26 अक्टूबर 2026
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दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन यात्रा' पर BJP का पलटवार, मंत्रियों ने कहा— मथुरा-काशी भी जाएं

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दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन यात्रा' पर BJP का पलटवार, मंत्रियों ने कहा— मथुरा-काशी भी जाएं

सारांश

दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन यात्रा' BJP के लिए सीधा राजनीतिक निशाना बन गई है। मध्य प्रदेश के दो मंत्रियों ने न केवल यात्रा की नीयत पर सवाल उठाए, बल्कि जाकिर नाइक से प्रायोजन के कथित आरोप तक लगा दिए — जो इस यात्रा को धार्मिक से राजनीतिक बहस का केंद्र बनाते हैं।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन यात्रा' पर 26 अक्टूबर 2026 को BJP मंत्रियों ने तीखा हमला बोला।
मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा — यात्रा राजनीतिक पुनर्वास की कोशिश है; मथुरा और काशी की भी यात्रा करें।
मंत्री विश्वास सारंग ने कथित तौर पर आरोप लगाया कि यात्रा जाकिर नाइक द्वारा प्रायोजित है — यह आरोप अभी सत्यापित नहीं।
दिग्विजय सिंह बाबा महाकाल से अयोध्या तक की यात्रा कर रहे हैं।
कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई।

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन यात्रा' ने 26 अक्टूबर 2026 को तीखा राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया, जब भारतीय जनता पार्टी (BJP) के दो मंत्रियों ने इस यात्रा की नीयत पर सवाल उठाते हुए कहा कि यदि दिग्विजय सिंह सच में सनातन धर्म के प्रति समर्पित हैं, तो उन्हें अयोध्या के साथ-साथ मथुरा और काशी की भी यात्रा करनी चाहिए। मध्य प्रदेश सरकार के मंत्रियों का आरोप है कि यह यात्रा राजनीतिक पुनर्वास की कोशिश मात्र है।

मुख्य घटनाक्रम

मध्य प्रदेश के मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि दिग्विजय सिंह बाबा महाकाल से अयोध्या तक की यात्रा कर रहे हैं, लेकिन यह सवाल पूछा जाना चाहिए कि जब अयोध्या में भगवान राम का मंदिर निर्माण हो रहा था, तब वे रामजी के विरोध में बोल रहे थे। टेटवाल के अनुसार, यह यात्रा सनातन आस्था का प्रदर्शन नहीं, बल्कि अपनी और अपने पुत्र की राजनीतिक स्थापना का प्रयास है।

टेटवाल ने सुझाव देते हुए कहा, 'अगर उन्हें यात्रा ही करनी है तो मथुरा और काशी अभी बाकी है। उन्हें मथुरा की यात्रा करनी चाहिए और भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि को मुक्त कराने की बात करनी चाहिए। अगर वह ऐसा करते हैं तो हम भी उनका सहयोग करेंगे।'

विश्वास सारंग के गंभीर आरोप

मध्य प्रदेश सरकार के दूसरे मंत्री विश्वास सारंग ने और भी कड़े आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह को स्पष्ट करना चाहिए कि क्या वे हिंदू और सनातन धर्म को बदनाम करने के लिए यह यात्रा निकाल रहे हैं। सारंग के अनुसार, इस यात्रा से पूरी दुनिया में हिंदुत्व और सनातन के खिलाफ 'गलत संदेश' जा रहा है।

सारंग ने कथित तौर पर यह भी आरोप लगाया कि यह यात्रा इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक द्वारा प्रायोजित है और दिग्विजय सिंह ने अतीत में जाकिर नाइक का महिमामंडन किया था। उन्होंने माँग की कि इस पूरे मामले की जाँच होनी चाहिए। ये आरोप अत्यंत गंभीर हैं और अभी तक इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

राजनीतिक पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि दिग्विजय सिंह मध्य प्रदेश की राजनीति के दिग्गज नेता रहे हैं और राज्य में दो बार मुख्यमंत्री पद पर आसीन हो चुके हैं। यह यात्रा ऐसे समय में आई है जब कांग्रेस मध्य प्रदेश में विपक्ष में है और हिंदू मतदाताओं तक पहुँचने की रणनीति बना रही है। आलोचकों का कहना है कि BJP ऐसी यात्राओं को हमेशा 'हिंदू वोट-बैंक की राजनीति' बताकर निशाना बनाती है।

यह ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रीय स्तर पर सनातन धर्म बनाम धर्मनिरपेक्षता की बहस एक बार फिर राजनीतिक केंद्र में आ गई है। भाजपा शासित राज्यों में इस तरह की यात्राओं पर पलटवार एक स्थापित राजनीतिक रणनीति बन चुकी है।

आम जनता और विशेषज्ञ क्या कहते हैं

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, 'सत्य सनातन यात्रा' कांग्रेस की उस व्यापक कोशिश का हिस्सा हो सकती है जिसके तहत पार्टी खुद को हिंदू-विरोधी की छवि से बाहर निकालना चाहती है। वहीं BJP के मंत्रियों का यह प्रतिआक्रमण दर्शाता है कि वे इस राजनीतिक जगह को आसानी से खाली नहीं छोड़ेंगे।

क्या होगा आगे

दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन यात्रा' आने वाले दिनों में और किन तीर्थ स्थलों तक पहुँचेगी, यह देखने वाली बात होगी। BJP के मंत्रियों ने मथुरा और काशी की यात्रा की चुनौती देकर यह सुनिश्चित किया है कि यह विवाद राजनीतिक एजेंडे पर बना रहे। कांग्रेस की ओर से अभी तक इन आरोपों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो अगले चुनावी चक्र को ध्यान में रखकर बोला गया है। विश्वास सारंग द्वारा जाकिर नाइक प्रायोजन का कथित आरोप बेहद गंभीर है और मुख्यधारा की कवरेज इस पर पर्याप्त सवाल नहीं उठाती — इस दावे की स्वतंत्र जाँच होनी चाहिए। असली सवाल यह है कि क्या यह यात्रा मध्य प्रदेश में कांग्रेस के लिए कोई ठोस जमीन बना पाएगी, या BJP के पलटवार से इसका राजनीतिक लाभ उल्टा पड़ जाएगा।
RashtraPress
26 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन यात्रा' क्या है?
कांग्रेस नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह द्वारा निकाली जा रही यह एक धार्मिक-राजनीतिक यात्रा है, जो बाबा महाकाल से शुरू होकर अयोध्या तक जाती है। इस यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म के प्रति समर्पण दिखाना बताया जा रहा है, हालांकि BJP इसे राजनीतिक पुनर्वास की कोशिश करार दे रही है।
BJP मंत्रियों ने दिग्विजय सिंह की यात्रा पर क्या आरोप लगाए?
मंत्री गौतम टेटवाल ने कहा कि यह यात्रा राजनीतिक स्वार्थ से प्रेरित है और दिग्विजय सिंह को मथुरा-काशी भी जाना चाहिए। मंत्री विश्वास सारंग ने कथित तौर पर यह भी आरोप लगाया कि यात्रा इस्लामिक उपदेशक जाकिर नाइक द्वारा प्रायोजित है — यह दावा अभी तक सत्यापित नहीं हुआ है।
BJP ने दिग्विजय सिंह को मथुरा-काशी जाने की चुनौती क्यों दी?
गौतम टेटवाल के अनुसार, अगर दिग्विजय सिंह सनातन धर्म के प्रति सच में समर्पित हैं तो उन्हें भगवान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मथुरा और काशी की भी यात्रा करनी चाहिए। यह चुनौती BJP की उस राजनीतिक रणनीति का हिस्सा है जिसमें मथुरा और काशी को हिंदुत्व के प्रमुख एजेंडे के रूप में प्रस्तुत किया जाता है।
जाकिर नाइक प्रायोजन का आरोप क्या है और यह कितना विश्वसनीय है?
मंत्री विश्वास सारंग ने कथित तौर पर दावा किया कि दिग्विजय सिंह की यात्रा जाकिर नाइक द्वारा प्रायोजित है और उन्होंने अतीत में नाइक का महिमामंडन किया था। यह एक गंभीर आरोप है जिसकी अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है; इस पर जाँच की माँग की गई है।
इस विवाद का मध्य प्रदेश की राजनीति पर क्या असर पड़ सकता है?
यह विवाद मध्य प्रदेश में कांग्रेस और BJP के बीच हिंदू मतदाताओं को साधने की होड़ को उजागर करता है। आलोचकों का कहना है कि BJP का यह पलटवार कांग्रेस की धार्मिक-यात्रा रणनीति को राजनीतिक नुकसान में बदलने की कोशिश है, जो आगामी चुनावों की दिशा में अहम हो सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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