आंध्र प्रदेश में 15-17 अक्टूबर को भारी बारिश की चेतावनी, IMD ने बताया कम दबाव का क्षेत्र बनने का अनुमान
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 12 अक्टूबर 2026 को चेतावनी दी है कि तटीय आंध्र प्रदेश में 15, 16 और 17 अक्टूबर के आसपास भारी से बहुत भारी बारिश हो सकती है। विभाग के अनुसार, दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर सक्रिय एक ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में 13 अक्टूबर तक कम दबाव का क्षेत्र विकसित होने की संभावना है।
मौसमी प्रणाली का स्वरूप
IMD के निदेशक डॉ. पी.एल.एन. मूर्ति ने बताया कि दक्षिण अंडमान सागर के ऊपर बना ऊपरी चक्रवाती परिसंचरण समुद्र तल से लगभग 5.8 किलोमीटर की ऊँचाई तक फैला हुआ है। इसी मौसमी प्रणाली के प्रभाव से दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना जताई गई है।
डॉ. मूर्ति के अनुसार, यह कम दबाव का क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके उत्तर तमिलनाडु और दक्षिण आंध्र प्रदेश के तट की ओर बढ़ने की अधिक संभावना है। हालाँकि, विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस प्रणाली के आगे के विकास और तीव्रता पर अभी निगरानी रखी जा रही है।
किन क्षेत्रों पर पड़ेगा असर
विभाग के अनुसार, जब यह मौसम प्रणाली तट के करीब पहुँचेगी, तब इसका सबसे अधिक प्रभाव तटीय आंध्र प्रदेश और उससे लगे क्षेत्रों में बारिश के रूप में दिखाई दे सकता है। विशाखापत्तनम सहित तटवर्ती जिलों में इस दौरान भारी वर्षा की आशंका व्यक्त की गई है।
गौरतलब है कि यह पूर्वानुमान ऐसे समय में आया है जब बंगाल की खाड़ी अक्टूबर-नवंबर के मौसम में मौसमी गतिविधियों के लिहाज से सक्रिय रहती है। पिछले वर्षों में भी इसी अवधि में तटीय आंध्र प्रदेश में कम दबाव प्रणालियों के कारण व्यापक नुकसान दर्ज किया गया है।
विभाग की सतर्कता और निगरानी
IMD ने स्पष्ट किया है कि कम दबाव के क्षेत्र की तीव्रता और उसके आगे के विकास को लेकर अभी अंतिम निष्कर्ष निकालना संभव नहीं है। डॉ. मूर्ति ने कहा कि स्थिति पर लगातार नज़र रखी जा रही है और जैसे-जैसे प्रणाली स्पष्ट होगी, अद्यतन पूर्वानुमान जारी किए जाएँगे।
विशेषज्ञों का सुझाव है कि तटीय जिलों के प्रशासन को पहले से ही राहत और आपदा प्रबंधन के लिए तैयारी शुरू कर देनी चाहिए, ताकि संभावित भारी बारिश और इससे उत्पन्न बाढ़ जैसी स्थितियों से निपटा जा सके।
आगे क्या होगा
मौसम विभाग आने वाले दिनों में स्थिति का जायज़ा लेकर अतिरिक्त बुलेटिन जारी करेगा। 13 अक्टूबर तक कम दबाव के क्षेत्र के निर्माण की पुष्टि होने के बाद, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु सरकारों के लिए आधिकारिक अलर्ट जारी किए जाने की संभावना है। स्थानीय मछुआरों और तटीय निवासियों को इस अवधि में सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।