शी चिनफिंग की ऑस्ट्रियाई चांसलर स्टॉकर से बीजिंग में मुलाकात, 55 साल के संबंधों को नई दिशा
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने 6 नवंबर को बीजिंग स्थित जन वृहद भवन में ऑस्ट्रिया के चांसलर क्रिश्चियन स्टॉकर से द्विपक्षीय वार्ता की। चीन की आधिकारिक यात्रा पर आए स्टॉकर के साथ इस बैठक में दोनों देशों के बीच 55 वर्षों के राजनयिक संबंधों की समीक्षा की गई और भविष्य के सहयोग का रोडमैप तय किया गया। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब वैश्विक स्तर पर एकतरफावाद और व्यापार संरक्षणवाद को लेकर तनाव बढ़ रहा है।
55 वर्षों की साझेदारी का उत्सव
शी चिनफिंग ने बैठक में रेखांकित किया कि इस वर्ष चीन और ऑस्ट्रिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 55वीं वर्षगांठ है। उन्होंने कहा कि पाँच दशकों से अधिक समय में दोनों पक्षों ने आपसी सम्मान, खुलेपन और पारस्परिक लाभ के सिद्धांतों पर चलते हुए राजनीतिक विश्वास को सुदृढ़ किया है और व्यावहारिक सहयोग में ठोस परिणाम हासिल किए हैं। शी ने कहा कि विश्वास और मित्रता चीन-ऑस्ट्रिया संबंधों के अनमोल गुण हैं, जो सामाजिक व्यवस्थाओं, ऐतिहासिक संस्कृतियों और विकास के विभिन्न चरणों में मौजूद अंतरों से परे हैं।
नए क्षेत्रों में सहयोग का आह्वान
शी चिनफिंग ने चीन की 15वीं पंचवर्षीय योजना (2026-2030) का उल्लेख करते हुए बताया कि इस दौरान चीन उभरते उद्योगों को बढ़ावा देने, पारंपरिक उद्योगों के उन्नयन और सेवा क्षेत्र पर विशेष ध्यान देते हुए अपने खुलेपन को और अधिक विस्तारित करने का लक्ष्य रखता है। उन्होंने कहा कि 'चीन अवसर 2.0' से न केवल बाजार लाभ, बल्कि नवाचार लाभ भी प्राप्त होंगे। चीन, ऑस्ट्रिया के साथ नई ऊर्जा वाहनों, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI), डिजिटल अर्थव्यवस्था और हरित विकास जैसे उभरते क्षेत्रों में व्यावहारिक सहयोग का विस्तार करने के लिए उत्सुक है।
वैश्विक मुद्दों पर साझा रुख
बैठक में शी चिनफिंग ने जोर देकर कहा कि वर्तमान अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियाँ जटिल और अस्थिर हैं, जिनमें एकतरफावाद और संरक्षणवाद को बल मिल रहा है। उन्होंने कहा कि चीन और ऑस्ट्रिया को मिलकर वास्तविक बहुपक्षवाद का अभ्यास करना चाहिए और मुक्त व्यापार का समर्थन करना चाहिए। शी ने यह भी स्पष्ट किया कि 'बढ़ता और मजबूत होता चीन यूरोप की समस्याओं का मूल कारण नहीं, बल्कि एक ऐसा सहयोगी है जो यूरोप को इन समस्याओं को हल करने में मदद कर सकता है।' उन्होंने चीन और यूरोप से संवाद और परामर्श के माध्यम से व्यापारिक मतभेद सुलझाने की अपील की।
स्टॉकर की प्रतिबद्धता
चांसलर स्टॉकर ने कहा कि ऑस्ट्रिया-चीन संबंध अच्छी तरह विकसित हो रहे हैं और राजनयिक संबंधों की स्थापना के बाद से पिछले 55 वर्षों में दोनों देशों ने एक-दूसरे पर निरंतर भरोसा और समर्थन दिखाया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऑस्ट्रिया एक-चीन नीति का पालन करता है और व्यापार, निवेश, विज्ञान-प्रौद्योगिकी तथा नवाचार जैसे क्षेत्रों में चीन के साथ व्यापक सहयोग को मजबूत करने के लिए तत्पर है। स्टॉकर ने यह भी कहा कि ऑस्ट्रिया यूरोपीय संघ-चीन संबंधों के विकास का सक्रिय रूप से समर्थन करता है और जलवायु परिवर्तन जैसी वैश्विक चुनौतियों के समाधान में चीन के साथ मिलकर काम करने को प्रतिबद्ध है।
आगे की राह
इस उच्चस्तरीय मुलाकात से दोनों देशों के बीच सांस्कृतिक आदान-प्रदान और लोगों के बीच संपर्क को और सुगम बनाने की उम्मीद है। गौरतलब है कि यह बैठक ऐसे समय में हुई जब यूरोप और चीन के बीच व्यापारिक असंतुलन को लेकर यूरोपीय संघ में चर्चाएँ जारी हैं। दोनों नेताओं की बातचीत भविष्य में चीन-यूरोप संवाद की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभा सकती है।