3 नवंबर 2026
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सेंसेक्स 1,225 अंक उछला, लगातार चौथे दिन तेजी; FMCG और रियल्टी ने बाजार को दी रफ्तार

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सेंसेक्स 1,225 अंक उछला, लगातार चौथे दिन तेजी; FMCG और रियल्टी ने बाजार को दी रफ्तार

सारांश

भारतीय शेयर बाजार में चार दिन से जारी तेजी सिर्फ मौसमी नहीं लगती — कच्चे तेल की गिरावट, अमेरिकी यील्ड में नरमी और FII की वापसी ने एक साथ असर दिखाया है। सेंसेक्स का 1,225 अंक का उछाल और FMCG-रियल्टी की अगुवाई बताती है कि बाजार में घरेलू खपत पर दाँव बढ़ रहा है।

मुख्य बातें

BSE सेंसेक्स 3 नवंबर 2026 को 1,225.07 अंक (1.62%) उछलकर 76,917.85 पर बंद हुआ।
NSE निफ्टी 50 ने 370.05 अंक (1.58%) की बढ़त के साथ 23,810.85 पर बंद किया।
यह लगातार चौथा कारोबारी सत्र है जब बाजार ने मजबूती दर्ज की।
निफ्टी FMCG (3.65%) , रियल्टी (2.33%) और कंज़म्पशन (2.29%) शीर्ष लाभार्थी सूचकांक रहे।
निफ्टी PSU बैंक -1.27% की गिरावट के साथ बाजार का सबसे कमजोर सेक्टर रहा।
कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और FII की वापसी तेजी के मुख्य कारण।

BSE सेंसेक्स मंगलवार, 3 नवंबर 2026 को 1,225.07 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की छलांग लगाकर 76,917.85 पर बंद हुआ — जो लगातार चौथे कारोबारी सत्र में बाजार की मजबूती को दर्शाता है। इसी के साथ NSE निफ्टी 50 भी 370.05 अंक या 1.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,810.85 पर बंद हुआ। कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में नरमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की वापसी ने इस तेजी को आधार दिया।

कौन-से सेक्टर रहे अगुवा

निफ्टी FMCG इस सत्र का सबसे बड़ा लाभार्थी रहा, जो 3.65 प्रतिशत चढ़ा। उसके बाद निफ्टी रियल्टी ने 2.33 प्रतिशत और निफ्टी कंज़म्पशन ने 2.29 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की। खपत और उपभोक्ता-आधारित क्षेत्रों की यह अगुवाई घरेलू माँग के प्रति निवेशकों के बढ़ते भरोसे को इंगित करती है।

निफ्टी प्राइवेट बैंक 1.98 प्रतिशत, निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज 1.84 प्रतिशत, निफ्टी ऑटो 1.71 प्रतिशत, निफ्टी सर्विसेज और निफ्टी इंडिया डिफेंस दोनों 1.33 प्रतिशत, निफ्टी इन्फ्रा 1.10 प्रतिशत तथा निफ्टी ऑयल एंड गैस 0.84 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।

कमजोर रहे ये सेक्टर

व्यापक तेजी के बावजूद कुछ सूचकांक दबाव में रहे। निफ्टी PSU बैंक सबसे अधिक -1.27 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुआ। इसके अलावा निफ्टी मेटल -0.14 प्रतिशत और निफ्टी एनर्जी -0.11 प्रतिशत की मामूली गिरावट पर बंद हुए।

मिडकैप और स्मॉलकैप में भी मजबूती

लार्जकैप के साथ-साथ व्यापक बाजार में भी खरीदारी देखने को मिली। निफ्टी मिडकैप 100 सूचकांक 612.85 अंक यानी 1.06 प्रतिशत की मजबूती के साथ 58,596.25 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 57.55 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की तेजी के साथ 18,652.85 पर रहा।

विशेषज्ञों की राय

बाजार विश्लेषकों के अनुसार, भारतीय इक्विटी बाजारों में सुधार के पीछे तीन मुख्य कारक हैं — कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी और FII की फिर से बढ़ती दिलचस्पी। दूसरी तिमाही के मजबूत कॉरपोरेट नतीजों ने घरेलू विकास के नजरिए पर निवेशकों का भरोसा और पुख्ता किया है।

यह ऐसे समय में आया है जब विदेशी निवेशकों ने लंबे समय की बिकवाली के बाद बाजार में वापसी की है, जिससे वित्तीय और उपभोग-आधारित सेक्टर में व्यापक भागीदारी बढ़ी है।

आगे क्या देखना होगा

विश्लेषकों का कहना है कि यह सुधार कितना टिकाऊ होगा, यह कंपनियों के निरंतर बेहतर नतीजों, FII के लगातार निवेश और तेल की कीमतों तथा वैश्विक यील्ड में नरमी बने रहने पर निर्भर करेगा। इसके अलावा, भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की आगामी नीतिगत दिशा भी बाजार के लिए अहम बाहरी कारक बनी रहेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन यह ध्यान देने योग्य है कि इस उछाल का नेतृत्व FMCG और रियल्टी जैसे घरेलू-माँग आधारित सेक्टर कर रहे हैं — न कि IT या निर्यात-आधारित उद्योग, जो वैश्विक अनिश्चितता के बीच दबाव में हैं। FII की वापसी स्वागत योग्य है, लेकिन यह वैश्विक मैक्रो कारकों — खासकर अमेरिकी फेड की नीतिगत दिशा और भू-राजनीतिक तनाव — पर टिकी है, जो किसी भी वक्त पलट सकते हैं। PSU बैंकों की कमजोरी संकेत देती है कि बाजार की यह तेजी अभी समग्र नहीं है। असली परीक्षण तब होगी जब तिमाही नतीजों का मौसम खत्म होने के बाद भी यह गति बनी रहे।
RashtraPress
3 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

3 नवंबर 2026 को सेंसेक्स और निफ्टी कहाँ बंद हुए?
3 नवंबर 2026 को BSE सेंसेक्स 1,225.07 अंक यानी 1.62 प्रतिशत की तेजी के साथ 76,917.85 पर बंद हुआ। NSE निफ्टी 50 ने 370.05 अंक या 1.58 प्रतिशत की बढ़त के साथ 23,810.85 का स्तर हासिल किया।
शेयर बाजार में लगातार चौथे दिन तेजी के क्या कारण हैं?
बाजार विश्लेषकों के अनुसार कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट, अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में कमी और विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की फिर से बढ़ती खरीदारी इस तेजी के मुख्य कारण हैं। दूसरी तिमाही के मजबूत कॉरपोरेट नतीजों ने भी बाजार की धारणा को मजबूत किया है।
आज के कारोबार में कौन-से सेक्टर सबसे ज्यादा चढ़े?
निफ्टी FMCG 3.65 प्रतिशत की बढ़त के साथ शीर्ष पर रहा। इसके बाद निफ्टी रियल्टी 2.33 प्रतिशत और निफ्टी कंज़म्पशन 2.29 प्रतिशत की तेजी के साथ दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे।
क्या मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी तेजी आई?
हाँ, निफ्टी मिडकैप 100 इंडेक्स 612.85 अंक यानी 1.06 प्रतिशत की मजबूती के साथ 58,596.25 पर बंद हुआ। निफ्टी स्मॉलकैप 100 ने भी 57.55 अंक यानी 0.31 प्रतिशत की बढ़त दर्ज की।
क्या यह बाजार तेजी आगे भी बनी रहेगी?
विश्लेषकों के अनुसार यह इस बात पर निर्भर करेगा कि कंपनियों के नतीजे अच्छे रहते हैं या नहीं, FII की खरीदारी जारी रहती है और तेल की कीमतें व वैश्विक यील्ड नरम बनी रहती हैं। भू-राजनीतिक घटनाक्रम और अमेरिकी फेडरल रिजर्व की नीतिगत दिशा भी बाजार के लिए महत्वपूर्ण बाहरी कारक बने रहेंगे।
राष्ट्र प्रेस
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