करोल बाग में अवैध तोड़फोड़ से दो मंजिला इमारत ढही, मजदूर शेख शमशाद की मौत; तीन घायल
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के करोल बाग स्थित रेगरपुरा इलाके में 21 अगस्त 2026 को सुबह करीब 11:15 बजे एक दो मंजिला इमारत अचानक भरभराकर गिर गई, जिसमें मलबे में दबकर मजदूर शेख शमशाद की मौत हो गई और तीन अन्य मजदूर घायल हो गए। पुलिस के अनुसार, बिल्डिंग नंबर 3512, प्यारे लाल रोड पर यह पुरानी इमारत बिना किसी सरकारी अनुमति और सुरक्षा उपायों के एक निजी ठेकेदार द्वारा गिराई जा रही थी।
हादसे का घटनाक्रम
इमारत के मालिकों द्वारा नियुक्त एक प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर तोड़फोड़ का काम कर रहा था। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि संबंधित एजेंसी से इमारत गिराने की कोई अनुमति नहीं ली गई थी। न ही कोई सुरक्षा घेरा बनाया गया था और न ही मजदूरों को पर्याप्त सुरक्षा उपकरण दिए गए थे। इसी लापरवाही के चलते काम के दौरान पूरा ढाँचा एकाएक ढह गया और वहाँ मौजूद मजदूर मलबे में दब गए।
हताहतों की स्थिति
इस हादसे में कुल चार मजदूर प्रभावित हुए। मजदूर शेख शमशाद की चोटों के कारण मौत हो गई और उनका शव लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज (LHMC) अस्पताल की मोर्चरी में भेजा गया है। दूसरे मजदूर मो. अयूब को सिर में गंभीर चोट और दाहिने हाथ में फ्रैक्चर आया है; उन्हें डॉ. राम मनोहर लोहिया (RML) अस्पताल रेफर किया गया है जहाँ उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। तीसरे मजदूर शेख सैदुल का उपचार जीवन माला अस्पताल में जारी है। चौथे मजदूर रफीक-उल को मामूली चोट आई और प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें घर भेज दिया गया।
बचाव अभियान
सूचना मिलते ही करोल बाग पुलिस स्टेशन की टीम तत्काल मौके पर पहुँची और राहत-बचाव कार्य शुरू किया। दिल्ली फायर सर्विस को भी बुलाया गया, जिसने मलबे में फँसे मजदूरों को बाहर निकालने में सहयोग किया। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली में अवैध निर्माण और बिना अनुमति के तोड़फोड़ की घटनाएँ लगातार चिंता का विषय बनी हुई हैं।
कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने इमारत के मालिकों और कॉन्ट्रैक्टर को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। पुलिस का कहना है कि तथ्यों की पुष्टि और इमारत गिरने की परिस्थितियों का पूरा आकलन करने के बाद उचित धाराओं के तहत विधिक कार्रवाई की जाएगी। गौरतलब है कि बिना अनुमति के इमारत गिराना और मजदूरों की सुरक्षा की अनदेखी करना कई कानूनों के तहत दंडनीय अपराध है।
आगे क्या होगा
पुलिस मामले की विस्तृत जाँच कर रही है। हिरासत में लिए गए मालिकों और ठेकेदार के विरुद्ध लापरवाही से मौत और अन्य संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज होने की संभावना है। घायल मजदूर मो. अयूब की हालत पर नज़र रखी जा रही है। इस हादसे ने एक बार फिर राजधानी में अवैध तोड़फोड़ पर नियामक निगरानी की कमी को उजागर किया है।