चंडीगढ़ स्कूलों और हरियाणा सीएम कार्यालय को बम धमकी, खालिस्तान का संदर्भ देते हुए ईमेल भेजा
सारांश
मुख्य बातें
चंडीगढ़ के कई स्कूलों और हरियाणा के मुख्यमंत्री कार्यालय को 21 मई 2026 को ईमेल के ज़रिए बम से उड़ाने की धमकी मिली है। धमकी भरे संदेश में खालिस्तानी संदर्भ का उल्लेख करते हुए स्कूलों में दोपहर 1:11 बजे और सीएम कार्यालय में दोपहर 3:11 बजे विस्फोट की बात कही गई है। सूचना मिलते ही पुलिस और साइबर सेल ने जाँच शुरू कर दी है तथा संबंधित स्थानों पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।
धमकी भरे ईमेल में क्या लिखा था
ईमेल में स्कूलों के संदर्भ में लिखा गया, 'खालिस्तान वाले बच्चियों के खिलाफ नहीं है। अपने बच्चे बचाओ।' वहीं, हरियाणा सीएम कार्यालय को भेजे गए संदेश में जून 1984 के दरबार साहिब पर हुई सैन्य कार्रवाई का हवाला देते हुए 'बदले' की भाषा इस्तेमाल की गई। इसके अतिरिक्त, दिल्ली-अंबाला रेलवे ट्रैक पर 6 जून 2026 तक लगातार आईईडी विस्फोट की धमकी भी दी गई है।
सुरक्षा एजेंसियों की प्रतिक्रिया
अधिकारियों के अनुसार, धमकी मिलने के तुरंत बाद पुलिस बल और साइबर सेल को सक्रिय किया गया। प्रारंभिक जाँच में ईमेल को गंभीरता से लेते हुए सभी एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं। संबंधित स्कूलों और सरकारी परिसरों की तलाशी ली जा रही है तथा संदिग्ध ईमेल के स्रोत का पता लगाने के लिए तकनीकी जाँच जारी है।
पिछली धमकियों का क्रम
यह घटना अकेली नहीं है। 7 मई को जालंधर के कई स्कूलों को बम धमाकों और आत्मघाती हमलों की धमकी वाले ईमेल मिले थे। 13 मई को पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब भाजपा अध्यक्ष सुनील जाखड़ को निशाना बनाते हुए धमकियाँ दी गई थीं, जिसमें चंडीगढ़ स्थित भाजपा कार्यालय और दिल्ली के केंद्रीय मुख्यालय का भी उल्लेख था। इसके अलावा, मुख्यमंत्री भगवंत मान और केंद्रीय मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को जान से मारने की धमकी मिलने की खबरें भी सामने आई थीं।
आम जनता और स्कूलों पर असर
इस तरह की बार-बार मिल रही धमकियों से स्कूली बच्चों के अभिभावकों में चिंता का माहौल है। सुरक्षा एजेंसियाँ इन धमकियों को एक सुनियोजित भय-प्रसार अभियान के रूप में देख रही हैं। गौरतलब है कि यह देश के कई हिस्सों में चल रहे धमकी-ईमेल के एक व्यापक सिलसिले का हिस्सा प्रतीत होता है।
आगे क्या होगा
जाँच एजेंसियाँ ईमेल के आईपी पते और डिजिटल फुटप्रिंट का विश्लेषण कर रही हैं। अधिकारियों के अनुसार, यदि धमकी किसी प्रतिबंधित संगठन से जुड़ी पाई गई तो राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) को भी इसमें शामिल किया जा सकता है। फिलहाल सभी धमकी वाले स्थानों पर सुरक्षा बल तैनात हैं।