भाजपा तेलंगाना अध्यक्ष रामचंद्र राव का आरोप: 1 नवंबर की कांग्रेस रैली का मकसद अराजकता फैलाना
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) की तेलंगाना इकाई के अध्यक्ष रामचंद्र राव ने 26 अक्टूबर 2026 को हैदराबाद में कांग्रेस की 1 नवंबर को प्रस्तावित नई दिल्ली रैली पर कड़ा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस रैली का एकमात्र उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की छवि को नुकसान पहुँचाना और देश में अराजकता का माहौल बनाना है।
भाजपा नेता के मुख्य आरोप
रामचंद्र राव ने कहा, 'कांग्रेस पार्टी 1 नवंबर को दिल्ली में जो रैली कर रही है, उसका मकसद सिर्फ लोगों का ध्यान उस अच्छी छवि से हटाना है, जो प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की बनी हुई है और उन अच्छे कामों से हटाना है जो प्रधानमंत्री मोदी कर रहे हैं। कांग्रेस पार्टी संवैधानिक पदों, सरकार और खुद भारत के खिलाफ एक नैरेटिव बना रही है।'
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि यह रैली उन लोगों और संगठनों से प्रेरित है जो कथित तौर पर भारत के विरोधी देशों से जुड़े हैं। राव के अनुसार, कुछ 'देश-विरोधी ताकतों' द्वारा प्रेरित यह आयोजन लोकतंत्र के लिए हानिकारक है।
विपक्ष की भूमिका पर सवाल
राव ने कांग्रेस पर जनता की समस्याओं को नज़रअंदाज़ करने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि विपक्ष में रहते हुए कांग्रेस लोगों की बुनियादी समस्याओं को सुलझाने की बजाय 'झूठे नैरेटिव' के ज़रिए सरकार के कामकाज को नकारने में लगी है।
गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस ने राष्ट्रीय स्तर पर विपक्षी एकजुटता के प्रयास तेज़ किए हैं और 1 नवंबर की रैली को एक बड़े राजनीतिक संदेश के रूप में प्रस्तुत करने की कोशिश की जा रही है।
तेलंगाना के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर निशाना
तेलंगाना भाजपा अध्यक्ष ने राज्य के मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी पर भी हमला बोला। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भी 15,000 लोगों के साथ इस रैली में शामिल हो रहे हैं। यह बिल्कुल वैसा ही है जैसे 'जब रोम जल रहा था, तब नीरो बंसी बजा रहा था'।'
राव के अनुसार, तेलंगाना में किसान और आम नागरिक बिजली और पानी की भारी कमी से जूझ रहे हैं, फसलें बर्बाद हो रही हैं — और ऐसे संकट के बीच मुख्यमंत्री 15,000 समर्थकों को लेकर दिल्ली रैली में शामिल होने जा रहे हैं।
राजनीतिक संदर्भ
यह ऐसे समय में आया है जब तेलंगाना में BJP और कांग्रेस के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर लगातार तेज़ हो रहा है। कांग्रेस ने फिलहाल इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है।
1 नवंबर की रैली से पहले राजनीतिक तापमान और बढ़ने की संभावना है, और आने वाले दिनों में दोनों दलों के बीच यह जुबानी जंग और तीखी हो सकती है।