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साइक्लोन मुरासु: आंध्र प्रदेश में NDRF की 14 टीमें तैनात, 6 जिले सर्वाधिक प्रभावित चिह्नित

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साइक्लोन मुरासु: आंध्र प्रदेश में NDRF की 14 टीमें तैनात, 6 जिले सर्वाधिक प्रभावित चिह्नित

सारांश

चक्रवात मुरासु का लैंडफॉल मंगलवार सुबह 9 बजे पूरा हो गया। NDRF की 14 टीमें आंध्र प्रदेश में तैनात हैं, 6 जिले सबसे ज़्यादा प्रभावित। 5 राज्यों में सतर्कता, लेकिन आधी रात तक चक्रवात के डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना — अब तक कोई जनहानि नहीं।

मुख्य बातें

NDRF ने चक्रवात मुरासु के मद्देनज़र आंध्र प्रदेश में 14 टीमें तैनात की हैं; तमिलनाडु से 3 अतिरिक्त टीमें भी भेजी गई हैं।
लैंडफॉल प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 की सुबह 9 बजे तक पूरी हो गई, यह जानकारी IMD ने दी।
आंध्र प्रदेश के 6 जिले सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिह्नित; NDRF , SDRF और स्थानीय प्रशासन मिलकर काम कर रहे हैं।
ओडिशा , छत्तीसगढ़ , तेलंगाना और उत्तरी तमिलनाडु सहित कुल 5 राज्यों में NDRF की टीमें तैनात।
चक्रवात के आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदलने की संभावना, जिससे आंध्र के बाहर असर सीमित रहेगा।
अब तक किसी के हताहत होने की कोई पुष्टि नहीं।

राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) ने मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को पुष्टि की कि चक्रवात मुरासु के मद्देनज़र आंध्र प्रदेश में कुल 14 टीमें तैनात की गई हैं और राज्य के 6 जिलों को सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया गया है। अधिकारियों के अनुसार, अब तक किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।

लैंडफॉल प्रक्रिया और ताज़ा स्थिति

NDRF के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) मोहसेन शाहेदी ने बताया कि भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) से प्राप्त जानकारी के अनुसार चक्रवात की लैंडफॉल प्रक्रिया मंगलवार सुबह शुरू हुई और सुबह करीब 9 बजे तक पूरी हो गई। उन्होंने कहा, "साइक्लोन मुरासु का लैंडफॉल प्रोसेस सुबह शुरू हुआ और IMD से मिली ताज़ा जानकारी के मुताबिक सुबह करीब 9:00 बजे पूरा हो गया।"

इसके अतिरिक्त, तमिलनाडु से 3 अतिरिक्त टीमें भी आंध्र प्रदेश में भेजी गई हैं, जिससे कुल तैनाती का दायरा और व्यापक हो गया है।

प्रभावित राज्य और तैनाती का विस्तार

DIG शाहेदी ने बताया कि चक्रवात का असर केवल आंध्र प्रदेश तक सीमित नहीं है। ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी तमिलनाडु के कुछ हिस्सों पर भी असर पड़ने की आशंका थी। उन्होंने कहा, "साइक्लोन का असर वाला इलाका आमतौर पर तेज़ हवाओं और बारिश की वजह से बहुत बड़ा होता है — इन सभी पाँचों राज्यों में NDRF की टीमें तैनात की गई हैं।"

गौरतलब है कि बल ने राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल (SDRF) और स्थानीय प्रशासन के साथ समन्वय स्थापित करते हुए संयुक्त रेस्पॉन्स ऑपरेशन शुरू किया है।

आगे क्या: चक्रवात के कमज़ोर पड़ने की संभावना

DIG ने बताया कि IMD के आकलन के अनुसार चक्रवात मुरासु धीरे धीरे कमज़ोर पड़ेगा। उन्होंने स्पष्ट किया, "यह साइक्लोन जल्द ही साइक्लोनिक स्टॉर्म में तब्दील होगा और फिर आधी रात तक डीप डिप्रेशन में बदल जाएगा। इसलिए आंध्र के बाहर इसके असर के कम होने की उम्मीद है।"

यह ऐसे समय में आया है जब बंगाल की खाड़ी में बारिश और तूफानी गतिविधियाँ मौसमी पैटर्न के चलते बढ़ी हुई हैं और तटीय आंध्र प्रदेश पहले भी इस तरह के मौसमी चक्रवातों की चपेट में रहा है।

हताहतों की स्थिति और राहत प्रयास

अधिकारियों के अनुसार, 3 नवंबर 2026 तक की जानकारी के मुताबिक किसी के भी हताहत होने की पुष्टि नहीं हुई है। NDRF की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में सक्रिय रूप से राहत और बचाव अभियान चला रही हैं तथा स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है।

आने वाले घंटों में चक्रवात की तीव्रता और दिशा पर IMD के अपडेट के आधार पर तैनाती को और समायोजित किया जा सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सड़क और संचार बाधित हो जाते हैं। छह जिलों की पहचान उचित है, परंतु यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन विशिष्ट जिलों को सूची में शामिल किया गया — यह पारदर्शिता स्थानीय तैयारी के लिए ज़रूरी है। साथ ही, 'अब तक कोई हताहत नहीं' जैसे बयान अक्सर शुरुआती घंटों में दिए जाते हैं और बाद में अपडेट होते हैं — इसलिए स्थिति पर निरंतर नज़र रखना आवश्यक है।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात मुरासु का लैंडफॉल कब और कहाँ हुआ?
IMD के अनुसार चक्रवात मुरासु की लैंडफॉल प्रक्रिया 3 नवंबर 2026 की सुबह शुरू हुई और सुबह करीब 9 बजे पूरी हो गई। यह आंध्र प्रदेश के तटीय क्षेत्र में आया।
NDRF ने चक्रवात मुरासु के लिए कितनी टीमें तैनात की हैं?
NDRF ने आंध्र प्रदेश में 14 टीमें तैनात की हैं और तमिलनाडु से 3 अतिरिक्त टीमें भी भेजी गई हैं। इसके अलावा ओडिशा, छत्तीसगढ़, तेलंगाना और उत्तरी तमिलनाडु में भी NDRF की टीमें सक्रिय हैं।
चक्रवात मुरासु से आंध्र प्रदेश के किन जिलों पर सबसे ज़्यादा असर पड़ने की आशंका है?
अधिकारियों ने आंध्र प्रदेश के 6 जिलों को सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्रों के रूप में चिह्नित किया है। इन जिलों में NDRF, SDRF और स्थानीय प्रशासन मिलकर राहत व बचाव कार्य कर रहे हैं।
क्या चक्रवात मुरासु से कोई जनहानि हुई है?
3 नवंबर 2026 तक की जानकारी के अनुसार किसी के हताहत होने की कोई पुष्टि नहीं हुई है। अधिकारी स्थिति पर लगातार नज़र रख रहे हैं।
चक्रवात मुरासु आगे कितना खतरनाक रहेगा?
NDRF के DIG मोहसेन शाहेदी के अनुसार चक्रवात जल्द ही साइक्लोनिक स्टॉर्म में बदलेगा और आधी रात तक डीप डिप्रेशन में तब्दील हो जाएगा। इससे आंध्र प्रदेश के बाहर इसके असर के सीमित रहने की उम्मीद है।
राष्ट्र प्रेस
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