21 अगस्त 2026
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करोल बाग में अवैध तोड़फोड़ से दो मंजिला इमारत ढही, मजदूर शेख शमशाद की मौत; तीन घायल

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करोल बाग में अवैध तोड़फोड़ से दो मंजिला इमारत ढही, मजदूर शेख शमशाद की मौत; तीन घायल

सारांश

दिल्ली के करोल बाग में बिना अनुमति और सुरक्षा उपायों के की जा रही तोड़फोड़ के दौरान दो मंजिला इमारत ढह गई। एक मजदूर की मौत और तीन घायल। मालिक व ठेकेदार हिरासत में, पुलिस जाँच जारी।

मुख्य बातें

21 अगस्त 2026 को सुबह 11:15 बजे करोल बाग के रेगरपुरा, प्यारे लाल रोड पर दो मंजिला इमारत ढह गई।
मजदूर शेख शमशाद की मलबे में दबकर मौत; शव LHMC अस्पताल मोर्चरी में।
अयूब गंभीर रूप से घायल, RML अस्पताल में भर्ती; हालत नाज़ुक।
इमारत बिना किसी सरकारी अनुमति और सुरक्षा उपायों के प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर द्वारा गिराई जा रही थी।
इमारत के मालिक और कॉन्ट्रैक्टर पूछताछ के लिए पुलिस हिरासत में; उचित धाराओं में कार्रवाई प्रस्तावित।

नई दिल्ली के करोल बाग स्थित रेगरपुरा इलाके में 21 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:15 बजे एक दो मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें मलबे में दबकर मजदूर शेख शमशाद की मौत हो गई और तीन अन्य मजदूर घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग नंबर 3512, प्यारे लाल रोड पर यह पुरानी इमारत बिना किसी सरकारी अनुमति और सुरक्षा उपायों के एक निजी ठेकेदार द्वारा गिराई जा रही थी।

हादसे का घटनाक्रम

इमारत के मालिकों द्वारा नियुक्त एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर तोड़फोड़ का काम कर रहा था। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि संबंधित एजेंसी से इमारत गिराने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। न ही कोई सुरक्षा घेरा बनाया गया था और न ही मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए गए थे। इसी लापरवाही के चलते काम के दौरान पूरा ढाँचा एकाएक ढह गया और वहाँ मौजूद मजदूर मलबे में दब गए।

हताहतों की स्थिति

इस हादसे में कुल चार मजदूर प्रभावित हुए। मजदूर शेख शमशाद की चोटों के कारण मौत हो गई और उनका शव लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC) अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया है। दूसरे मजदूर मो. अयूब को सिर में गंभीर चोट और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर आया है; उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल रेफर किया गया है जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। तीसरे मजदूर शेख सैदुल का उपचार जीवन माला अस्पताल में जारी है। चौथे मजदूर रफीक-उल को मामूली चोट आई और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।

बचाव अभियान

सूचना मिलते ही करोल बाग पुलिस स्टेशन की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। दिल्ली फायर सर्विस को भी बुलाया गया, जिसने मलबे में फँसे मजदूरों को बाहर निकालने में सहयोग किया। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में अवैध निर्माण और बिना अनुमति के तोड़फोड़ की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने इमारत के मालिकों और कॉन्ट्रैक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि और इमारत गिरने की परिस्थितियों का पूरा आकलन करने के बाद उचित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बिना अनुमति के इमारत गिराना और मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी करना कई कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है।

आगे क्या होगा

पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। हिरासत में लिए गए मालिकों और ठेकेदार के विरुद्ध लापरवाही से मौत और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की संभावना है। घायल मजदूर मो. अयूब की हालत पर नज़र रखी जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में अवैध तोड़फोड़ पर नियामक निगरानी की कमी को उजागर किया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि दिल्ली में अवैध तोड़फोड़ की उस लंबी कड़ी का हिस्सा है जिसमें बार-बार मजदूरों की जान जाती है और जवाबदेही सिमटकर 'हिरासत और जाँच' तक रह जाती है। बिना अनुमति, बिना सुरक्षा उपकरण और बिना किसी निगरानी के तोड़फोड़ का यह काम इस बात की गवाही देता है कि नगर निकाय की प्रवर्तन व्यवस्था ज़मीन पर कितनी खोखली है। असली सवाल यह है कि क्या मालिकों और ठेकेदार पर केवल लापरवाही की धाराएँ लगेंगी, या मृत मजदूर के परिवार को न्याय दिलाने वाली कड़ी कार्रवाई भी होगी।
RashtraPress
21 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

करोल बाग में इमारत क्यों गिरी?
पुलिस के अनुसार, इमारत को बिना किसी सरकारी अनुमति और सुरक्षा उपायों के एक निजी ठेकेदार द्वारा अवैध तरीके से गिराया जा रहा था, जिसके चलते पूरा ढाँचा अचानक ढह गया। शुरुआती जाँच में अनुमति न लेना और लापरवाही मुख्य कारण सामने आए हैं।
हादसे में कितने मजदूर प्रभावित हुए और उनकी क्या स्थिति है?
कुल चार मजदूर प्रभावित हुए। शेख शमशाद की मौत हो गई; मो. अयूब गंभीर रूप से घायल हैं और RML अस्पताल में भर्ती हैं; शेख सैदुल का जीवन माला अस्पताल में इलाज चल रहा है; और रफीक-उल को मामूली चोट आई जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
पुलिस ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
पुलिस ने इमारत के मालिकों और कॉन्ट्रैक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। तथ्यों की पुष्टि के बाद उचित कानूनी धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
घटनास्थल पर बचाव कार्य कैसे हुआ?
सूचना मिलते ही करोल बाग पुलिस स्टेशन की टीम मौके पर पहुँची और दिल्ली फायर सर्विस को भी बुलाया गया। दोनों एजेंसियों ने मिलकर मलबे में फँसे मजदूरों को बाहर निकाला।
क्या इमारत गिराने के लिए कोई अनुमति ली गई थी?
नहीं। पुलिस के अनुसार संबंधित एजेंसी से इमारत गिराने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी और न ही कोई सुरक्षा उपाय किए गए थे, जो इसे पूरी तरह अवैध तोड़फोड़ बनाता है।
राष्ट्र प्रेस
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