दिल्ली के सीमापुरी में इमारत का हिस्सा ढहा, कई लोगों के मलबे में दबे होने की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के सीमापुरी इलाके में बुधवार, 7 अक्टूबर 2026 को एक बहुमंजिला इमारत का एक हिस्सा अचानक गिर गया, जिससे कई लोगों के मलबे के नीचे दबे होने की आशंका जताई जा रही है। दिल्ली अग्निशमन सेवा ने घटनास्थल पर तत्काल दो दमकल वाहन रवाना किए और बचाव कार्य शुरू किया गया।
मुख्य घटनाक्रम
दिल्ली यातायात पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए जानकारी दी कि सीमापुरी में बहुमंजिला इमारत गिरने की घटना हुई है और बचाव दल मौके पर सक्रिय हैं। पुलिस ने बताया कि सीमापुरी गोल चक्कर, डीएलएफ भोपुरा और आसपास की सड़कों पर यातायात बाधित हो गया है।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि संभव हो तो इस क्षेत्र से बचें। घटनास्थल के पास न रुकें, न वाहन पार्क करें और न भीड़ लगाएँ, ताकि एम्बुलेंस व बचाव वाहन खाली लेन से तेज़ी से आगे बढ़ सकें। यातायात कर्मियों के निर्देशों का पालन करने की भी अपील की गई है।
पृष्ठभूमि: सत्य निकेतन हादसे की परछाईं
यह घटना राष्ट्रीय राजधानी के सत्य निकेतन इलाके में करीब एक महीने पहले हुए इमारत हादसे की पृष्ठभूमि में सामने आई है। उस हादसे में एक पेइंग गेस्ट आवास के रूप में इस्तेमाल हो रही बहुमंजिला इमारत ढह गई थी, जिसमें पाँच छात्रों सहित सात लोगों की जान गई थी।
गौरतलब है कि सत्य निकेतन त्रासदी के बाद सर्वोच्च न्यायालय ने देशभर के अधिकारियों को अनधिकृत निर्माणों पर अपने पूर्व आदेशों के अनुपालन में उठाए गए कदमों पर हलफनामे दाखिल करने का निर्देश दिया था।
सुप्रीम कोर्ट और हाई कोर्ट की भूमिका
न्यायमूर्ति अहसानुद्दीन अमानुल्लाह और न्यायमूर्ति आर. महादेवन की पीठ ने एमिकस क्यूरी अजीत कुमार सिन्हा के सुझाव को स्वीकार करते हुए अधिकारियों को सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व आदेशों के अनुसार की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया।
पीठ को यह भी बताया गया कि दिल्ली उच्च न्यायालय ने सत्य निकेतन मामले से जुड़ी एक जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए 7 सितंबर को दिल्ली नगर निगम (MCD) को रिपोर्ट सौंपने का निर्देश दिया था और अगली सुनवाई 25 सितंबर को तय की थी। सर्वोच्च न्यायालय ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल उच्च न्यायालय में चल रही कार्यवाही में कोई बदलाव नहीं करेगा और उच्च न्यायालय से अनुरोध किया कि वह समय-समय पर उस जनहित याचिका की निगरानी करे।
निरीक्षण की स्थिति
एमिकस क्यूरी ने सर्वोच्च न्यायालय को बताया कि दिल्ली में लाजपत नगर, मालवीय नगर, साकेत और सरोजिनी नगर तथा लखनऊ में अलीगंज में सर्वोच्च न्यायालय के पूर्व निर्देशों के अंतर्गत निरीक्षण पहले ही किए जा चुके हैं। सत्य निकेतन घटना से जुड़े मुद्दे अधिकारियों की रिपोर्टों में पहले ही शामिल किए जा चुके हैं।
आगे क्या होगा
सीमापुरी में बचाव अभियान जारी है और प्रभावित लोगों की संख्या की आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है। यह घटना इस बात की ओर ध्यान खींचती है कि राजधानी में अनधिकृत और जर्जर निर्माणों पर नकेल कसने के लिए न्यायिक निगरानी और प्रशासनिक कार्रवाई का दबाव लगातार बना हुआ है।