साकेत बिल्डिंग हादसा: 6 मौतों के मामले में 71 वर्षीय मकान मालिक करमबीर सेजवाल को तीन दिन की पुलिस हिरासत
सारांश
मुख्य बातें
दक्षिण दिल्ली के साकेत मेट्रो स्टेशन के पास सैदुलादाब इलाके में पाँच मंजिला इमारत गिरने से छह लोगों की मौत के मामले में साकेत कोर्ट ने मंगलवार को 71 वर्षीय मकान मालिक करमबीर सेजवाल को तीन दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया। यह कार्रवाई रविवार शाम हुए उस हादसे के बाद हुई है, जिसमें गिरी इमारत पास की एक कैंटीन पर जा गिरी थी, जहाँ कई लोग खाना खा रहे थे।
कोर्ट में क्या हुआ
दिल्ली पुलिस ने सेजवाल की पाँच दिन की हिरासत माँगी थी, लेकिन अदालत ने तीन दिन की रिमांड मंज़ूर की। पुलिस ने दलील दी कि वह इमारत के मालिक हैं और मालिकाना हक का रिकॉर्ड खंगालना ज़रूरी है। जाँच एजेंसी के अनुसार, मामले से जुड़े अन्य आरोपी अभी फरार हैं और पिछले बिल्डर ने भी कथित तौर पर अवैध निर्माण किया था, जिसकी जानकारी मकान मालिक को थी।
किस धारा में मामला दर्ज
सेजवाल के वकील के अनुसार, उनके मुवक्किल पर धारा 105 (गैर-इरादतन हत्या) के तहत मामला दर्ज किया गया है। वकील ने अदालत में यह भी कहा कि अभी तक कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया है। बचाव पक्ष का तर्क है कि जिस इलाके में यह इमारत खड़ी थी, वहाँ की ज़मीन और निर्माण की स्थिति पहले से ही कमज़ोर और जटिल रही है।
हादसे का घटनाक्रम
रविवार शाम सैदुलादाब में पाँच मंज़िला इमारत अचानक भरभराकर गिर पड़ी और सीधे बगल की कैंटीन पर आ गिरी। उस वक़्त कैंटीन में मौजूद लोग रात का भोजन कर रहे थे, जिसकी वजह से जान-माल का बड़ा नुक़सान हुआ। हादसे में छह लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।
आगे की जाँच
पुलिस फ़िलहाल हादसे के कारणों, कथित अवैध निर्माण और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जाँच कर रही है। अदालत ने जाँच एजेंसी को निर्देश दिया है कि वह तीन दिन के भीतर पूछताछ पूरी कर मामले की स्टेटस रिपोर्ट पेश करे। गौरतलब है कि दिल्ली में पुराने और अनधिकृत निर्माणों को लेकर यह हाल के दिनों की सबसे बड़ी जानलेवा घटनाओं में से एक है, और इसके बाद नगर निकायों की निगरानी व्यवस्था पर एक बार फिर सवाल उठने लगे हैं।