सीमापुरी इमारत हादसा: पाँच मंजिला इमारत गिरने से एक बच्चे की मौत, सात लोग बचाए गए
सारांश
मुख्य बातें
नई दिल्ली के सीमापुरी इलाके में 7 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 3 से 3:15 बजे के बीच एक पाँच मंजिला इमारत अचानक ढह गई, जिसमें कम से कम एक बच्चे की मौत हो गई और सात लोगों को सुरक्षित बचा लिया गया। मलबे में अभी भी कई लोगों के दबे होने की आशंका है और बचाव अभियान जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
शाहदरा के उप पुलिस आयुक्त (DCP) राजेंद्र प्रसाद मीणा ने पुष्टि की कि अब तक सात लोगों को मलबे से बाहर निकाला जा चुका है। नॉर्थ ईस्ट दिल्ली के जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार — जो जिला आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (DDMA) के प्रभारी भी हैं — ने बताया कि प्रशासन को दोपहर 3:25 बजे पहली सूचना मिली, जिसमें स्थान की जानकारी और वीडियो फुटेज भी थी।
अजय कुमार के अनुसार, सूचना मिलते ही DDMA और NDRF के अधिकारियों व कर्मचारियों को तत्काल मौके पर बुलाया गया। SDM, पुलिसकर्मी और MCD अधिकारी भी शीघ्र घटनास्थल पर पहुँचे।
फंसे लोगों की स्थिति
जिला मजिस्ट्रेट अजय कुमार ने बताया कि इमारत सड़क पर गिरी, इसलिए मलबे में फँसे लोगों में राहगीर और कूड़ा बीनने वाले भी शामिल हैं। उन्होंने कहा, 'स्थानीय लोगों के मुताबिक, चार-पाँच लोग एक भारी स्लैब के नीचे फँसे हो सकते हैं, जिनकी आवाजें बाहर से सुनी जा सकती हैं।'
बचाव दल में शामिल दिल्ली फायर सर्विस के अधिकारी मनीष कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना दोपहर 3:30 बजे मिली। उन्होंने कहा, 'स्लैब के नीचे से कुछ आवाजें सुनाई दे रही हैं, इसलिए अंदर और भी लोग फँसे हो सकते हैं। उन्हें बाहर निकालने की कोशिशें जारी हैं।'
स्थानीय निवासी सलीम ने बताया कि मलबे में बच्चे भी फँसे हैं। एक अन्य स्थानीय निवासी ने कहा कि उनकी बेटी, दामाद और दो अन्य बच्चों को बचाकर अस्पताल भेजा गया है, और अनुमान है कि छह-सात लोग अभी भी अंदर हो सकते हैं।
पृष्ठभूमि और व्यापक संदर्भ
यह हादसा दिल्ली में इमारत ढहने की हालिया घटनाओं की श्रृंखला में एक और कड़ी है। गौरतलब है कि करीब एक महीने पहले सत्य निकेतन इलाके में भी एक पाँच मंजिला इमारत ढही थी, जिसमें पाँच छात्रों समेत सात लोगों की जान गई थी। यह ऐसे समय में आया है जब दिल्ली की पुरानी और अनधिकृत इमारतों की संरचनात्मक सुरक्षा पर सवाल लगातार उठ रहे हैं।
बचाव अभियान
घटनास्थल पर NDRF, दिल्ली फायर सर्विस, पुलिस और प्रशासन के दल संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। भारी स्लैबों को हटाने और मलबे के भीतर फँसे लोगों तक पहुँचने के प्रयास जारी हैं। अधिकारियों के अनुसार बचाव अभियान तेज़ गति से आगे बढ़ रहा है।
आगे क्या
मलबे में और लोगों के दबे होने की आशंका को देखते हुए बचाव दल रात भर अभियान जारी रखने की तैयारी में है। हादसे के कारणों की जाँच और इमारत के निर्माण की वैधता की पड़ताल भी अपेक्षित है।