सनातन धर्म को कांग्रेस के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं — दिग्विजय की यात्रा पर BJP का पलटवार
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 5 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के सनातन धर्म संबंधी बयान और उनकी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेताओं ने एक सुर में कहा कि सनातन धर्म को दिग्विजय सिंह या कांग्रेस से किसी प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है।
दिग्विजय सिंह का विवादित बयान
कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हाल ही में कहा था, 'इस देश में जिस प्रकार सनातन धर्म को आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और सावरकर ने 'हिंदुत्व' नाम दे दिया, उसकी वजह से पूरे देश में हिंदू-मुसलमानों के बीच, हिंदुओं और सिखों के बीच और हिंदुओं और ईसाइयों के बीच खाई पैदा कर दी है।' यह बयान उनकी उज्जैन से अयोध्या तक की पदयात्रा के दौरान आया, जिसे वे 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' का नाम दे रहे हैं।
मंत्री और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया
भोपाल में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, 'दिग्विजय सिंह ने सनातन और हिंदू धर्म को मानने वालों का अपमान करने का काम अपने हाथ में ले लिया है। दिग्विजय सिंह को सनातन धर्म समझाने का क्या अधिकार है? दिग्विजय सिंह, जो जाकिर नाइक को हीरो कहते हैं, अब सनातन दर्शन समझाएंगे? हमें दिग्विजय सिंह से किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है, जो जाकिर नाइक जैसे चरमपंथी और हिंदू-विरोधी व्यक्ति के मंच पर गए और उन्हें हीरो कहा।'
कर्नाटक के कलबुर्गी में भाजपा एमएलसी एन. रविकुमार ने दिग्विजय के RSS पर लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'उत्तर प्रदेश के लोगों को भाजपा सरकार और योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है। भारत के लोगों ने मंदिर के लिए पैसे दान किए और एक रुपये की भी चोरी नहीं हुई। भारत के लोगों को आरएसएस पर पूरा भरोसा और विश्वास है।'
धर्माचार्य और क्षेत्रीय नेताओं की आवाज़
अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने दिग्विजय के बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा, 'ये वही दिग्विजय सिंह हैं, जिन्होंने भगवा रंग के बारे में टिप्पणी की थी। ये वही दिग्विजय सिंह हैं, जिन्होंने साधु-संतों को दाऊद, आईएसआई और तालिबान से जोड़ा था। इन्हें हमारी सनातन संस्कृति के प्रति कोई सम्मान नहीं है।'
मथुरा में उत्तर प्रदेश भाजपा के राज्य महासचिव राजेश चौधरी ने कहा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक राष्ट्रवादी संगठन है और उसे दिग्विजय सिंह से किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है। दिग्विजय सिंह ऐसा हर काम करते हैं जिससे भारतीयों और हिंदुओं की भावनाएँ आहत होती हैं।'
दक्षिण भारत से भी विरोध के स्वर
आंध्र प्रदेश के कुरनूल में भाजपा प्रवक्ता विनूषा ने कहा, 'कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कह दिया कि आरएसएस देश को बांटने वाली और भारत-विरोधी संस्था है। दिग्विजय सिंह आरएसएस के बारे में कुछ नहीं जानते। आपने कहा कि आप आरएसएस का विरोध करने के लिए 1,000 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं।'
हैदराबाद में भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने कहा, 'दिग्विजय सिंह आरएसएस और वीर सावरकर के बारे में कुछ कहने की कोशिश कर रहे हैं। सनातन धर्म को कांग्रेस के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है। 1947 के बाद से जो पूरी भयानक कहानी गढ़ी गई, वह एक लेफ्ट-लिबरल इस्लामिक इकोसिस्टम था जिसने वीर सावरकर के बारे में गलत नैरेटिव बनाया।'
आगे क्या होगा
यह ऐसे समय में आया है जब दिग्विजय सिंह की यात्रा अभी जारी है और वह अयोध्या तक पहुँचने से पहले कई राज्यों से गुज़रेंगे। गौरतलब है कि धर्म और हिंदुत्व की राजनीति पर BJP और कांग्रेस के बीच यह टकराव कोई नई बात नहीं — लेकिन दिग्विजय सिंह द्वारा स्वयं सनातन यात्रा पर निकलना और साथ में RSS पर हमला बोलना, राजनीतिक रूप से असामान्य स्थिति है जिस पर आने वाले दिनों में बहस और तेज़ होने की संभावना है।