29 सितंबर 2026
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ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने गुटेरेस से की मुलाकात, अमेरिकी हमलों को बताया 'अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन'

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ईरानी विदेश मंत्री अराघची ने गुटेरेस से की मुलाकात, अमेरिकी हमलों को बताया 'अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन'

सारांश

ईरान के विदेश मंत्री अराघची ने न्यूयॉर्क में गुटेरेस से मिलकर अमेरिकी-इजरायली हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करार दिया और संयुक्त राष्ट्र से जवाबदेही की माँग की। उसी दिन ट्रंप ने ईरान को परमाणु समझौते की किसी पेशकश के दावों को 'ट्रुथ सोशल' पर सिरे से नकार दिया।

मुख्य बातें

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 29 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की।
अराघची ने अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर का कथित उल्लंघन बताया और निंदा की माँग की।
उन्होंने ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के संकल्प को दोहराया।
गुटेरेस ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने और कूटनीति को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर ईरान को परमाणु समझौते की किसी पेशकश के दावों को स्पष्ट रूप से नकारा।

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने 29 सितंबर को न्यूयॉर्क में संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस से मुलाकात की और ईरान के विरुद्ध अमेरिका तथा इजरायल के सैन्य हमलों को अंतरराष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन करार दिया। ईरानी सरकारी मीडिया आईआरएनए के अनुसार, इस बैठक में क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति और कूटनीतिक समाधान पर विस्तृत चर्चा हुई।

मुख्य घटनाक्रम

बैठक के दौरान अराघची ने कहा, 'संयुक्त राष्ट्र और उसके सदस्य देशों को अमेरिका द्वारा संयुक्त राष्ट्र चार्टर के कथित उल्लंघनों को लेकर उदासीन नहीं रहना चाहिए।' उन्होंने अमेरिका की कथित गैरकानूनी कार्रवाइयों और धमकियों की निंदा किए जाने की माँग भी रखी।

अराघची ने यह भी रेखांकित किया कि वार्ता के दौरान और उसके बाद भी आक्रामक कार्रवाइयाँ जारी रहीं। इस संदर्भ में उन्होंने ईरान की राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा के प्रति अपने संकल्प को दोहराया।

संयुक्त राष्ट्र का रुख

महासचिव गुटेरेस ने बैठक में सभी देशों से संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने विवादों के निपटारे के लिए कूटनीति को प्राथमिकता देने की आवश्यकता भी रेखांकित की और मतभेदों को बातचीत के ज़रिए सुलझाने का आह्वान किया।

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, अराघची ने संयुक्त राष्ट्र से इन घटनाओं पर अपनी जिम्मेदारी निभाने और अंतरराष्ट्रीय नियमों के उल्लंघन के विरुद्ध स्पष्ट रुख अपनाने का आग्रह किया।

ट्रंप का खंडन

इसी दिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उन मीडिया रिपोर्टों को खारिज कर दिया जिनमें दावा किया गया था कि अमेरिकी अधिकारी ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर 'ठोस' कदमों के बदले प्रतिबंधों में ढील और फ्रीज़ फंड जारी करने को तैयार हैं। ट्रंप ने अपने मंच 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा, 'यह सच नहीं है। मैंने उन्हें कुछ भी ऑफर नहीं किया।'

यह ऐसे समय में आया है जब ईरान-अमेरिका तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा स्थिति को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर गहरी चिंता बनी हुई है। गौरतलब है कि यह बैठक संयुक्त राष्ट्र महासभा के सत्र के इर्द-गिर्द हुई, जब विश्व के प्रमुख नेता और राजनयिक न्यूयॉर्क में एकत्रित थे।

व्यापक संदर्भ

ईरान और अमेरिका के बीच कूटनीतिक तनाव का यह सिलसिला नया नहीं है। 2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) से अमेरिका के बाहर निकलने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध लगातार तनावपूर्ण रहे हैं। ईरान का आरोप है कि अमेरिका और इजरायल के हमले अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हैं, जबकि अमेरिका ईरान के परमाणु कार्यक्रम को क्षेत्रीय स्थिरता के लिए खतरा मानता है।

क्या होगा आगे

कूटनीतिक हलकों में यह देखा जा रहा है कि क्या संयुक्त राष्ट्र मंच पर इस तरह की बैठकें किसी ठोस वार्ता की ज़मीन तैयार कर सकती हैं। ट्रंप के खंडन के बाद ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता की संभावनाएँ फिलहाल अनिश्चित बनी हुई हैं, और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अगली बैठकों पर टिकी हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर सुरक्षा परिषद में अमेरिकी वीटो की शक्ति को देखते हुए ईरान की माँगें व्यावहारिक परिणाम में कितनी बदलेंगी, यह संदिग्ध है। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूक जाती है वह यह है कि यह वार्ता-और-हमले का समानांतर क्रम ईरान की उस रणनीति को दर्शाता है जिसमें वह अंतरराष्ट्रीय वैधता और घरेलू दृढ़ता — दोनों को एक साथ साधने की कोशिश करता है।
RashtraPress
29 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईरानी विदेश मंत्री अराघची और गुटेरेस की मुलाकात में क्या हुआ?
29 सितंबर को न्यूयॉर्क में हुई इस बैठक में अराघची ने अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमलों को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन बताया और संयुक्त राष्ट्र से जवाबदेही सुनिश्चित करने की माँग की। गुटेरेस ने सभी पक्षों से अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और कूटनीति को प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
ट्रंप ने ईरान को पेशकश के दावों को क्यों नकारा?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर लिखा कि उन्होंने ईरान को कोई पेशकश नहीं की है। यह उन मीडिया रिपोर्टों के जवाब में था जिनमें कहा गया था कि अमेरिकी अधिकारी परमाणु कार्यक्रम पर 'ठोस' कदमों के बदले प्रतिबंध हटाने और फ्रीज़ फंड जारी करने को तैयार हैं।
ईरान का अमेरिका पर संयुक्त राष्ट्र चार्टर उल्लंघन का आरोप क्या है?
ईरान का कहना है कि अमेरिका और इजरायल के सैन्य हमले संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत राष्ट्रीय संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के सिद्धांतों का उल्लंघन करते हैं। अराघची ने संयुक्त राष्ट्र से इन कथित उल्लंघनों पर चुप्पी न साधने और स्पष्ट रुख अपनाने का आग्रह किया।
ईरान-अमेरिका तनाव की पृष्ठभूमि क्या है?
2015 के परमाणु समझौते (JCPOA) से अमेरिका के बाहर निकलने के बाद से दोनों देशों के बीच संबंध लगातार तनावपूर्ण रहे हैं। ईरान पर अमेरिकी प्रतिबंध, परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय सैन्य गतिविधियाँ इस तनाव की प्रमुख वजहें हैं।
इस मुलाकात के बाद आगे क्या संभावनाएँ हैं?
ट्रंप के खंडन के बाद ईरान-अमेरिका परमाणु वार्ता की संभावनाएँ फिलहाल अनिश्चित बनी हुई हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नज़रें संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की अगली बैठकों और किसी संभावित कूटनीतिक पहल पर टिकी हैं।
राष्ट्र प्रेस
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