुई। शहरी इलाकों में भी किसी नए जलभराव की सूचना नहीं मिली।

सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र

पिछले दो दिनों में सबसे अधिक संचयी बारिश गोदावरी क्षेत्र के निदादावोल, कोव्वुर और काकीनाडा में दर्ज की गई। इसके बाद कोनसीमा के मुम्मिदिवरम और अमलापुरम का स्थान रहा। ये सभी क्षेत्र पहले से ही गोदावरी नदी की जल-निकासी प्रणाली के प्रति संवेदनशील माने जाते हैं।

जलाशयों और नदियों की स्थिति

जलाशयों और नालों की स्थिति अब स्थिर हो गई है। निगरानी में रखी गई सभी परियोजनाओं में पानी का प्रवाह स्थिर या घट रहा है। प्रकाशम बैराज से उतनी ही मात्रा में पानी छोड़ा जा रहा है जितना वहाँ पहुँच रहा है। थम्मिलेरु और बुडामेरु नदियों का जलस्तर, जो बुधवार रात बढ़ रहा था, अब घटने लगा है। येर्रा कालवा में भी जलस्तर स्थिर हो गया है और कोंडावीती वागु पंप हाउस के ज़रिए स्थिति नियंत्रण में रखी जा रही है।

प्रशासन की सलाह और आगे का पूर्वानुमान

जिला प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों, नालों और जलभराव वाले रास्तों को पार न करने की अपील की है। निचले इलाकों और जलाशयों के निकट रहने वाले लोगों को सतर्क रहने के निर्देश जारी हैं।

आने वाले दिनों में राज्य के कुछ हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। सप्ताहांत में नेल्लोर, तिरुपति और बापटला सहित दक्षिणी तटीय जिलों में अपेक्षाकृत अधिक बारिश की संभावना है, हालाँकि इसके मध्यम रहने का अनुमान है। आरटीजीएस राज्य आपातकालीन संचालन केंद्र स्थिति पर चौबीसों घंटे नज़र रख रहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन गोदावरी क्षेत्र में संचयी बारिश और जलाशयों के बढ़ते जलस्तर की खबरें याद दिलाती हैं कि तटीय आंध्र प्रदेश मानसून के बाद के चक्रवातों के प्रति कितना संवेदनशील है। आरटीजीएस जैसी रियल-टाइम निगरानी प्रणाली की सक्रियता सराहनीय है, लेकिन निदादावोल और कोव्वुर जैसे निचले इलाकों में बार-बार बाढ़ का आना दीर्घकालिक बुनियादी ढाँचे की कमज़ोरी को उजागर करता है। असली सवाल यह है कि क्या प्रशासन इस राहत के क्षण का उपयोग अगले चक्रवाती मौसम से पहले कमज़ोर नालों और तटबंधों को दुरुस्त करने में करेगा।
RashtraPress
5 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात मुरासु का आंध्र प्रदेश पर क्या असर पड़ा?
चक्रवात मुरासु के कारण आंध्र प्रदेश के गोदावरी क्षेत्र — पश्चिम गोदावरी, पूर्वी गोदावरी, काकीनाडा, एलुरु और पोलावरम जिलों — में भारी बारिश हुई। 5 नवंबर तक अधिकांश हिस्सों में बारिश थम गई और जलाशयों का स्तर स्थिर हो गया।
क्या आंध्र प्रदेश में अभी भी भारी बारिश की चेतावनी है?
नहीं, 5 नवंबर 2026 तक राज्य में कहीं भी भारी बारिश की चेतावनी लागू नहीं है। हालाँकि सप्ताहांत में नेल्लोर, तिरुपति और बापटला में मध्यम बारिश की संभावना जताई गई है।
सबसे ज़्यादा बारिश किन इलाकों में हुई?
पिछले दो दिनों में सर्वाधिक संचयी बारिश गोदावरी क्षेत्र के निदादावोल, कोव्वुर और काकीनाडा में दर्ज की गई। इसके बाद कोनसीमा के मुम्मिदिवरम और अमलापुरम का स्थान रहा।
प्रकाशम बैराज और अन्य नदियों की स्थिति क्या है?
प्रकाशम बैराज से उतना ही पानी छोड़ा जा रहा है जितना वहाँ आ रहा है, यानी स्थिति नियंत्रण में है। थम्मिलेरु, बुडामेरु और येर्रा कालवा का जलस्तर भी अब स्थिर हो गया है या घट रहा है।
आम लोगों के लिए प्रशासन की क्या सलाह है?
जिला प्रशासन ने लोगों से उफनती नदियों, नालों और जलभराव वाले रास्तों को पार न करने की अपील की है। निचले इलाकों और जलाशयों के निकट रहने वाले लोगों को अभी भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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