हैदराबाद बिल्डिंग हादसा: इमारत मालिक सैयद साजिद एयरपोर्ट से गिरफ्तार, कॉन्ट्रैक्टर फरार
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के गाचीबोवली में निर्माणाधीन इमारत ढहने से दो प्रवासी श्रमिकों की मौत के मामले में साइबराबाद पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए इमारत के मालिक सैयद साजिद को हैदराबाद इंटरनेशनल एयरपोर्ट से गिरफ्तार किया है। आरोपी देश छोड़कर भागने की फिराक में था। अब पुलिस इस मामले के दूसरे आरोपी, कॉन्ट्रैक्टर ख्वाजा मोइनुद्दीन की तलाश में जुटी है।
हादसे का मुख्य घटनाक्रम
गाचीबोवली के अंजैया नगर में बन रही यह इमारत शनिवार को अचानक ढह गई थी। इस दुर्घटना में उमेश खरे और मोपथ नामक दो प्रवासी श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए। हादसे में पास की एक इमारत को भी नुकसान पहुँचा था, जिसके मालिक की शिकायत पर रायदुर्गम पुलिस स्टेशन में साजिद और ख्वाजा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
नियमों का घोर उल्लंघन
जाँच में सामने आया कि सैयद साजिद और ख्वाजा मोइनुद्दीन ने साइबराबाद म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (CMC) से किसी भी प्रकार की मंजूरी लिए बिना इमारत का निर्माण शुरू कर दिया था। आरोपियों के पास मात्र 38 वर्ग गज ज़मीन थी, फिर भी उन्होंने 50 वर्ग गज के प्लॉट पर सात मंजिला इमारत खड़ी कर दी। इसके लिए उन्होंने बगल के नाले की 10 वर्ग गज ज़मीन पर अवैध रूप से कब्जा किया था।
प्रशासन की कार्रवाई
एक संयुक्त अभियान में साइबराबाद सिविक बॉडी और हैदराबाद डिजास्टर मैनेजमेंट एंड एसेट प्रोटेक्शन एजेंसी (HYDRAA) ने उस क्षतिग्रस्त अपार्टमेंट कॉम्प्लेक्स को भी ध्वस्त कर दिया, जो हादसे में बुरी तरह प्रभावित हुई थी। CMC अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इमारत बिना वैध परमिट के बनाई गई थी और इससे सार्वजनिक सुरक्षा को गंभीर खतरा था।
अधिकारी निलंबित, सख्त निर्देश जारी
CMC कमिश्नर जी. श्रीजना ने रविवार को अवैध निर्माण के खिलाफ समय पर कार्रवाई न करने के लिए एक टाउन प्लानिंग अधिकारी को निलंबित कर दिया। उन्होंने टाउन प्लानिंग विभाग को तत्काल निर्देश दिए कि सभी अनधिकृत निर्माणों की पहचान की जाए और जो ढाँचे सार्वजनिक सुरक्षा के लिए खतरनाक हों, उन्हें बिना देरी के गिरा दिया जाए।
आगे की जाँच
पुलिस के अनुसार, इस मामले की जाँच अभी जारी है और फरार कॉन्ट्रैक्टर ख्वाजा मोइनुद्दीन की गिरफ्तारी के लिए सघन तलाशी अभियान चलाया जा रहा है। यह घटना शहरी निर्माण क्षेत्र में अवैध और असुरक्षित निर्माण की बढ़ती समस्या की ओर ध्यान दिलाती है, जिससे निर्माण स्थलों पर काम करने वाले श्रमिकों की जान लगातार खतरे में पड़ती रहती है।