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ईरान-इराक संबंध अटूट हैं, व्यक्तिगत बयानों से नहीं पड़ेगा असर: अराघची

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ईरान-इराक संबंध अटूट हैं, व्यक्तिगत बयानों से नहीं पड़ेगा असर: अराघची

सारांश

अमेरिकी हमलों और बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने इराकी समकक्ष से बात कर द्विपक्षीय संबंधों को अटूट बताया। इस बीच ईरान में अमेरिकी हमलों से अब तक 50 लोगों की मौत और 500 घायल हो चुके हैं — और संघर्ष थमने के आसार नहीं दिख रहे।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने 19 जुलाई को इराकी विदेश मंत्री फुआद हुसैन से टेलीफोन पर बातचीत की।
अराघची ने कहा कि व्यक्तिगत या अनाधिकारिक बयानों से तेहरान-बगदाद के रणनीतिक संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए।
जॉर्डन में ईरानी हमले में 2 अमेरिकी सैनिक मारे गए , एक लापता; अमेरिका ने जवाबी हवाई हमले शुरू किए।
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार अमेरिकी हमलों में अब तक 50 लोगों की मौत और 500 से अधिक घायल — 27 जून से अब तक।
मृतकों में 5 महिलाएँ और 2 बच्चे शामिल हैं।

ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अराघची ने 19 जुलाई को अपने इराकी समकक्ष फुआद हुसैन से टेलीफोन पर बातचीत की और स्पष्ट किया कि तेहरान और बगदाद के बीच के गहरे द्विपक्षीय संबंधों पर किसी व्यक्तिगत या अनाधिकारिक बयान का कोई प्रभाव नहीं पड़ना चाहिए। यह बातचीत ऐसे समय में हुई जब अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद पश्चिम एशिया में तनाव अपने चरम पर है।

बातचीत में क्या हुआ

अराघची ने ईरान-इराक संबंधों को गहरा और रणनीतिक बताया, जो सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक संबंधों पर टिके हैं। उन्होंने कहा कि ईरान आपसी सम्मान और अच्छे पड़ोसी होने के सिद्धांत पर इराक की सरकार और जनता के साथ संबंधों को और प्रगाढ़ करना चाहता है।

दोनों विदेश मंत्रियों ने ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य हमले के बाद उभरे नए क्षेत्रीय घटनाक्रम, इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग के बार-बार उल्लंघन और इन कार्रवाइयों पर ईरान की प्रतिक्रिया पर विस्तृत विचार-विमर्श किया। साथ ही, क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ने से रोकने के लिए निरंतर द्विपक्षीय परामर्श और समन्वय की ज़रूरत पर बल दिया।

अमेरिकी हमले और ईरानी नुकसान

इस बातचीत की पृष्ठभूमि में अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) ने पुष्टि की कि जॉर्डन में हुए ईरानी हमले में दो अमेरिकी सैनिक मारे गए और एक अन्य लापता है। इसके जवाब में अमेरिकी सेना ने ईरान के खिलाफ हवाई हमलों का नया दौर शुरू किया।

सेंटकॉम ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर कहा, 'ये हमले होर्मुज जलडमरूमध्य में कमर्शियल शिपिंग को धमकाने की ईरान की क्षमता को और कमज़ोर करने और उन इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (आईआरजीसी) बलों को तत्काल जवाब देने के लिए किए गए हैं, जिन्होंने कल रात जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हमला किया था।'

ईरान में हताहतों की संख्या

ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, पिछले दिन हुए अमेरिकी हमलों में कम से कम 12 लोगों की मौत हुई, जिससे इस नए संघर्ष में मरने वालों की कुल संख्या 50 हो गई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के प्रवक्ता हुसैन केरमानपुर ने बताया कि 27 जून से अब तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 500 लोग घायल हुए हैं, जिनमें पाँच महिलाएँ और दो बच्चे भी शामिल हैं।

क्षेत्रीय स्थिरता पर असर

यह ऐसे समय में आया है जब पश्चिम एशिया में अमेरिका-ईरान टकराव एक नए और खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है। गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल आपूर्ति पर निर्भर है, और इस क्षेत्र में किसी भी अस्थिरता का वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा असर पड़ता है। इराक, जो ईरान और अमेरिका दोनों के साथ महत्वपूर्ण संबंध रखता है, इस तनाव में एक संवेदनशील स्थिति में है।

आगे क्या होगा

दोनों विदेश मंत्रियों ने आगे भी नियमित द्विपक्षीय परामर्श जारी रखने पर सहमति जताई। क्षेत्रीय विश्लेषकों का मानना है कि इराक की मध्यस्थ भूमिका इस संकट को और गहराने से रोकने में अहम हो सकती है। अमेरिकी सेना के हमलों के नए दौर के बाद अब सभी की निगाहें ईरान की अगली प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि जब अमेरिकी हमले जारी हैं और ईरान जवाबी कार्रवाई कर रहा है, तो इराक की 'तटस्थ' स्थिति कब तक टिकेगी। इराक अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और ईरानी प्रभाव — दोनों के बीच फँसा है, और यह संतुलन साधना उसके लिए हर दिन कठिन होता जा रहा है। ईरान में 50 मौतें और 500 घायल के आँकड़े बताते हैं कि यह संघर्ष अब सीमित कार्रवाई नहीं रहा। मुख्यधारा की कवरेज जो चूक रही है वह यह है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर किसी भी बड़े हमले का असर सिर्फ ईरान या अमेरिका तक नहीं, बल्कि भारत सहित पूरे एशिया की ऊर्जा आपूर्ति तक पहुँचेगा।
RashtraPress
20 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

अराघची और फुआद हुसैन के बीच बातचीत क्यों हुई?
अमेरिकी सैन्य हमलों के बाद बढ़ते क्षेत्रीय तनाव के बीच ईरान-इराक संबंधों को मज़बूत बनाए रखने के लिए यह बातचीत हुई। अराघची ने स्पष्ट किया कि किसी व्यक्तिगत या अनाधिकारिक बयान से दोनों देशों के रणनीतिक संबंध प्रभावित नहीं होने चाहिए।
ईरान में अमेरिकी हमलों में अब तक कितने लोग मारे गए हैं?
ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार 27 जून से अब तक अमेरिकी हमलों में कम से कम 50 लोगों की मौत हो चुकी है और 500 से अधिक घायल हुए हैं। मृतकों में पाँच महिलाएँ और दो बच्चे भी शामिल हैं।
अमेरिका ने ईरान पर नए हमले क्यों शुरू किए?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (सेंटकॉम) के अनुसार, जॉर्डन में आईआरजीसी बलों के हमले में दो अमेरिकी सैनिकों के मारे जाने और एक के लापता होने के जवाब में ये हमले किए गए। सेंटकॉम ने कहा कि इन हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान की शिपिंग को धमकाने की क्षमता को कमज़ोर करना भी है।
ईरान-इराक संबंधों पर इस संकट का क्या असर पड़ेगा?
फिलहाल दोनों देशों के विदेश मंत्रियों ने द्विपक्षीय परामर्श जारी रखने पर सहमति जताई है। इराक अमेरिकी सैन्य उपस्थिति और ईरानी प्रभाव के बीच संतुलन बनाने की कोशिश कर रहा है, जो इस संकट के गहराने के साथ और कठिन होता जा रहा है।
होर्मुज जलडमरूमध्य इस संघर्ष में क्यों अहम है?
होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की एक बड़ी तेल आपूर्ति गुज़रती है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह इस क्षेत्र में ईरान की सैन्य क्षमता को कमज़ोर करना चाहता है, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाज़ारों पर सीधा असर पड़ सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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