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यूनेस्को जीवन विज्ञान पुरस्कार 2024: चीनी वैज्ञानिक प्रो. ये युरू को न्यूरोसाइंस में अल्जाइमर शोध के लिए सम्मान

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यूनेस्को जीवन विज्ञान पुरस्कार 2024: चीनी वैज्ञानिक प्रो. ये युरू को न्यूरोसाइंस में अल्जाइमर शोध के लिए सम्मान

सारांश

पेरिस में यूनेस्को मुख्यालय पर 7 नवंबर को आयोजित 10वें जीवन विज्ञान पुरस्कार समारोह में चीनी वैज्ञानिक प्रो. ये युरू को अल्जाइमर के शुरुआती रक्त-परीक्षण निदान और जीन थेरेपी शोध के लिए सम्मानित किया गया — यह उपलब्धि वैश्विक न्यूरोसाइंस में एशियाई विज्ञान की बढ़ती साख को दर्शाती है।

मुख्य बातें

प्रोफेसर ये युरू को 7 नवंबर को पेरिस में 10वें यूनेस्को-इक्वेटोरियल गिनी अंतर्राष्ट्रीय जीवन विज्ञान अनुसंधान पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
वे हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की अध्यक्ष और चीनी विज्ञान अकादमी की शिक्षाविद् हैं; यह सम्मान पाने वाली छठी चीनी वैज्ञानिक हैं।
उन्होंने अल्जाइमर रोग के शुरुआती निदान के लिए रक्त परीक्षण तकनीक और न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों की जीन थेरेपी में अग्रणी शोध किया।
कार्लोस मार्टिन मोंटानेस (स्पेन) — TB टीका शोध; प्रो.
अदनान रेमाल (मोरक्को) — रोगाणुरोधी प्रतिरोध।
यह पुरस्कार वर्ष 2008 में स्थापित हुआ और इक्वेटोरियल गिनी सरकार द्वारा वित्त पोषित है।

पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में 7 नवंबर को आयोजित एक विशेष समारोह में हांगकांग यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी की अध्यक्ष एवं चीनी विज्ञान अकादमी की शिक्षाविद् प्रोफेसर ये युरू को 10वें यूनेस्को-इक्वेटोरियल गिनी अंतर्राष्ट्रीय जीवन विज्ञान अनुसंधान पुरस्कार से नवाज़ा गया। न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में उनके अग्रणी शोध — विशेष रूप से अल्जाइमर रोग के शुरुआती निदान और जीन थेरेपी में — के लिए यह सम्मान दिया गया। वे यह प्रतिष्ठित पुरस्कार पाने वाली छठी चीनी वैज्ञानिक हैं।

प्रोफेसर ये युरू का शोध: मुख्य उपलब्धियाँ

यूनेस्को के अनुसार, प्रोफेसर ये युरू ने मस्तिष्क की कार्यप्रणाली और अल्जाइमर रोग पर दशकों तक गहन शोध किया। उन्होंने नए जैविक चिह्नक (बायोमार्कर) एवं आनुवंशिक जोखिम कारकों की पहचान की, जो इस बीमारी की जड़ तक पहुँचने में सहायक हैं।

उनकी टीम ने एक विशेष रक्त परीक्षण तकनीक विकसित की, जो अल्जाइमर के शुरुआती चरण में निदान और रोग की निगरानी को संभव बनाती है — एक ऐसी खोज जो वैश्विक स्तर पर करोड़ों मरीज़ों की जीवन गुणवत्ता सुधार सकती है। इसके अतिरिक्त, उन्होंने न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों की जीन थेरेपी में भी अग्रणी शोध किया है।

पुरस्कार के अन्य विजेता

इस वर्ष के पुरस्कार के दो अन्य विजेता भी घोषित किए गए। स्पेन के सारागोसा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कार्लोस मार्टिन मोंटानेस को तपेदिक (TB) के कमज़ोर किए गए जीवित टीके के विकास में उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

मोरक्को के फेस शहर स्थित सीदी मोहम्मद बेन अब्दुल्ला विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अदनान रेमाल को रोगाणुरोधी प्रतिरोध (Antimicrobial Resistance) से निपटने में महत्वपूर्ण शोध के लिए यह पुरस्कार दिया गया — जो विश्व स्वास्थ्य के लिए एक बढ़ती हुई चुनौती है।

पुरस्कार की पृष्ठभूमि और उद्देश्य

गौरतलब है कि यूनेस्को-इक्वेटोरियल गिनी अंतर्राष्ट्रीय जीवन विज्ञान अनुसंधान पुरस्कार की स्थापना वर्ष 2008 में हुई थी और यह इक्वेटोरियल गिनी सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इसका प्राथमिक उद्देश्य उन व्यक्तियों एवं संस्थानों को सम्मानित करना है, जिन्होंने जीवन विज्ञान अनुसंधान के माध्यम से मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने में असाधारण योगदान दिया हो।

यह पुरस्कार संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) को बढ़ावा देने की व्यापक पहल का भी हिस्सा है। यह ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर न्यूरोडीजेनेरेटिव बीमारियों — विशेषकर अल्जाइमर — के मरीज़ों की संख्या तेज़ी से बढ़ रही है और प्रभावी निदान की माँग सर्वाधिक है।

वैश्विक विज्ञान जगत पर प्रभाव

विशेषज्ञों के अनुसार, प्रोफेसर ये युरू का रक्त-परीक्षण आधारित निदान मॉडल विकासशील देशों में भी अल्जाइमर की पहचान को सुलभ बना सकता है, जहाँ महंगी इमेजिंग सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं। यह पुरस्कार न केवल उनकी व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि जीवन विज्ञान में अंतर्राष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता को भी रेखांकित करता है।

आने वाले वर्षों में उनके शोध के आधार पर नई दवाइयों और उपचार पद्धतियों के विकास की संभावना जताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

सुलभ निदान की माँग सबसे तीव्र है — ऐसे में रक्त-परीक्षण आधारित शुरुआती पहचान की तकनीक विकासशील देशों के लिए गेम-चेंजर साबित हो सकती है। हालाँकि, यह भी ध्यान देने योग्य है कि इस पुरस्कार का वित्त पोषण इक्वेटोरियल गिनी सरकार करती है — एक ऐसा देश जिसकी शासन व्यवस्था पर अंतर्राष्ट्रीय मानवाधिकार संगठन सवाल उठाते रहे हैं — जो पुरस्कार की वैज्ञानिक प्रतिष्ठा के साथ एक जटिल राजनीतिक आयाम जोड़ता है। मुख्यधारा की कवरेज अक्सर इस पहलू को नज़रअंदाज़ करती है।
RashtraPress
7 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

यूनेस्को-इक्वेटोरियल गिनी अंतर्राष्ट्रीय जीवन विज्ञान अनुसंधान पुरस्कार क्या है?
यह पुरस्कार वर्ष 2008 में स्थापित किया गया था और इक्वेटोरियल गिनी सरकार द्वारा वित्त पोषित है। इसका उद्देश्य जीवन विज्ञान अनुसंधान के माध्यम से मानव जीवन की गुणवत्ता सुधारने में उत्कृष्ट योगदान देने वाले वैज्ञानिकों को सम्मानित करना और संयुक्त राष्ट्र सतत विकास लक्ष्यों को बढ़ावा देना है।
प्रोफेसर ये युरू को यह पुरस्कार क्यों दिया गया?
प्रोफेसर ये युरू को न्यूरोसाइंस में उत्कृष्ट शोध के लिए यह पुरस्कार दिया गया। उन्होंने अल्जाइमर रोग के शुरुआती निदान के लिए रक्त परीक्षण तकनीक विकसित की, नए जैविक चिह्नक और आनुवंशिक जोखिम कारक खोजे, तथा न्यूरोडीजेनेरेटिव रोगों की जीन थेरेपी में अग्रणी कार्य किया।
2024 के यूनेस्को जीवन विज्ञान पुरस्कार के अन्य विजेता कौन हैं?
इस वर्ष के अन्य दो विजेता हैं — स्पेन के सारागोसा विश्वविद्यालय के प्रोफेसर कार्लोस मार्टिन मोंटानेस, जिन्हें तपेदिक के कमज़ोर किए गए जीवित टीके के विकास के लिए, और मोरक्को के सीदी मोहम्मद बेन अब्दुल्ला विश्वविद्यालय के प्रोफेसर अदनान रेमाल, जिन्हें रोगाणुरोधी प्रतिरोध पर शोध के लिए सम्मानित किया गया।
अल्जाइमर के शुरुआती निदान में प्रो. ये युरू का शोध कैसे मददगार है?
प्रो. ये युरू की टीम ने एक रक्त परीक्षण तकनीक विकसित की है जो अल्जाइमर के प्रारंभिक चरण में ही रोग की पहचान और निगरानी को संभव बनाती है। यह उन क्षेत्रों के लिए विशेष रूप से महत्वपूर्ण है जहाँ महंगी MRI या PET स्कैन सुविधाएँ उपलब्ध नहीं हैं।
यह पुरस्कार समारोह कहाँ और कब आयोजित हुआ?
10वाँ यूनेस्को-इक्वेटोरियल गिनी अंतर्राष्ट्रीय जीवन विज्ञान अनुसंधान पुरस्कार समारोह 7 नवंबर को फ्रांस की राजधानी पेरिस स्थित यूनेस्को मुख्यालय में आयोजित हुआ।
राष्ट्र प्रेस
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