सीमापुरी इमारत हादसा: मृतकों की संख्या 4 हुई, मलबे से मानव अवशेष बरामद; DNA जाँच के आदेश
सारांश
मुख्य बातें
पूर्वी दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार, 8 अक्टूबर 2026 को पाँच मंजिला इमारत ढहने की घटना में मृतकों की संख्या बढ़कर चार हो गई है। मारे गए लोगों की पहचान 21 वर्षीया गुलाफ्शा, 56 वर्षीया हजा बीबी, 33 वर्षीया नूसरा और 3-4 वर्ष के एक अज्ञात बच्चे के रूप में हुई है। बच्चे की पहचान अभी तक स्थापित नहीं हो सकी है।
मलबे से मिले मानव अवशेष, DNA जाँच के आदेश
दिल्ली पुलिस के अनुसार, राहत और बचाव अभियान के दौरान मलबे से शरीर के कुछ टुकड़े और अन्य मानव अवशेष भी बरामद किए गए हैं। इन अवशेषों की पहचान फिलहाल नहीं हो पाई है, इसलिए अधिकारियों ने DNA जाँच के आदेश दिए हैं। फोरेंसिक विशेषज्ञों की एक टीम मामले की जाँच में जुटी हुई है।
FIR दर्ज, जाँच जारी
घटना के संबंध में सीमापुरी थाने में 8 अक्टूबर 2026 को संबंधित कानूनी धाराओं के तहत प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इमारत ढहने के कारणों की पड़ताल कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि मौके पर चलाया गया बचाव अभियान पूरा हो चुका है और कुल सात लोगों को मलबे से सुरक्षित निकाला गया।
इमारत कब और कैसे गिरी
नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के ज़िला मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने पत्रकारों को बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार इमारत दोपहर 3 से 3:15 बजे के बीच गिरी। उन्होंने कहा, 'हमें 3:25 बजे कॉल मिली, जिसमें लोकेशन और वीडियो की जानकारी भी थी।' अजय कुमार ज़िला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के प्रभारी भी हैं।
NDRF और DDMA ने संभाला मोर्चा
ज़िला मजिस्ट्रेट के अनुसार, घटना की सूचना मिलते ही DDMA और राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल (NDRF) के अधिकारियों को तुरंत मौके पर बुलाया गया। शाहदरा के डिप्टी कमिश्नर ऑफ पुलिस (DCP) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने पुष्टि की कि अब तक सात लोगों को बचाया जा चुका है।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि दिल्ली में अनाधिकृत निर्माण और पुरानी जर्जर इमारतों का मसला लंबे समय से प्रशासनिक चिंता का विषय रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इमारत ढहने के कारणों — जिनमें संभावित अवैध निर्माण या संरचनात्मक खामियाँ शामिल हो सकती हैं — की जाँच जारी है। मलबे से मिले अवशेषों की फोरेंसिक जाँच रिपोर्ट आने के बाद मृतकों की कुल संख्या में बदलाव भी संभव है।