5 अक्टूबर 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

सनातन धर्म को कांग्रेस के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं — दिग्विजय की यात्रा पर BJP का पलटवार

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
सनातन धर्म को कांग्रेस के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं — दिग्विजय की यात्रा पर BJP का पलटवार

सारांश

दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' और उनके RSS-हिंदुत्व बयान ने BJP को राष्ट्रव्यापी पलटवार का मौका दे दिया। मध्य प्रदेश से लेकर हैदराबाद तक भाजपा नेताओं ने एक सुर में कहा — सनातन धर्म को कांग्रेस के किसी प्रमाण-पत्र की ज़रूरत नहीं।

मुख्य बातें

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और सावरकर ने 'हिंदुत्व' नाम देकर धर्मों के बीच खाई पैदा की।
दिग्विजय सिंह उज्जैन से अयोध्या तक 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' पर हैं।
मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग ने दिग्विजय को 'जाकिर नाइक को हीरो कहने वाले' बताते हुए उनके सनातन धर्म पर बोलने के अधिकार पर सवाल उठाया।
अयोध्या हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' कहा और पूर्व के विवादित बयानों की याद दिलाई।
उत्तर प्रदेश भाजपा महासचिव राजेश चौधरी ने मथुरा से और भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने हैदराबाद से पलटवार किया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के नेताओं ने 5 अक्टूबर 2026 को कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह के सनातन धर्म संबंधी बयान और उनकी 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। BJP नेताओं ने एक सुर में कहा कि सनातन धर्म को दिग्विजय सिंह या कांग्रेस से किसी प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं है।

दिग्विजय सिंह का विवादित बयान

कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने हाल ही में कहा था, 'इस देश में जिस प्रकार सनातन धर्म को आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और सावरकर ने 'हिंदुत्व' नाम दे दिया, उसकी वजह से पूरे देश में हिंदू-मुसलमानों के बीच, हिंदुओं और सिखों के बीच और हिंदुओं और ईसाइयों के बीच खाई पैदा कर दी है।' यह बयान उनकी उज्जैन से अयोध्या तक की पदयात्रा के दौरान आया, जिसे वे 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' का नाम दे रहे हैं।

मंत्री और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया

भोपाल में मध्य प्रदेश सरकार के मंत्री विश्वास सारंग ने कहा, 'दिग्विजय सिंह ने सनातन और हिंदू धर्म को मानने वालों का अपमान करने का काम अपने हाथ में ले लिया है। दिग्विजय सिंह को सनातन धर्म समझाने का क्या अधिकार है? दिग्विजय सिंह, जो जाकिर नाइक को हीरो कहते हैं, अब सनातन दर्शन समझाएंगे? हमें दिग्विजय सिंह से किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है, जो जाकिर नाइक जैसे चरमपंथी और हिंदू-विरोधी व्यक्ति के मंच पर गए और उन्हें हीरो कहा।'

कर्नाटक के कलबुर्गी में भाजपा एमएलसी एन. रविकुमार ने दिग्विजय के RSS पर लगाए आरोपों को खारिज करते हुए कहा, 'उत्तर प्रदेश के लोगों को भाजपा सरकार और योगी आदित्यनाथ पर पूरा भरोसा है। भारत के लोगों ने मंदिर के लिए पैसे दान किए और एक रुपये की भी चोरी नहीं हुई। भारत के लोगों को आरएसएस पर पूरा भरोसा और विश्वास है।'

धर्माचार्य और क्षेत्रीय नेताओं की आवाज़

अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने दिग्विजय के बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताते हुए कहा, 'ये वही दिग्विजय सिंह हैं, जिन्होंने भगवा रंग के बारे में टिप्पणी की थी। ये वही दिग्विजय सिंह हैं, जिन्होंने साधु-संतों को दाऊद, आईएसआई और तालिबान से जोड़ा था। इन्हें हमारी सनातन संस्कृति के प्रति कोई सम्मान नहीं है।'

मथुरा में उत्तर प्रदेश भाजपा के राज्य महासचिव राजेश चौधरी ने कहा, 'राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ एक राष्ट्रवादी संगठन है और उसे दिग्विजय सिंह से किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है। दिग्विजय सिंह ऐसा हर काम करते हैं जिससे भारतीयों और हिंदुओं की भावनाएँ आहत होती हैं।'

दक्षिण भारत से भी विरोध के स्वर

आंध्र प्रदेश के कुरनूल में भाजपा प्रवक्ता विनूषा ने कहा, 'कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने कह दिया कि आरएसएस देश को बांटने वाली और भारत-विरोधी संस्था है। दिग्विजय सिंह आरएसएस के बारे में कुछ नहीं जानते। आपने कहा कि आप आरएसएस का विरोध करने के लिए 1,000 किलोमीटर की पदयात्रा कर रहे हैं।'

हैदराबाद में भाजपा नेता टीआर श्रीनिवास ने कहा, 'दिग्विजय सिंह आरएसएस और वीर सावरकर के बारे में कुछ कहने की कोशिश कर रहे हैं। सनातन धर्म को कांग्रेस के सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं है। 1947 के बाद से जो पूरी भयानक कहानी गढ़ी गई, वह एक लेफ्ट-लिबरल इस्लामिक इकोसिस्टम था जिसने वीर सावरकर के बारे में गलत नैरेटिव बनाया।'

आगे क्या होगा

यह ऐसे समय में आया है जब दिग्विजय सिंह की यात्रा अभी जारी है और वह अयोध्या तक पहुँचने से पहले कई राज्यों से गुज़रेंगे। गौरतलब है कि धर्म और हिंदुत्व की राजनीति पर BJP और कांग्रेस के बीच यह टकराव कोई नई बात नहीं — लेकिन दिग्विजय सिंह द्वारा स्वयं सनातन यात्रा पर निकलना और साथ में RSS पर हमला बोलना, राजनीतिक रूप से असामान्य स्थिति है जिस पर आने वाले दिनों में बहस और तेज़ होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

दूसरी ओर उसी यात्रा के दौरान RSS और सावरकर पर हमला बोल रहे हैं, जिससे BJP को पलटवार का तैयार मंच मिल गया। यह वही रणनीतिक जाल है जिसमें कांग्रेस बार-बार फँसती है — धर्म की ज़मीन पर उतरना, लेकिन शर्तें BJP की। असली सवाल यह है कि क्या यह यात्रा कांग्रेस के लिए हिंदू मतदाताओं तक पहुँचने का वास्तविक प्रयास है, या महज़ एक प्रतिक्रियावादी कदम — और अब तक का जवाब BJP की तेज़ और संगठित प्रतिक्रिया से स्पष्ट है।
RashtraPress
5 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिग्विजय सिंह की 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' क्या है?
यह कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह की उज्जैन से अयोध्या तक की पदयात्रा है, जिसे उन्होंने 'सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा' नाम दिया है। इस यात्रा के दौरान उन्होंने RSS, विश्व हिंदू परिषद और सावरकर पर बयान दिए जो विवाद का केंद्र बने।
दिग्विजय सिंह ने सनातन धर्म पर क्या कहा जिस पर BJP ने आपत्ति जताई?
दिग्विजय सिंह ने कहा कि आरएसएस, विश्व हिंदू परिषद और सावरकर ने सनातन धर्म को 'हिंदुत्व' नाम देकर हिंदुओं, मुसलमानों, सिखों और ईसाइयों के बीच खाई पैदा की है। इसी बयान पर BJP नेताओं ने देशभर से प्रतिक्रिया दी।
BJP नेताओं ने दिग्विजय सिंह को क्या जवाब दिया?
मध्य प्रदेश के मंत्री विश्वास सारंग, उत्तर प्रदेश भाजपा महासचिव राजेश चौधरी, अयोध्या हनुमानगढ़ी के महंत राजू दास और कई अन्य नेताओं ने कहा कि सनातन धर्म को कांग्रेस या दिग्विजय सिंह से किसी सर्टिफिकेट की ज़रूरत नहीं। विश्वास सारंग ने दिग्विजय पर जाकिर नाइक को 'हीरो' कहने का आरोप भी लगाया।
हनुमानगढ़ी मंदिर के महंत राजू दास ने क्या कहा?
महंत राजू दास ने दिग्विजय सिंह के बयान को 'दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा कि दिग्विजय सिंह ने पहले भी भगवा रंग पर टिप्पणी की थी और साधु-संतों को दाऊद, आईएसआई और तालिबान से जोड़ा था।
क्या यह पहली बार है जब दिग्विजय सिंह के बयान पर BJP ने इस तरह प्रतिक्रिया दी?
नहीं, दिग्विजय सिंह कई बार अपने विवादित बयानों के कारण BJP के निशाने पर रहे हैं। इस बार विशेष यह है कि वे स्वयं 'सनातन' नाम की यात्रा पर हैं, फिर भी RSS और हिंदुत्व पर हमलावर हैं — जिसे BJP ने राजनीतिक अवसर के रूप में भुनाया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 5 घंटे पहले
  2. कल
  3. 1 महीना पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 3 महीने पहले
  6. 3 महीने पहले
  7. 4 महीने पहले
  8. 5 महीने पहले