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चक्रवात 'मुरासु': ओडिशा के गजपति में 500+ आश्रय स्थल तैयार, 4-5 नवंबर को ऑरेंज वार्निंग

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चक्रवात 'मुरासु': ओडिशा के गजपति में 500+ आश्रय स्थल तैयार, 4-5 नवंबर को ऑरेंज वार्निंग

सारांश

चक्रवात 'अर्नब' के बाद अब 'मुरासु' का खतरा — गजपति जिला एक बार फिर मोर्चे पर है। 500 से अधिक आश्रय स्थल, NDRF-ODRAF की तैनाती और 4-5 नवंबर को ऑरेंज वार्निंग के साथ प्रशासन ने पूरी तैयारी कर ली है। अगले 72 घंटे निर्णायक होंगे।

मुख्य बातें

चक्रवात 'मुरासु' के प्रभाव से ओडिशा के गजपति जिले में भारी बारिश की आशंका, प्रशासन अलर्ट।
मौसम विभाग ने 2-3 नवंबर को येलो और 4-5 नवंबर को ऑरेंज वार्निंग जारी की।
जिले में 500 से अधिक अस्थायी चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए गए हैं।
एक ODRAF, एक NDRF और 12 फायर ब्रिगेड टीमें तैनात; एक अतिरिक्त ODRAF टीम भी आ रही है।
जिला कलेक्टर अक्षय सुनील अग्रवाल ने बताया कि वरिष्ठ अधिकारी सभी ब्लॉकों में तैनात हैं।
स्कूल बंद करने का अभी कोई आदेश नहीं; बारिश की स्थिति के आधार पर निर्णय लिया जाएगा।

चक्रवात 'मुरासु' के खतरे को देखते हुए ओडिशा के गजपति जिले का प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गया है। मौसम विभाग के अनुसार यह चक्रवात बंगाल की खाड़ी में बन रहा है और आंध्र प्रदेश के तट से टकरा सकता है, लेकिन इसका प्रभाव गजपति जिले में भी महसूस किए जाने की आशंका है। 2 नवंबर 2026 को जिला कलेक्टर ने तैयारियों की विस्तृत जानकारी दी।

चक्रवात की स्थिति और मौसम विभाग की चेतावनी

मौसम विभाग ने गजपति जिले के लिए 2 और 3 नवंबर को येलो वार्निंग जारी की है, जबकि 4 और 5 नवंबर के लिए अधिक गंभीर ऑरेंज वार्निंग घोषित की गई है। यह ऐसे समय में आया है जब यह इलाका चक्रवात 'अर्नब' के प्रभाव से पूरी तरह उबर भी नहीं पाया था। गौरतलब है कि एक के बाद एक चक्रवातों की यह श्रृंखला इस तटीय जिले के लिए अभूतपूर्व दबाव पैदा कर रही है।

प्रशासन की तैयारियाँ

जिला प्रशासन ने जिले में 500 से अधिक अस्थायी चक्रवात आश्रय स्थल तैयार कर लिए हैं। निचले और जोखिम वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाने की योजना तैयार की गई है। भूस्खलन की आशंका वाले संवेदनशील इलाकों में निगरानी के लिए विशेष उपकरण भी लगाए गए हैं, ताकि समय रहते लोगों को सचेत किया जा सके।

आपदा प्रबंधन के लिए ओडीआरएएफ (ODRAF), एनडीआरएफ (NDRF) और दमकल विभाग की टीमों को अलर्ट पर रखा गया है। जिले में पहले से एक-एक ओडीआरएएफ और एनडीआरएफ टीम तथा 12 फायर ब्रिगेड दल तैनात हैं। राज्य सरकार ने एक अतिरिक्त ओडीआरएएफ टीम भी भेजी है जो 2 नवंबर को जिले में रिपोर्ट करने वाली है।

जिला कलेक्टर का बयान

गजपति के जिला कलेक्टर अक्षय सुनील अग्रवाल ने कहा, 'हमारी तैयारियाँ लगातार चल रही हैं। बंगाल की खाड़ी में मुरासु नामक चक्रवात का अनुमान लगाया गया है, जो आंध्र कोस्ट से टकराएगा। इसका असर गजपति जिले में भी पड़ सकता है।' उन्होंने बताया कि इवैक्यूएशन प्लान तैयार कर लिया गया है और माइक के माध्यम से जागरूकता अभियान शुरू कर दिया गया है।

कलेक्टर अग्रवाल ने यह भी बताया कि जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारियों को अलग-अलग ब्लॉकों में तैनात किया गया है, जो लगातार स्थिति पर नज़र रख रहे हैं। जरूरत पड़ने पर लोगों को तत्काल सुरक्षित आश्रय स्थलों में पहुँचाया जाएगा।

स्कूलों और सामान्य जनजीवन पर असर

स्कूलों में छुट्टी के बारे में कलेक्टर ने कहा कि अभी तक स्कूल बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं हुआ है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बारिश की स्थिति के आकलन के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा। प्रशासन ने निचले इलाकों के निवासियों से सतर्क रहने और आधिकारिक निर्देशों का पालन करने की अपील की है।

आगे क्या होगा

4 और 5 नवंबर को ऑरेंज वार्निंग के प्रभावी रहने के साथ, अगले 48 से 72 घंटे गजपति जिले के लिए सबसे संवेदनशील रहने की आशंका है। ब्लॉक स्तर का प्रशासन पूरी तरह सजग है और किसी भी आपात स्थिति के लिए त्वरित प्रतिक्रिया दल तैयार हैं। मौसम विभाग की अपडेट के अनुसार अगले चरण की कार्रवाई तय की जाएगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अभी भी पुनर्वास की राह पर है। ऑरेंज वार्निंग को हल्के में नहीं लेना चाहिए — 4-5 नवंबर से पहले निचले क्षेत्रों की निकासी की गति और स्कूल बंदी का फैसला इस आपदा प्रबंधन की असली परीक्षा होगी।
RashtraPress
2 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

चक्रवात 'मुरासु' क्या है और यह कहाँ टकराएगा?
चक्रवात 'मुरासु' बंगाल की खाड़ी में बन रहा एक चक्रवाती तूफान है। मौसम विभाग के अनुसार यह आंध्र प्रदेश के तट से टकराने की संभावना है, लेकिन इसका प्रभाव ओडिशा के गजपति जिले में भी देखा जा सकता है।
गजपति जिले के लिए कौन-सी चेतावनी जारी की गई है?
मौसम विभाग ने 2 और 3 नवंबर के लिए येलो वार्निंग और 4 तथा 5 नवंबर के लिए ऑरेंज वार्निंग जारी की है। ऑरेंज वार्निंग अधिक गंभीर मानी जाती है और इस दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश की आशंका होती है।
गजपति प्रशासन ने आपदा प्रबंधन के लिए क्या तैयारियाँ की हैं?
प्रशासन ने 500 से अधिक अस्थायी चक्रवात आश्रय स्थल तैयार किए हैं, एक ODRAF, एक NDRF और 12 फायर ब्रिगेड टीमें तैनात की हैं। इसके अलावा भूस्खलन संवेदनशील क्षेत्रों में निगरानी उपकरण लगाए गए हैं और माइक से जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
क्या गजपति में स्कूल बंद किए जाएँगे?
जिला कलेक्टर अक्षय सुनील अग्रवाल के अनुसार अभी तक स्कूल बंद करने का कोई आदेश जारी नहीं किया गया है। बारिश की स्थिति के आकलन के बाद इस पर निर्णय लिया जाएगा।
चक्रवात 'अर्नब' के बाद फिर 'मुरासु' का खतरा — गजपति के लोग क्या करें?
निचले और जोखिम वाले क्षेत्रों के निवासियों को प्रशासन के निर्देश पर तुरंत सुरक्षित आश्रय स्थलों में जाने के लिए तैयार रहना चाहिए। जिला स्तर के वरिष्ठ अधिकारी सभी ब्लॉकों में तैनात हैं और आपात स्थिति में त्वरित सहायता के लिए ODRAF व NDRF टीमें मौजूद हैं।
राष्ट्र प्रेस
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