ओडिशा में हीटवेव राहत केंद्र स्थापित करने पर विचार, मंत्री सुरेश पुजारी ने बताई पूरी योजना
सारांश
Key Takeaways
- ओडिशा के राजस्व मंत्री सुरेश पुजारी ने 28 अप्रैल को लू राहत केंद्र स्थापित करने की योजना की जानकारी दी।
- जिन क्षेत्रों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँचता है, वहाँ प्रमुख स्थानों पर केंद्र खोले जाएंगे।
- केंद्रों पर अस्थायी विश्राम, पीने का पानी और बुनियादी सुविधाएँ मिलेंगी।
- सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बाहरी कार्यों पर पहले से रोक लागू; खनन क्षेत्रों में स्प्रिंकलर के निर्देश।
- स्कूलों के समय में बदलाव और आंगनवाड़ी केंद्रों के संचालन में सुरक्षा उपाय लागू।
- अंतिम निर्णय के लिए शीघ्र विशेष बैठक आयोजित की जाएगी।
ओडिशा के राजस्व और आपदा प्रबंधन मंत्री सुरेश पुजारी ने मंगलवार, 28 अप्रैल को भुवनेश्वर में मीडिया से बातचीत के दौरान कहा कि राज्य सरकार गर्मियों में भीषण तापमान से जूझ रहे नागरिकों की सुरक्षा के लिए राज्यभर में समर्पित लू राहत केंद्र स्थापित करने पर गंभीरता से विचार कर रही है। यह पहल ओडिशा की व्यापक आपदा प्रबंधन रणनीति का हिस्सा होगी और इसी वर्ष से लागू करने का प्रयास किया जा रहा है।
क्या है प्रस्तावित योजना
मंत्री पुजारी ने बताया कि इन राहत केंद्रों को राज्य में पहले से मौजूद चक्रवात और बाढ़ आश्रय केंद्रों की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। जिन क्षेत्रों में तापमान लगभग 40 डिग्री सेल्सियस तक पहुँच जाता है, वहाँ प्रमुख स्थानों पर ये केंद्र खोले जाएंगे। उन्होंने कहा, ''हम इसे इसी वर्ष से लागू करने का प्रयास कर रहे हैं।'' इन केंद्रों पर भीषण गर्मी से प्रभावित लोगों — खासकर दोपहर के समय यात्रा करने वालों — के लिए अस्थायी विश्राम, पीने का पानी और बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध कराई जाएंगी।
निर्णय के लिए बैठक जल्द
मंत्री ने जानकारी दी कि इस प्रस्ताव पर अंतिम निर्णय लेने के लिए शीघ्र ही एक विशेष बैठक आयोजित की जाएगी। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि देश के कुछ अन्य हिस्सों में ऐसे केंद्र पहले से ही संचालित हैं और ओडिशा उनके अनुभव से सीख सकता है। यह पहल उच्च तापमान वाले क्षेत्रों में धीरे-धीरे विस्तारित की जाएगी।
पहले से लागू उपाय
राज्य सरकार ने हीटवेव से निपटने के लिए कई कदम पहले ही उठाए हैं। श्रमिकों को भीषण गर्मी से बचाने के लिए सुबह 11 बजे से दोपहर 3 बजे तक बाहरी कार्यों पर रोक लगाने के आदेश जारी किए जा चुके हैं। खनन क्षेत्रों में कार्यस्थलों को ठंडा रखने के लिए स्प्रिंकलर लगाने के निर्देश भी दिए गए हैं। इसके अलावा दोपहर में माल ढुलाई और अन्य गतिविधियों के समय में भी बदलाव किया जा रहा है।
बच्चों और स्कूलों पर विशेष ध्यान
पुजारी ने बताया कि स्कूलों को समय में बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं और आंगनवाड़ी केंद्रों का संचालन इस प्रकार किया जा रहा है कि हीटवेव के दौरान बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके। गौरतलब है कि ओडिशा अक्सर मानसून में बाढ़, चक्रवात और गर्मियों में भीषण गर्मी जैसी कई प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता है, इसलिए राज्य की आपदा तैयारी प्रणाली को मज़बूत बनाना प्राथमिकता में है।
आगे क्या होगा
मंत्री ने स्वीकार किया कि पूरे देश में तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है और राज्य सरकार इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है। यदि आगामी बैठक में लू राहत केंद्रों को मंज़ूरी मिलती है, तो यह ओडिशा को देश के उन राज्यों की श्रेणी में शामिल कर देगा जिन्होंने हीटवेव को एक संस्थागत आपदा के रूप में मान्यता देते हुए उसके लिए समर्पित बुनियादी ढाँचा तैयार किया है।