31 अक्टूबर 2026
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बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का खतरा, 2 नवंबर तक आंध्र-ओडिशा तट पर भारी बारिश का अलर्ट

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बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का खतरा, 2 नवंबर तक आंध्र-ओडिशा तट पर भारी बारिश का अलर्ट

सारांश

बंगाल की खाड़ी में बना निम्न दबाव क्षेत्र अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है और 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश तट से टकरा सकता है। IMD ने आंध्र, ओडिशा समेत दक्षिण और पूर्वी भारत के कई राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की है।

मुख्य बातें

दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अगले 24 घंटों में चक्रवाती तूफान में बदल सकता है।
यह प्रणाली 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश तट के निकट पहुँचने की संभावना है।
तटीय आंध्र प्रदेश, यनम में 2-3 नवंबर और ओडिशा में 3-4 नवंबर को अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट।
3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश में 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से आंधी चलने का अनुमान।
तमिलनाडु, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश सहित 12 से अधिक राज्यों में मौसम का असर।
IMD ने मछुआरों को समुद्र में न जाने और प्रशासन को पूर्व-तैयारी की सलाह दी।

भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने 31 अक्टूबर 2026 को चेतावनी जारी की है कि दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी और उससे सटे अंडमान-निकोबार द्वीप समूह एवं अंडमान सागर के ऊपर बना सुस्पष्ट निम्न दबाव क्षेत्र अगले 24 घंटों के भीतर पहले अवदाब और फिर चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है। IMD के अनुसार यह प्रणाली 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुँचने की संभावना है, जिससे दक्षिण और पूर्वी भारत के एक बड़े हिस्से में भारी से अत्यधिक भारी वर्षा, तेज हवाएँ और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।

मौसम प्रणाली की मौजूदा स्थिति

31 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे IST पर यह प्रणाली दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी के ऊपर स्थित थी। IMD के मौसम वैज्ञानिकों के अनुमान के अनुसार यह पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है। यह ऐसे समय में आया है जब मानसून की विदाई के बाद भी बंगाल की खाड़ी में समुद्री सतह का तापमान चक्रवाती प्रणालियों के पोषण के लिए अनुकूल बना हुआ है।

गौरतलब है कि बंगाल की खाड़ी में अक्टूबर-नवंबर का महीना चक्रवाती तूफानों के लिए ऐतिहासिक रूप से सक्रिय रहा है। पिछले वर्षों में भी इसी मौसम में आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटों पर कई प्रमुख चक्रवात दस्तक दे चुके हैं।

राज्यवार चेतावनी और बारिश का अनुमान

IMD ने तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2 नवंबर को कहीं-कहीं अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट जारी किया है। 3 नवंबर को भी इन क्षेत्रों में बहुत भारी बारिश जारी रहने की आशंका है। रायलसीमा में 2 और 3 नवंबर को बहुत भारी वर्षा का अनुमान है।

ओडिशा में 2 नवंबर को भारी तथा 3-4 नवंबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है। 3 नवंबर को तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 50-60 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से थंडरस्क्वॉल (आंधी) आने का भी अनुमान है।

इसके अतिरिक्त तमिलनाडु, पुडुचेरी और कराईकल में 6 नवंबर तक रुक-रुक कर वर्षा जारी रह सकती है। केरल और माहे में 1 से 4 नवंबर के बीच भारी बारिश का अनुमान है। तेलंगाना, तटीय कर्नाटक और आंतरिक कर्नाटक के कई हिस्सों में 2 से 5 नवंबर तक मध्यम से भारी वर्षा हो सकती है।

पूर्वी और मध्य भारत पर असर

झारखंड, बिहार और पश्चिम बंगाल के विभिन्न हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं की चेतावनी जारी की गई है। छत्तीसगढ़ में 3 और 4 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। पूर्वी एवं पश्चिमी मध्य प्रदेश में 4 नवंबर तक बारिश और गरज-चमक की गतिविधियाँ जारी रहने का अनुमान है, जहाँ कुछ स्थानों पर 40-50 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से तेज हवाएँ भी चल सकती हैं।

अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह में 31 अक्टूबर को व्यापक वर्षा दर्ज होने की संभावना है। पूर्वोत्तर भारत — अरुणाचल प्रदेश, असम, मेघालय, नगालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा — में अगले एक सप्ताह तक हल्की से मध्यम बारिश जारी रह सकती है। अरुणाचल प्रदेश में 1 और 2 नवंबर को भारी वर्षा की भी संभावना है।

मछुआरों और प्रशासन को सतर्कता की सलाह

IMD ने समुद्र में ऊँची लहरों और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मछुआरों को इन दिनों समुद्र में न जाने और सतर्क रहने की सलाह दी है। प्रभावित क्षेत्रों के निवासियों से अनुरोध किया गया है कि वे मौसम विभाग की ताज़ा चेतावनियों पर निरंतर नज़र बनाए रखें। स्थानीय प्रशासन को भी संभावित भारी वर्षा और तेज हवाओं से निपटने के लिए आवश्यक तैयारियाँ पहले से कर लेने के निर्देश दिए गए हैं।

अगले 48 घंटे इस प्रणाली के लिए निर्णायक साबित होंगे — यदि यह अनुमान के अनुसार चक्रवाती तूफान का रूप लेती है, तो आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय जिलों में आपदा प्रबंधन टीमों की तैनाती की नौबत आ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन इस बार की प्रणाली की रफ्तार और दिशा आंध्र प्रदेश के कम तैयार तटीय जिलों को सीधे निशाने पर ले रही है। IMD की चेतावनी समय पर है, लेकिन असली परीक्षा राज्य प्रशासन की है — क्या निकासी योजनाएँ 48 घंटों की इस छोटी खिड़की में लागू हो पाएँगी। ओडिशा की आपदा प्रबंधन व्यवस्था को राष्ट्रीय स्तर पर सराहा जाता है, पर आंध्र में तटीय ढाँचे की तैयारी को लेकर विशेषज्ञ अब भी सवाल उठाते हैं। जलवायु परिवर्तन की पृष्ठभूमि में बंगाल की खाड़ी में चक्रवातों की तीव्रता बढ़ने का रुझान भी अनदेखा नहीं किया जा सकता।
RashtraPress
31 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल की खाड़ी में बन रहा चक्रवाती तूफान कब और कहाँ पहुँचेगा?
IMD के अनुसार यह प्रणाली 2 नवंबर 2026 की शाम तक आंध्र प्रदेश तट के निकट पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में पहुँच सकती है। 31 अक्टूबर की सुबह 8:30 बजे यह दक्षिण-पूर्वी बंगाल की खाड़ी में स्थित थी और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ रही है।
आंध्र प्रदेश और ओडिशा में कब-कब भारी बारिश होगी?
तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 2-3 नवंबर को अत्यधिक भारी वर्षा का अलर्ट है, जबकि रायलसीमा में 2-3 नवंबर को बहुत भारी बारिश का अनुमान है। ओडिशा में 2 नवंबर को भारी और 3-4 नवंबर को बहुत भारी वर्षा की चेतावनी IMD ने जारी की है।
इस चक्रवाती तूफान से और कौन-से राज्य प्रभावित होंगे?
तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल, तेलंगाना, कर्नाटक, छत्तीसगढ़, मध्य प्रदेश, झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और पूर्वोत्तर के कई राज्यों में अलग-अलग तीव्रता की वर्षा और तेज हवाओं का अनुमान है। तमिलनाडु और पुडुचेरी में 6 नवंबर तक बारिश जारी रह सकती है।
मछुआरों के लिए IMD की क्या सलाह है?
IMD ने समुद्र में ऊँची लहरों और खराब मौसम की आशंका को देखते हुए मछुआरों को इन दिनों प्रभावित तटीय क्षेत्रों के समुद्र में न जाने की सलाह दी है। उन्हें मौसम की ताज़ा चेतावनियों पर नज़र बनाए रखने को भी कहा गया है।
चक्रवाती प्रणाली की ताज़ा जानकारी कहाँ से मिलेगी?
भारतीय मौसम विभाग (IMD) की आधिकारिक वेबसाइट और उनके सोशल मीडिया चैनलों पर हर कुछ घंटों में अपडेट जारी किए जाते हैं। स्थानीय प्रशासन के निर्देशों और राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरणों की सूचनाओं पर भी ध्यान देना आवश्यक है।
राष्ट्र प्रेस
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