अविनाश पांडे का आरोप: एसआईआर चुनावी प्रक्रिया को भ्रामक बनाने का प्रयास
सारांश
Key Takeaways
- एसआईआर प्रक्रिया का उद्देश्य चुनावी पारदर्शिता है।
- कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि यह छलावा है।
- मतदाता सूची में 84,28,767 नए मतदाता जुड़े हैं।
- प्रक्रिया में 2 करोड़ 4 लाख 45 हजार 300 मतदाता हटाए गए हैं।
- चुनाव निष्पक्षता के लिए पारदर्शिता आवश्यक है।
लखनऊ, 11 अप्रैल (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश में साढ़े पांच महीने तक चले विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के बाद अब अंतिम मतदाता सूची सार्वजनिक की गई है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी नवदीप रिणवा द्वारा जारी की गई इस सूची पर कांग्रेस के नेता सलमान खुर्शीद और यूपी कांग्रेस के प्रभारी अविनाश पांडे ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
अविनाश पांडे ने कहा, "एसआईआर केवल एक छलावा है और यह पूरी तरह से गुमराह करने वाली प्रक्रिया है। इसका उद्देश्य चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करना है, जबकि योग्य मतदाताओं को मतदान में भाग लेने की अनुमति दी जानी चाहिए। विशेष समुदायों को चिह्नित करते हुए उन्हें वंचित करने की कोई योजना नहीं होनी चाहिए। ऐसे कार्य हमारे लोकतंत्र को कमजोर बनाते हैं।"
कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने राष्ट्र प्रेस से चर्चा करते हुए कहा, "यदि उत्तर प्रदेश में जारी की गई सूची में किसी का नाम नहीं है, तो उन्हें सवाल उठाने का पूरा अधिकार है। यह हमारे लिए संतोष की बात है कि चुनाव जल्द नहीं हो रहे हैं। कुछ स्थानों पर तो चुनाव के दौरान एसआईआर हो रहा है। हमारे पास अब भी समय है। मैं एसआईआर के पक्ष में हूं लेकिन यह निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से किया जाना चाहिए।"
अमेरिका-ईरान शांति समझौते में पाकिस्तान की भूमिका पर सलमान खुर्शीद ने कहा, "यदि हम यह नहीं करेंगे तो कोई और नहीं करेगा। यह हमारी गलती थी कि हमने उन क्षेत्रों को छोड़ दिया, जो पाकिस्तान ने हमसे छीने थे। यह हमारी जिम्मेदारी है। अगर अब सम्पूर्ण विश्व शांति के लिए पाकिस्तान पर निर्भर रहेगा तो यह बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है।"
ज्ञातव्य है कि 10 अप्रैल को विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) -2026 के बाद अंतिम मतदाता सूची जारी की गई है। संशोधित सूची में कुल 13.39 करोड़ मतदाता दर्ज किए गए हैं। पुनरीक्षण प्रक्रिया में कुल 2 करोड़ 4 लाख 45 हजार 300 मतदाताओं के नाम सूची से हटाए गए हैं। फिर भी, इस पूरी प्रक्रिया के बाद राज्य में कुल 84,28,767 नए मतदाता जुड़ गए हैं।