लोधी रोड पर दयानंद श्मशान घाट की दीवार ढही, एक मजदूर की मौत; दो घायल
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के लोधी रोड स्थित दयानंद श्मशान घाट की परिसर दीवार 5 जून की रात सीवर लाइन बिछाने के दौरान चल रही खुदाई के कारण अचानक ढह गई, जिससे तीन मजदूर मलबे के नीचे दब गए। हादसे में एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य घायल हुए, जिनका अस्पताल में उपचार जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार यह हादसा रात करीब 1 बजे हुआ, जब मजदूर श्मशान घाट के निकट नाली खोदने का काम कर रहे थे। खुदाई के दौरान दीवार का आधार कमजोर पड़ गया और वह अचानक ढह गई, जिससे मौके पर अफरातफरी मच गई।
प्रत्यक्षदर्शी भगवान दास ने बताया कि मजदूर काम में लगे हुए थे, तभी बिना किसी पूर्व चेतावनी के दीवार गिर पड़ी। उन्होंने कहा कि पुलिस करीब 20 मिनट में मौके पर पहुँची और मलबे में दबे पीड़ितों को बाहर निकाला।
बचाव अभियान
दिल्ली फायर सर्विस (DFS) के अधिकारियों ने पुष्टि की कि पाइपलाइन बिछाने के काम के दौरान दीवार गिरने से तीन मजदूर मलबे में दब गए थे। बचाव दलों को तत्काल घटनास्थल पर भेजा गया। रात में मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीनें भी लगाई गईं।
जाँच शुरू
पुलिस ने दीवार गिरने के वास्तविक कारणों का पता लगाने और यह जाँचने के लिए जाँच शुरू कर दी है कि क्या सुरक्षा मानकों में कोई चूक या लापरवाही इस हादसे की वजह बनी। कथित तौर पर निर्माण स्थल पर सुरक्षा उपायों की पर्याप्तता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
एक दिन पहले भी हुआ था बड़ा हादसा
यह घटना इलाके में निर्माण कार्य से जुड़े एक अन्य बड़े हादसे के ठीक एक दिन बाद हुई। इससे पहले गुरुवार को जेवर में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट को फरीदाबाद से जोड़ने वाले एक निर्माणाधीन फ्लाईओवर पर भारी क्रेन पलट गई, जिसमें कम से कम दो मजदूरों की मौत हो गई और कई अन्य के फँसे होने की आशंका जताई गई।
वह हादसा फरीदाबाद के पन्हेरा खुर्द के पास हुआ, जहाँ ग्रीन कॉरिडोर प्रोजेक्ट के तहत जेवर एयरपोर्ट फ्लाईओवर का निर्माण कार्य चल रहा था। अधिकारियों के अनुसार एक गर्डर उठाते समय क्रेन का संतुलन बिगड़ा और वह पलट गई। दो बड़े हादसे लगातार दो दिनों में होना निर्माण स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।