वांग यी और ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री की बीजिंग में वार्ता, 55 वर्षीय संबंधों को और मज़बूत करने का संकल्प
सारांश
मुख्य बातें
चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने 26 जून 2026 को बीजिंग में ऑस्ट्रिया की विदेश मंत्री बीट मीनल-राइजिंगर के साथ द्विपक्षीय वार्ता की। यह बैठक ऐसे समय में हुई जब चीन और ऑस्ट्रिया के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 55 वर्ष पूरे हो रहे हैं।
मुख्य घटनाक्रम
सीपीसी केंद्रीय समिति के पोलित ब्यूरो के सदस्य और चीनी विदेश मंत्री वांग यी ने वार्ता में कहा कि पिछले 55 वर्षों में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों का विकास सामान्यतः स्वस्थ और स्थिर रहा है। उन्होंने इस सफलता का श्रेय पारस्परिक सम्मान और समान व्यवहार की नीति को दिया।
वांग यी ने यह भी कहा कि चीन और ऑस्ट्रिया के बीच मैत्रीपूर्ण रणनीतिक साझेदारी यह सिद्ध करती है कि विभिन्न आकार, राजनीतिक प्रणालियों और सभ्यताओं वाले देश भी निश्चित रूप से मित्र और भागीदार बन सकते हैं।
चीन की ऑस्ट्रिया से अपेक्षाएँ
वांग यी ने ऑस्ट्रिया की चीन के प्रति तर्कसंगत और व्यावहारिक नीति की सराहना की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि ऑस्ट्रिया, चीन-यूरोप संबंधों के विकास में आगे भी रचनात्मक भूमिका निभाता रहेगा। यह बयान ऐसे समय में आया है जब यूरोपीय संघ और चीन के बीच व्यापारिक तनाव के बीच कूटनीतिक संवाद की अहमियत और बढ़ गई है।
ऑस्ट्रिया की प्रतिबद्धता
ऑस्ट्रियाई विदेश मंत्री बीट मीनल-राइजिंगर ने कहा कि ऑस्ट्रिया चीन के साथ संबंधों को विकसित करने को बहुत महत्व देता है और एक-चीन नीति का पालन करना जारी रखेगा। उन्होंने 55वीं वर्षगांठ के अवसर पर चीन के साथ रणनीतिक संवाद को मज़बूत करने, व्यापार, निवेश और हरित विकास जैसे क्षेत्रों में सहयोग का विस्तार करने की इच्छा जताई।
राइजिंगर ने दोनों देशों के बीच विश्वसनीय और मैत्रीपूर्ण रणनीतिक साझेदारी को लगातार गहरा करने की प्रतिबद्धता भी दोहराई।
आगे की दिशा
इस वार्ता के बाद दोनों देशों के बीच हरित ऊर्जा, व्यापार और निवेश के क्षेत्रों में सहयोग के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। गौरतलब है कि ऑस्ट्रिया यूरोपीय संघ के भीतर उन देशों में से है जो चीन के साथ व्यावहारिक कूटनीतिक संबंध बनाए रखने के पक्षधर रहे हैं।