ओडिशा में संभावित चक्रवात की तैयारी पूरी, मंत्री सुरेश पुजारी बोले — घबराएं नहीं, सरकार मुस्तैद
सारांश
मुख्य बातें
ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने शुक्रवार, 23 अक्टूबर 2026 को भुवनेश्वर में मीडिया से मुखातिब होते हुए जनता को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार बंगाल की खाड़ी में बन रहे संभावित चक्रवाती तूफान से निपटने की पूरी तैयारी कर चुकी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भीषण मौसम आपदाओं से निपटने का ओडिशा को दशकों का अनुभव है और इस बार भी स्थिति नियंत्रण में रहेगी।
मंत्री का आश्वासन
मंत्री पुजारी ने कहा, 'चिंता करने या घबराने की कोई जरूरत नहीं है। यह चक्रवात भी आएगा और गुजर जाएगा और यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई बड़ा नुकसान न हो, राज्य सरकार ने सभी आवश्यक व्यवस्थाएं कर ली हैं।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रशासन चक्रवात की अंतिम तीव्रता या तट पर उसके पहुंचने के स्थान की परवाह किए बिना सबसे खराब परिदृश्य के लिए तैयार है।
राज्य के सभी संबंधित विभाग और जिला प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह सतर्क हैं। गौरतलब है कि ओडिशा ने 1999 के सुपर साइक्लोन और उसके बाद आए कई तूफानों से सबक लेते हुए देश में आपदा प्रबंधन का एक मज़बूत ढाँचा तैयार किया है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, 23 अक्टूबर को दक्षिण-पूर्वी और उससे सटे पूर्वी मध्य बंगाल की खाड़ी में ऊपरी वायु चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से एक निम्न दबाव क्षेत्र बन चुका है।
IMD ने बताया कि यह तंत्र 24 अक्टूबर को निम्न दबाव में और 25 अक्टूबर तक गहरे निम्न दबाव में तब्दील होने की संभावना है। 26 अक्टूबर की सुबह तक यह पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी में चक्रवाती तूफान का रूप ले सकता है, जो इसके बाद और तीव्र होते हुए उत्तरी आंध्र प्रदेश व दक्षिणी ओडिशा के तटों की ओर बढ़ेगा।
IMD भुवनेश्वर निदेशक का बयान
IMD भुवनेश्वर की निदेशक मनोरमा मोहंती ने बताया कि निम्न दबाव के गठन के बाद सिस्टम के संभावित मार्ग का अधिक स्पष्ट संकेत मिल सकेगा। उन्होंने कहा कि तंत्र के पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ने की प्रबल संभावना है।
मछुआरों और तटीय क्षेत्रों के लिए अलर्ट
ओडिशा के मछुआरों को 26 और 27 अक्टूबर को समुद्र में न जाने की कड़ी सलाह दी गई है। तटीय जिलों में 27 अक्टूबर की शाम से बारिश की तीव्रता बढ़ने की आशंका है, जबकि 26 अक्टूबर को तटीय जिलों में बिजली और गरज के साथ बारिश हो सकती है। राज्य में 29 अक्टूबर को बहुत भारी बारिश की संभावना जताई गई है।
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब ओडिशा पहले से ही मानसून के अंतिम चरण की बारिश से जूझ रहा है। अगले 72 से 96 घंटे तंत्र की दिशा और तीव्रता के लिहाज़ से निर्णायक होंगे। IMD का मार्ग पूर्वानुमान जारी है और सरकार स्थिति पर नज़दीकी निगरानी रख रही है। आपदा प्रबंधन विशेषज्ञों का कहना है कि जल्द चेतावनी और समय पर निकासी ही जनहानि रोकने का सबसे प्रभावी उपाय है।