चीन-ऑस्ट्रिया राजनयिक संबंधों की 55वीं वर्षगांठ: शी चिनफिंग और वान डेर बेलन ने आदान-प्रदान किए बधाई संदेश
सारांश
मुख्य बातें
चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग और ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति अलेक्जेंडर वान डेर बेलन ने 28 मई 2026 को दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना की 55वीं वर्षगांठ के अवसर पर परस्पर बधाई संदेशों का आदान-प्रदान किया। यह आदान-प्रदान ऐसे समय में हुआ जब दोनों देश 2018 में स्थापित मैत्रीपूर्ण रणनीतिक साझेदारी को और गहरा करने की दिशा में काम कर रहे हैं।
शी चिनफिंग का संदेश: साझेदारी को नई ऊँचाई देने का संकल्प
राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने अपने संदेश में कहा कि पिछले 55 वर्षों में चीन-ऑस्ट्रिया द्विपक्षीय संबंधों का विकास स्वस्थ और स्थिर रहा है। उन्होंने 2018 में राष्ट्रपति वान डेर बेलन के साथ संयुक्त रूप से स्थापित चीन-ऑस्ट्रिया मैत्रीपूर्ण रणनीतिक साझेदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि इसने द्विपक्षीय संबंधों के विकास में एक नया अध्याय जोड़ा। शी ने यह भी रेखांकित किया कि पिछले मई में वियना में 'पांडा राजदूतों' की एक नई जोड़ी के आगमन ने दोनों देशों के नागरिकों के बीच मैत्री को और प्रगाढ़ किया है।
शी ने वर्तमान वैश्विक परिदृश्य को 'जटिल और अस्थिर' बताते हुए कहा कि चीन और ऑस्ट्रिया को विश्व शांति के प्रवर्तक, बहुपक्षवाद के समर्थक और मुक्त व्यापार के रक्षक के रूप में आपसी सम्मान, खुलेपन और समावेशिता तथा परस्पर लाभकारी सहयोग को बढ़ावा देना चाहिए। उन्होंने कहा कि वे इस वर्षगांठ को द्विपक्षीय संबंधों को नए स्तर पर ले जाने के अवसर के रूप में देखते हैं।
वान डेर बेलन का संदेश: 55 वर्षों की मज़बूत नींव
ऑस्ट्रियाई राष्ट्रपति वान डेर बेलन ने अपने संदेश में 2018 की अपनी चीन राजकीय यात्रा को याद करते हुए कहा कि उस दौरान राष्ट्रपति शी चिनफिंग के साथ मिलकर द्विपक्षीय संबंधों को मैत्रीपूर्ण रणनीतिक साझेदारी के स्तर तक उन्नत करना एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर था। उन्होंने कहा कि पिछले 55 वर्षों में शिक्षा, वैज्ञानिक अनुसंधान, संस्कृति और अर्थव्यवस्था जैसे क्षेत्रों में निरंतर आदान-प्रदान के माध्यम से दोनों देशों के बीच मित्रता की नींव लगातार मज़बूत हुई है।
वान डेर बेलन ने वर्तमान 'अशांत अंतरराष्ट्रीय स्थिति' का संदर्भ देते हुए कहा कि ऐसे समय में व्यापक संपर्क बनाए रखना, संयुक्त रूप से स्थिरता की रक्षा करना और दोनों देशों के बीच आपसी समझ को बढ़ाना विशेष रूप से महत्वपूर्ण है।
55 वर्षों की राजनयिक यात्रा: पृष्ठभूमि
गौरतलब है कि ऑस्ट्रिया उन पहले पश्चिमी यूरोपीय देशों में से एक था जिसने चीन के साथ राजनयिक संबंध स्थापित किए थे। यह वर्षगांठ ऐसे समय में आई है जब यूरोप और चीन के बीच व्यापारिक तनाव और भू-राजनीतिक पुनर्संरेखण की चर्चाएँ जारी हैं। दोनों राष्ट्राध्यक्षों के संदेशों में बहुपक्षवाद और मुक्त व्यापार पर दिया गया जोर इस संदर्भ में विशेष महत्व रखता है।
आगे की दिशा
दोनों नेताओं ने द्विपक्षीय संबंधों के निरंतर और गहन विकास की प्रतिबद्धता जताई है। वियना में 'पांडा राजदूतों' की उपस्थिति जैसे सांस्कृतिक पहल और रणनीतिक साझेदारी के ढाँचे के तहत आर्थिक सहयोग आने वाले वर्षों में इस संबंध की दिशा तय करेंगे।