ईरान राष्ट्रीय हितों पर कोई समझौता नहीं करेगा: विदेश मंत्री अराघची की दो टूक, आर्मेनिया से रणनीतिक वार्ता
सारांश
मुख्य बातें
ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 6 अक्टूबर 2026 को स्पष्ट किया कि तेहरान अपने राष्ट्रीय हितों और सुरक्षा की रक्षा में किसी भी परिस्थिति में पीछे नहीं हटेगा। यह बयान तेहरान में आर्मेनिया के विदेश मंत्री अरारत मिर्जोयान के साथ हुई उच्चस्तरीय बैठक के बाद आया, जिसमें ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी अलग से मिर्जोयान से मुलाकात की।
अमेरिका पर तीखा प्रहार
राष्ट्रपति पेजेश्कियन ने आर्मेनियाई विदेश मंत्री के साथ बैठक में अमेरिका की कड़ी आलोचना की। ईरानी राष्ट्रपति कार्यालय की वेबसाइट पर जारी बयान के अनुसार, उन्होंने कहा, "ऐसे दुश्मन के साथ बातचीत का कोई मतलब नहीं है, जो हर दिन हत्या, प्रतिबंध, दबाव और धमकियों का सहारा लेता है और अपने वादे तोड़ता है।" पेजेश्कियन ने यह भी आरोप लगाया कि बातचीत के बाद अमेरिका ने ईरान पर तीन बार हमले किए हैं, जिससे यह साफ होता है कि वाशिंगटन का असली लक्ष्य वार्ता नहीं, बल्कि ईरान की इस्लामी गणराज्य की व्यवस्था को अस्थिर करना है।
मिनाब स्कूल हमले का सवाल
रिपोर्टों के अनुसार, पेजेश्कियन ने 28 फरवरी को दक्षिणी ईरान के मिनाब शहर के एक स्कूल में 168 बच्चों की मौत का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि वाशिंगटन के पास इस त्रासदी का कोई जवाब नहीं है और ईरान के खिलाफ अमेरिका का कोई भी रवैया अंतरराष्ट्रीय कानून के अनुरूप नहीं है। यह ऐसे समय में आया है जब ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अपने उच्चतम स्तर पर बना हुआ है।
होर्मुज स्ट्रेट और क्षेत्रीय सुरक्षा
विदेश मंत्री अराघची ने ईरानी विदेश मंत्रालय की ओर से जारी बयान में कहा कि ईरान अपने राष्ट्रीय हितों की पूरी मज़बूती से रक्षा करेगा, लेकिन तनाव को बढ़ने से रोकने के लिए कूटनीतिक रास्ते को हमेशा प्राथमिकता दी जाएगी। अराघची ने यह भी रेखांकित किया कि अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाइयाँ होर्मुज स्ट्रेट में व्यापारिक जहाजों की आवाजाही पर पैदा हुई असुरक्षा की मुख्य वजह हैं — एक ऐसा जलमार्ग जिससे दुनिया के तेल व्यापार का बड़ा हिस्सा गुज़रता है। गौरतलब है कि 28 फरवरी को इज़रायल और अमेरिका ने तेहरान सहित ईरान के कई शहरों पर संयुक्त हमले किए थे, जिसके जवाब में ईरान ने मिसाइल और ड्रोन हमलों के साथ होर्मुज स्ट्रेट पर अपनी पकड़ और मज़बूत कर ली।
आर्मेनिया ईरान रणनीतिक साझेदारी
आर्मेनिया के विदेश मंत्री मिर्जोयान ने दोनों देशों के संबंधों को 'रणनीतिक' करार दिया और कहा कि येरेवान ईरान के साथ सहयोग को लगातार आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के मुताबिक, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाकर कलीबाफ के साथ बैठक में मिर्जोयान ने आश्वासन दिया कि आर्मेनिया अपनी भूमि का उपयोग ईरान के विरुद्ध किसी भी उद्देश्य के लिए नहीं होने देगा। यह बयान ऐसे समय में अहम है जब क्षेत्रीय शक्तियाँ ईरान पर भू राजनीतिक दबाव बनाने की कोशिश में हैं।
क्या होगा आगे
ईरान का यह स्पष्ट संदेश बताता है कि तेहरान न तो कूटनीति से पीछे हटेगा और न ही सैन्य दबाव के सामने झुकेगा। होर्मुज स्ट्रेट पर बढ़ती निगरानी और आर्मेनिया जैसे पड़ोसी देशों के साथ मज़बूत होते संबंध यह संकेत देते हैं कि ईरान क्षेत्रीय गठबंधनों को सक्रिय रूप से मज़बूत कर रहा है। आने वाले हफ्तों में कूटनीतिक हलचल और तेज़ होने की संभावना है।