6 नवंबर 2026
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दिग्विजय सिंह का BJP पर हमला: 'हिंदुत्व नफरत फैलाता है, सनातन धर्म से इसका कोई रिश्ता नहीं'

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दिग्विजय सिंह का BJP पर हमला: 'हिंदुत्व नफरत फैलाता है, सनातन धर्म से इसका कोई रिश्ता नहीं'

सारांश

दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' केवल धार्मिक नहीं, राजनीतिक संदेश भी है — सनातन धर्म की पुनर्व्याख्या के ज़रिये कांग्रेस BJP के हिंदुत्व आख्यान को सीधे चुनौती दे रही है। सावरकर के हवाले से उठाया यह सवाल हिंदुत्व-राजनीति की जड़ों पर चोट करता है।

मुख्य बातें

दिग्विजय सिंह ने 6 नवंबर 2026 को गुना, मध्य प्रदेश में कहा कि हिंदुत्व नफरत फैलाता है, सनातन धर्म नहीं।
उन्होंने सावरकर का हवाला देते हुए कहा कि हिंदुत्व का धर्म से कोई संबंध नहीं है।
दिग्विजय सिंह उज्जैन से अयोध्या तक 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' कर रहे हैं।
कांग्रेस नेता उदित राज ने दावा किया कि स्वतंत्रता संग्राम में करीब 61,000 मुसलमानों और 8,000 सिखों ने बलिदान दिया।
RSS और VHP पर नफरत फैलाने वाली विचारधारा को बढ़ावा देने का आरोप लगाया गया।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने 6 नवंबर 2026 को मध्य प्रदेश के गुना ज़िले में मीडिया से बातचीत के दौरान भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP की विचारधारा हिंदुत्व पर आधारित है, जो उनके अनुसार सनातन धर्म से सर्वथा भिन्न है और नफरत को बढ़ावा देती है।

क्या है 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा'

दिग्विजय सिंह इन दिनों मध्य प्रदेश के उज्जैन से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' कर रहे हैं। इसी यात्रा के क्रम में गुना ज़िले में पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने हिंदुत्व और सनातन धर्म के बीच के वैचारिक फर्क को उजागर करने की कोशिश की।

उन्होंने कहा कि BJP ने सनातन धर्म की चर्चा तब शुरू की, जब उन्होंने यह मुद्दा उठाया। उनके अनुसार, 'हिंदुत्व नफरत फैलाता है, हिंदू धर्म नहीं।'

सावरकर के हवाले से उठाया सवाल

दिग्विजय सिंह ने विनायक दामोदर सावरकर का उद्धरण देते हुए कहा कि सावरकर ने खुद स्वीकार किया था कि हिंदुत्व का धर्म से कोई संबंध नहीं है। उनके अनुसार, BJP की वैचारिक समझ सनातन धर्म के व्यापक और समावेशी दर्शन से मेल नहीं खाती।

उन्होंने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और विश्व हिंदू परिषद (VHP) पर भी निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि ये संगठन एक ऐसी विचारधारा को मानते हैं जो नफरत को बढ़ावा देती है।

उदित राज की भी आलोचना

इस बहस में कांग्रेस नेता उदित राज भी शामिल हुए। उन्होंने सावरकर की हिंदुत्व परिभाषा में 'पुण्यभूमि' और 'जन्मभूमि' के जोर पर सवाल उठाए और कहा कि इससे मुसलमानों और ईसाइयों को भारत में दोयम दर्जे का नागरिक माना जाने का भाव पैदा होता है।

उदित राज के दावे के अनुसार, भारत के स्वतंत्रता संग्राम में करीब 61,000 मुसलमानों और करीब 8,000 सिखों ने बलिदान दिया। उन्होंने BJP और RSS को चुनौती दी कि वे देश के वास्तविक इतिहास और स्वतंत्रता संग्राम पर खुलकर बात करें।

सनातन धर्म की परिभाषा को लेकर बहस

दिग्विजय सिंह के अनुसार, सनातन धर्म का मूल अर्थ है — समस्त धर्मों का सम्मान करना और पूरे विश्व के कल्याण के लिए कार्य करना। उन्होंने इसे हिंदुत्व की उस व्याख्या से अलग बताया, जो उनके अनुसार विभाजन और वैमनस्य को बढ़ावा देती है।

यह ऐसे समय में आया है जब धर्म और राजनीति की बहस देश के कई राज्यों में गर्म है और आगामी चुनावों को देखते हुए इस विमर्श का राजनीतिक महत्व और बढ़ गया है।

आगे क्या

दिग्विजय सिंह की यह यात्रा और इससे जुड़े बयान कांग्रेस की उस रणनीति का हिस्सा प्रतीत होते हैं जिसके तहत पार्टी हिंदू धर्म और हिंदुत्व के बीच वैचारिक अंतर को जनता के सामने रखना चाहती है। BJP की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है, हालाँकि पार्टी पहले ऐसी आलोचनाओं को हिंदू-विरोधी राजनीति का हिस्सा बताती रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

चुनावी भी है — 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' के ज़रिये कांग्रेस उस नैरेटिव को वापस लेने की कोशिश कर रही है जिस पर BJP का दशकों से एकाधिकार रहा है। गौरतलब है कि सनातन धर्म और हिंदुत्व की यह बहस नई नहीं है, लेकिन सावरकर को ही गवाह बनाकर हमला करना रणनीतिक दृष्टि से चतुर कदम है। हालाँकि, यह भी सच है कि कांग्रेस की इस 'सॉफ्ट हिंदुत्व' रणनीति को लेकर उसके भीतर भी असहमति रही है। बड़ा सवाल यह है कि क्या यह विमर्श मतदाताओं तक वास्तविक परिवर्तन लाएगा, या यह केवल एक और चुनावी चक्र की सुर्खी बनकर रह जाएगा।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिग्विजय सिंह ने हिंदुत्व और सनातन धर्म में क्या फर्क बताया?
दिग्विजय सिंह के अनुसार, सनातन धर्म सभी धर्मों के सम्मान और विश्व कल्याण का दर्शन है, जबकि हिंदुत्व एक राजनीतिक विचारधारा है जो नफरत को बढ़ावा देती है। उन्होंने सावरकर को उद्धृत करते हुए कहा कि सावरकर ने खुद माना था कि हिंदुत्व का धर्म से कोई संबंध नहीं।
'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' क्या है?
यह दिग्विजय सिंह की एक यात्रा है जो मध्य प्रदेश के उज्जैन से उत्तर प्रदेश के अयोध्या तक जा रही है। इस यात्रा के ज़रिये वे सनातन धर्म की अपनी व्याख्या को जनता के सामने रखते हुए BJP और RSS की विचारधारा पर सवाल उठा रहे हैं।
उदित राज ने स्वतंत्रता संग्राम के बारे में क्या दावा किया?
कांग्रेस नेता उदित राज ने दावा किया कि भारत के स्वतंत्रता संग्राम में करीब 61,000 मुसलमानों और करीब 8,000 सिखों ने बलिदान दिया। उन्होंने BJP और RSS को चुनौती दी कि वे देश के वास्तविक इतिहास पर खुलकर बात करें।
BJP ने इन आरोपों पर क्या कहा?
इन बयानों पर BJP की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है। पार्टी इससे पहले ऐसी आलोचनाओं को हिंदू-विरोधी राजनीति का हिस्सा बताती रही है।
सावरकर की हिंदुत्व परिभाषा पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
उदित राज के अनुसार, सावरकर की हिंदुत्व परिभाषा में 'पुण्यभूमि' और 'जन्मभूमि' का जो जोर है, उससे मुसलमानों और ईसाइयों को भारत में दोयम दर्जे का नागरिक मानने का भाव पैदा होता है। यही बिंदु कांग्रेस नेताओं की आलोचना का केंद्र है।
राष्ट्र प्रेस
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