26 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली के हर्ष विहार में स्लैब गिरने से 2 की मौत, NDRF-दमकल ने चलाया रातभर रेस्क्यू अभियान

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली के हर्ष विहार में स्लैब गिरने से 2 की मौत, NDRF-दमकल ने चलाया रातभर रेस्क्यू अभियान

सारांश

दिल्ली के हर्ष विहार में पुराने मकान पर नई मंजिल चढ़ाने के दौरान स्लैब ढह गई — 2 की मौत। यह अक्टूबर में दिल्ली में इमारत गिरने की तीसरी बड़ी घटना है, जो राजधानी में अनधिकृत निर्माण पर गहरे सवाल खड़े करती है।

मुख्य बातें

हर्ष विहार के मिलन गार्डन में 26 अक्टूबर 2026 को शाम 6:40 बजे स्लैब गिरने से 2 लोगों की मौत ।
पुराने मकान पर नई मंजिल के निर्माण के दौरान पुरानी छत ढही, नई स्लैब भी गिरी।
NDRF , दिल्ली फायर सर्विस (2 गाड़ियाँ) और सिविल डिफेंस ने रातभर बचाव अभियान चलाया।
दिल्ली कैबिनेट मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद ने घटनास्थल का दौरा किया।
अक्टूबर में दिल्ली में इमारत हादसों की यह तीसरी बड़ी घटना — इससे पहले सीमापुरी में 1 बच्चे की मौत और सत्य निकेतन में 7 की जान गई थी।

उत्तर-पूर्वी दिल्ली के हर्ष विहार इलाके में 26 अक्टूबर 2026 को एक निर्माणाधीन इमारत की स्लैब ढहने से 2 लोगों की मौत हो गई। दोनों पीड़ितों को मलबे से निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटनाक्रम: कैसे हुआ हादसा

दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अनुसार, यह दुर्घटना हर्ष विहार थाना क्षेत्र के अंतर्गत मिलन गार्डन में रविवार शाम 6 बजकर 40 मिनट पर हुई। घटनास्थल पर एक पुराने मकान के ऊपर नई मंजिल जोड़ने का काम चल रहा था। निर्माण कार्य के दौरान पुरानी छत का एक हिस्सा अचानक भरभराकर गिर गया, जिससे उस पर डाली जा रही नई स्लैब भी धराशायी हो गई और दोनों व्यक्ति मलबे के नीचे दब गए।

बचाव अभियान

सूचना मिलते ही दिल्ली पुलिस और दिल्ली फायर सर्विस की टीमें मौके पर पहुँचीं। राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और सिविल डिफेंस के जवानों ने भी बचाव कार्य में हाथ बँटाया। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी और उपकरणों का उपयोग किया गया। DFS ने घटनास्थल पर 2 दमकल गाड़ियाँ तत्काल रवाना कीं। बचाव दल रातभर काम करते रहे, जबकि अधिकारी हादसे के कारणों की जाँच में जुटे।

सरकार की प्रतिक्रिया

दिल्ली कैबिनेट के मंत्री कपिल मिश्रा और आशीष सूद ने घटनास्थल का दौरा किया। दोनों मंत्रियों ने स्थिति का जायजा लिया और बचाव दलों से अभियान की प्रगति की जानकारी ली। पीड़ितों की पहचान तथा हादसे से जुड़े अन्य विवरण की आधिकारिक पुष्टि अभी बाकी है।

दिल्ली में बढ़ती इमारत-दुर्घटनाओं का सिलसिला

गौरतलब है कि यह हर्ष विहार का हादसा दिल्ली में इमारत ढहने की ताज़ा घटना है। इसी अक्टूबर में उत्तरी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में एक बहुमंजिला इमारत का हिस्सा गिरा था — उस रेस्क्यू अभियान में 7 लोगों को सुरक्षित निकाला गया, लेकिन एक बच्चे की मौत हो गई थी। इससे लगभग एक महीने पहले सत्य निकेतन इलाके में एक पाँच मंजिला इमारत धराशायी हुई थी, जिसमें पाँच छात्रों समेत सात लोगों की जान गई थी।

आगे क्या

अधिकारियों के अनुसार हादसे के कारणों की विस्तृत जाँच जारी है। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में अनधिकृत निर्माण और पुरानी इमारतों में अवैध परिवर्धन को लेकर सवाल उठ रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि बिना उचित संरचनात्मक जाँच के पुरानी इमारतों पर नई मंजिलें चढ़ाना जानलेवा साबित हो सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दिल्ली में अनधिकृत निर्माण की व्यापक समस्या का लक्षण है। एक महीने में तीन बड़े हादसे — सत्य निकेतन, सीमापुरी और अब हर्ष विहार — यह साफ संकेत देते हैं कि नगर निकायों की संरचनात्मक निगरानी व्यवस्था या तो काम नहीं कर रही या उसे नज़रअंदाज़ किया जा रहा है। पुराने ढाँचों पर बिना इंजीनियरिंग मूल्यांकन के नई मंजिलें चढ़ाना दिल्ली में आम है, लेकिन इस पर कार्रवाई अब तक सिर्फ हादसे के बाद होती दिखती है। सवाल यह है कि राजनीतिक दौरे और बचाव प्रशंसा के बाद जवाबदेही और निर्माण नियमों की सख्त पालना कब सुनिश्चित होगी।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली के हर्ष विहार में इमारत हादसा कब और कैसे हुआ?
यह हादसा 26 अक्टूबर 2026 को शाम 6 बजकर 40 मिनट पर हर्ष विहार थाना क्षेत्र के मिलन गार्डन में हुआ। एक पुराने मकान पर नई मंजिल बनाने के दौरान पुरानी छत का हिस्सा ढह गया, जिससे उस पर डाली जा रही नई स्लैब भी गिर गई और 2 लोग मलबे में दब गए।
हर्ष विहार हादसे में कितने लोगों की मौत हुई?
इस हादसे में 2 लोगों की मौत हुई। मलबे में दबे दोनों पीड़ितों को बाहर निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
हर्ष विहार बचाव अभियान में कौन-कौन सी एजेंसियाँ शामिल थीं?
बचाव अभियान में दिल्ली पुलिस, दिल्ली फायर सर्विस (DFS), राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (NDRF) और सिविल डिफेंस के जवान शामिल हुए। मलबा हटाने के लिए भारी मशीनरी का भी उपयोग किया गया और बचाव दल रातभर काम करते रहे।
अक्टूबर 2026 में दिल्ली में इमारत गिरने की और कौन-सी बड़ी घटनाएँ हुई हैं?
इसी अक्टूबर में उत्तरी दिल्ली के सीमापुरी में एक बहुमंजिला इमारत का हिस्सा गिरा था, जिसमें 1 बच्चे की मौत हुई और 7 लोगों को बचाया गया। उससे लगभग एक महीने पहले सत्य निकेतन में पाँच मंजिला इमारत ढहने से 5 छात्रों समेत 7 लोगों की जान गई थी।
दिल्ली में इमारतें बार-बार क्यों गिर रही हैं?
विशेषज्ञों के अनुसार, पुरानी इमारतों पर बिना उचित संरचनात्मक जाँच के नई मंजिलें जोड़ना इन हादसों का प्रमुख कारण है। अनधिकृत निर्माण और नगर निकायों की ढीली निगरानी को इसके लिए जिम्मेदार माना जाता है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 महीने पहले
  2. 4 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 4 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 4 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 1 साल पहले