चक्रवात 'मुरासु' का आंध्र प्रदेश पर खतरा, सीएम चंद्रबाबू नायडू ने NTR कलेक्टर संग की आपात समीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने 3 नवंबर 2026 को बंगाल की खाड़ी में सक्रिय चक्रवात 'मुरासु' से उत्पन्न खतरे को लेकर NTR जिले के कलेक्टर और वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों के साथ टेलीकॉन्फ्रेंस के माध्यम से आपात समीक्षा बैठक की। विजयवाड़ा और आसपास के इलाकों में भारी बारिश की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है और नागरिकों से घरों में रहने की अपील की गई है।
ज़मीनी हालात और निरीक्षण
NTR जिले की कलेक्टर लक्ष्मी शा ने मुख्यमंत्री को बताया कि जिले के कई हिस्सों में फिलहाल हल्की बारिश दर्ज की जा रही है और स्थिति अभी नियंत्रण में है। अधिकारियों की टीम ने बुडमेरु ड्रेन के आसपास के संवेदनशील इलाकों का विशेष निरीक्षण किया है। कलेक्टर ने आश्वस्त किया कि प्रशासन पूरी तरह सतर्क है और स्थिति पर निरंतर नज़र रखी जा रही है।
मोगलराजपुरम में एहतियाती निकासी
भूस्खलन के प्रति संवेदनशील मोगलराजपुरम इलाके में रहने वाले कुछ परिवारों को एहतियातन सुरक्षित स्थानों पर स्थापित राहत शिविरों में स्थानांतरित किया गया है। प्रशासन किसी भी अप्रत्याशित घटना से बचने के लिए पहले से ही निवारक कदम उठा रहा है। यह कदम 2023 की बाढ़ के बाद से विजयवाड़ा प्रशासन की 'पहले निकासी, बाद में समीक्षा' नीति के अनुरूप है।
राहत एवं बचाव दलों की तैनाती
कलेक्टर लक्ष्मी शा ने बताया कि चक्रवात की आशंका को देखते हुए राहत और बचाव दल पूरी तरह से तत्पर स्थिति में रखे गए हैं। उल्लेखनीय है कि जिले में स्थानीय निकाय चुनावों के मतों की गिनती भी इसी दौरान निर्धारित है, और प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि खराब मौसम के बावजूद मतगणना प्रक्रिया बाधित न हो।
मौसम विभाग की चेतावनी और नागरिकों से अपील
मौसम विभाग ने मंगलवार को NTR जिले में भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। इसके मद्देनज़र प्रशासन ने आम नागरिकों से आग्रह किया है कि वे अनावश्यक यात्रा से बचें और घर से बाहर तभी निकलें जब अत्यंत ज़रूरी हो। दुकानदारों और शॉपिंग कॉम्प्लेक्स के प्रबंधकों से भी भारी बारिश के अनुमान को देखते हुए अपने प्रतिष्ठान बंद रखने की अपील की गई है। साथ ही माता-पिता से विशेष रूप से कहा गया है कि वे अपने बच्चों को बारिश के दौरान घर के अंदर ही रखें।
आगे की स्थिति
चक्रवात 'मुरासु' के संभावित मार्ग और तीव्रता पर मौसम विभाग की नज़र बनी हुई है। राज्य सरकार ने संकेत दिया है कि स्थिति के अनुसार और जिलों में भी सतर्कता बढ़ाई जा सकती है। गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती गतिविधि अक्टूबर-नवंबर में ऐतिहासिक रूप से आंध्र प्रदेश के तटीय जिलों के लिए सबसे अधिक जोखिम भरी रहती है।