दिल्ली सचिवालय को बम से उड़ाने की ईमेल धमकी, सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय
सारांश
Key Takeaways
- दिल्ली सचिवालय को बम की धमकी मिली।
- सुरक्षा एजेंसियों ने तुरंत कार्रवाई की।
- पुलिस ने प्रारंभिक जांच में कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया।
- ईमेल में 'खालिस्तान' शब्द का उल्लेख मिला।
- पुलिस आरोपी के मानसिक स्वास्थ्य का भी आकलन कर रही है।
नई दिल्ली, 9 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। दिल्ली सचिवालय को गुरुवार को एक ईमेल के माध्यम से बम धमकी मिलने से अफरा-तफरी मच गई। जैसे ही अधिकारियों को इस सूचना का पता चला, उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया और सुरक्षा एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
पुलिस, फायर ब्रिगेड, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड की टीमें मौके पर पहुंच गईं और पूरे परिसर की गहन जांच शुरू की गई। प्रारंभिक जांच में अब तक कुछ भी संदिग्ध नहीं पाया गया है।
पुलिस का कहना है कि फिलहाल घबराने की कोई जरूरत नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर सर्च ऑपरेशन जारी है।
अधिकारियों के अनुसार, इस ईमेल में बम के बारे में लिखा गया था, जिससे सुरक्षा एजेंसियों ने त्वरित कार्रवाई की। ईमेल में 'खालिस्तान' शब्द का उल्लेख होने के कारण इसे गंभीरता से लिया जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि यह ईमेल किसने भेजा और इसके पीछे क्या मंशा थी।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब कुछ दिन पहले ही दिल्ली विधानसभा में सुरक्षा में बड़ी लापरवाही का मामला उजागर हुआ था। सोमवार (6 अप्रैल) को एक व्यक्ति ने हाई सिक्योरिटी को तोड़ते हुए वीवीआईपी गेट से दिल्ली विधानसभा परिसर में प्रवेश किया। इसके बाद वह वहां गाड़ी से उतरा और स्पीकर की गाड़ी के पास फूलों का गुलदस्ता रखकर बिना किसी रोक-टोक के निकल गया। बाद में उसकी पहचान सरबजीत सिंह के रूप में हुई, जिसे पुलिस ने कुछ घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया था।
बताया जा रहा है कि वह व्यक्ति पीलीभीत से कार चलाकर पहले चंडीगढ़ और फिर दिल्ली पहुंचा था। उसने गेट नंबर 2 को तोड़कर विधानसभा परिसर में प्रवेश किया था। पुलिस ने उसे नॉर्थ दिल्ली से गिरफ्तार किया और उसकी कार भी जब्त कर ली।
अदालत में पेश किए जाने के बाद उसे आठ दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस इस मामले में यह जानने की कोशिश कर रही है कि उसके पीछे कोई साजिश है या नहीं और क्या इसमें कोई और भी शामिल है। साथ ही उसके मोबाइल की भी तलाश की जा रही है, जिसे उसने कथित तौर पर फेंक दिया था।
जांच के दौरान पुलिस ने अदालत को बताया कि आरोपी मानसिक रूप से अस्थिर लग रहा है। वहीं, उसके वकील ने भी यही दलील दी कि वह इलाज करवा रहा है।