चक्रवात 'मुरासु': ओडिशा के गजपति में 500+ आश्रय स्थल तैयार, 4-5 नवंबर को ऑरेंज वार्निंग
सारांश
मुख्य बातें
चक्रवात 'मुरासु' के खतरे को देखते हुए ओडिशा के गजपति जिले का प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात बंगाल की खाड़ी में बन रहा है और आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है, लेकिन इसका प्रभाव गजपति जिले में भी महसूस किए जाने की आशंका है। 2 नवंबर 2026 को जिला कलेक्टर ने तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।
चक्रवात की स्थिति और मौसम विभाग की चेतावनी
मौसम विभाग ने गजपति जिले के लिए 2 और 3 नवंबर को येलो वार्निंग जारी की है, जबकि 4 और 5 नवंबर के लिए अधिक गंभीर ऑरेंज वार्निंग घोषित की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब यह इलाका चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था। गौरतलब है कि एक के बाद एक चक्रवातों की यह श्रृंखला इस तटीय जिले के लिए अभूतपूर्व दबाव पैदा कर रही है।
प्रशासन की तैयारियाँ
जिला प्रशासन ने जिले में 500 से अधिक अस्थायी चक्रवात आश्रय स्थल तैयार कर लिए हैं। निचले और जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की योजना तैयार की गई है। भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों में निगरानी के लिए विशेष उपकरण भी लगाए गए हैं, ताकि समय रहते लोगों को सचेत किया जा सके।
आपदा प्रबंधन के लिए ओडीआरएएफ (ODRAF), एनडीआरएफ (NDRF) और दमकल विभाग की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। जिले में पहले से एक-एक ओडीआरएएफ और एनडीआरएफ टीम तथा 12 फायर ब्रिगेड दल तैनात हैं। राज्य सरकार ने एक अतिरिक्त ओडीआरएएफ टीम भी भेजी है जो 2 नवंबर को जिले में रिपोर्ट करने वाली है।
जिला कलेक्टर का बयान
गजपति के जिला कलेक्टर अक्षय सुनील अग्रवाल ने कहा, 'हमारी तैयारियाँ लगातार चल रही हैं। बंगाल की खाड़ी में मुरासु नामक चक्रवात का अनुमान लगाया गया है, जो आंध्र कोस्ट से टकराएगा। इसका असर गजपति जिले में भी पड़ सकता है।' उन्होंने बताया कि इवैक्यूएशन प्लान तैयार कर लिया गया है और माइक के माध्यम से जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है।
कलेक्टर अग्रवाल ने यह भी बताया कि जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग ब्लॉकों में तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुँचाया जाएगा।
स्कूलों और सामान्य जनजीवन पर असर
स्कूलों में छुट्टी के बारे में कलेक्टर ने कहा कि अभी तक स्कूल बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश की स्थिति के आकलन के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।
आगे क्या होगा
4 और 5 नवंबर को ऑरेंज वार्निंग के प्रभावी रहने के साथ, अगले 48 से 72 घंटे गजपति जिले के लिए सबसे संवेदनशील रहने की आशंका है। ब्लॉक स्तर का प्रशासन पूरी तरह सजग है और किसी भी आपात स्थिति के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल तैयार हैं। मौसम विभाग की अपडेट के अनुसार अगले चरण की कार्रवाई तय की जाएगी।