23 अक्टूबर 2026
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बंगाल की खाड़ी में कम दबाव: 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान की आशंका, आंध्र-ओडिशा तट अलर्ट पर

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बंगाल की खाड़ी में कम दबाव: 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान की आशंका, आंध्र-ओडिशा तट अलर्ट पर

सारांश

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र 26 अक्टूबर तक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है। उत्तरी आंध्र और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ते इस तूफान से 60-70 किमी/घंटे की हवाएं और भारी बारिश की आशंका है। मछुआरों को समुद्र से तुरंत लौटने के निर्देश।

मुख्य बातें

बंगाल की खाड़ी में 23 अक्टूबर 2026 को कम दबाव का क्षेत्र बन गया है।
24 अक्टूबर तक 'डिप्रेशन', 25 अक्टूबर तक 'डीप डिप्रेशन' और 26 अक्टूबर की सुबह तक पूर्ण चक्रवाती तूफान बनने का अनुमान।
तूफान उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ सकता है।
तटीय इलाकों में 60–70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना।
APSDMA ने मछुआरों को तत्काल समुद्र से लौटने, किसानों और आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी।
26 अक्टूबर से पूरे आंध्र प्रदेश में व्यापक एवं भारी वर्षा का अनुमान।

बंगाल की खाड़ी के पूर्वी-मध्य और दक्षिण-पूर्वी हिस्से में बना कम दबाव का क्षेत्र 26 अक्टूबर 2026 की सुबह तक एक पूर्ण चक्रवाती तूफान में तब्दील हो सकता है, जो उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ने का अनुमान है। आंध्र प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (APSDMA) ने 23 अक्टूबर को यह जानकारी देते हुए आम जनता, किसानों और मछुआरों को तत्काल सतर्क रहने की सलाह जारी की है।

तूफान का क्रमिक विकास

भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दक्षिण-पूर्व और उससे सटे पूर्वी-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर बने चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से 23 अक्टूबर को कम दबाव का क्षेत्र अस्तित्व में आ गया है। 24 अक्टूबर तक यह 'डिप्रेशन' और 25 अक्टूबर तक 'डीप डिप्रेशन' में बदल सकता है।

इसके बाद यह प्रणाली पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ेगी और 26 अक्टूबर की सुबह तक पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर एक चक्रवाती तूफान का रूप ले सकती है। अगले दो दिनों में यह तूफान और तीव्र होते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश तथा दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ेगा।

अधिकारियों की चेतावनी और प्रशासनिक तैयारी

APSDMA के प्रबंध निदेशक प्रखर जैन ने बताया कि तटीय इलाकों में 60–70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। उन्होंने मछुआरों को तत्काल समुद्र से तट पर लौटने के निर्देश जारी किए हैं और किसानों को अपनी फसलों की सुरक्षा के लिए पहले से इंतजाम करने की सलाह दी है।

गौरतलब है कि आंध्र प्रदेश का तट हर साल अक्टूबर-नवंबर में चक्रवाती तूफानों के प्रति संवेदनशील रहता है। यह मौसम उत्तर हिंद महासागर में चक्रवात गतिविधि के लिहाज से सर्वाधिक सक्रिय माना जाता है।

वर्षा का पूर्वानुमान और प्रभावित क्षेत्र

23 अक्टूबर को तमिलनाडु और केरल के क्षेत्रों में बने कम दबाव तंत्र के असर से आंध्र प्रदेश के रायलसीमा क्षेत्र में कहीं-कहीं भारी बारिश हो सकती है। 24 और 25 अक्टूबर को हल्की से मध्यम बारिश के साथ कुछ स्थानों पर बिजली गिरने की आशंका भी है।

26 अक्टूबर से पूरे आंध्र प्रदेश में व्यापक बारिश होने का अनुमान है और कुछ अलग-थलग इलाकों में भारी वर्षा भी हो सकती है। यह ऐसे समय में आया है जब राज्य में खरीफ फसल की कटाई का मौसम चल रहा है, जिससे किसानों को सबसे ज़्यादा नुकसान की आशंका है।

आम जनता पर असर

तटीय जिलों — विशेषकर श्रीकाकुलम, विजयनगरम और विशाखापट्टनम — में रहने वाले लोगों को प्रशासन ने सतर्क रहने और आवश्यक सामग्री पहले से जमा करने की सलाह दी है। निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव दलों को तैयार रखने के निर्देश दिए हैं।

क्या होगा आगे

IMD अगले 48 घंटों में तूफान की स्थिति पर नियमित अपडेट जारी करता रहेगा। APSDMA ने कहा है कि स्थिति की निगरानी की जा रही है और ज़रूरत पड़ने पर तटीय जिलों से निकासी अभियान चलाया जाएगा। विशेषज्ञों के अनुसार तूफान की अंतिम तीव्रता और लैंडफॉल का स्थान अगले 24 घंटों में अधिक स्पष्ट हो जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बंगाल की खाड़ी में बना कम दबाव का क्षेत्र कब चक्रवाती तूफान बनेगा?
IMD के अनुमान के अनुसार 26 अक्टूबर 2026 की सुबह तक यह प्रणाली पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी के ऊपर चक्रवाती तूफान में बदल सकती है। इससे पहले 24 अक्टूबर तक 'डिप्रेशन' और 25 अक्टूबर तक 'डीप डिप्रेशन' बनने की आशंका है।
यह चक्रवाती तूफान कहाँ टकराएगा?
अनुमान है कि तूफान उत्तरी आंध्र प्रदेश और दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ेगा। हालांकि लैंडफॉल का सटीक स्थान अगले 24-48 घंटों में IMD के अपडेट से अधिक स्पष्ट होगा।
आंध्र प्रदेश में किन इलाकों में भारी बारिश होगी?
23 अक्टूबर को रायलसीमा क्षेत्र में भारी बारिश की संभावना है। 26 अक्टूबर से पूरे आंध्र प्रदेश में व्यापक वर्षा होने का अनुमान है, जिसमें कुछ तटीय जिलों में अत्यधिक भारी बारिश भी शामिल है।
मछुआरों के लिए क्या निर्देश जारी किए गए हैं?
APSDMA ने सभी मछुआरों को तत्काल समुद्र से तट पर लौटने के निर्देश जारी किए हैं। तटीय इलाकों में 60-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना को देखते हुए समुद्र में जाना पूरी तरह प्रतिबंधित किया जा सकता है।
किसानों पर इस तूफान का क्या असर पड़ेगा?
खरीफ कटाई के मौसम में आया यह तूफान किसानों के लिए गंभीर खतरा है। APSDMA ने किसानों को पहले से सतर्क रहने और फसल सुरक्षा के उपाय करने की सलाह दी है। व्यापक बारिश से खड़ी फसलों को नुकसान पहुंच सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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