6 नवंबर 2026
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बेंगलुरु हत्याकांड: इंदुशेखर ने 7 की जान ली, 10 साल के भांजे को भी मारने की थी योजना

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बेंगलुरु हत्याकांड: इंदुशेखर ने 7 की जान ली, 10 साल के भांजे को भी मारने की थी योजना

सारांश

बेंगलुरु में एक ही परिवार के 7 सदस्यों की कथित हत्या का आरोपी इंदुशेखर, 10 साल के भांजे को उसी कार में लेकर घूमता रहा जिसमें उसके माता-पिता के शव बोरियों में थे। समय रहते पुलिस की गिरफ्तारी न होती तो बच्चा भी नहीं बचता।

मुख्य बातें

बेंगलुरु के आरोपी इंदुशेखर ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के परिवार के 7 सदस्यों की हत्या की, जिनमें एक 7 वर्षीय बच्चा भी शामिल है।
पीड़ितों में सुनीता (40 वर्ष) , रूपावती (65 वर्ष) , शिवकुमार (30 वर्ष) , उनकी पत्नी दिव्या व बेटे पुनीत (7 वर्ष) , शंकर (40 वर्ष) और उनकी पत्नी नलिनी शामिल हैं।
आरोपी ने 10 वर्षीय भांजे को उसी कार में रखा जिसमें उसके माता-पिता के शव बोरियों में थे; बच्चे को शव शिराडी घाट के पास ठिकाने लगाने के बाद बेंगलुरु वापस लाया गया।
पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैकिंग से आरोपी को हलसुरु में पकड़ा; कार से तेज दुर्गंध और पीड़ितों के फोन बरामद हुए।
आरोपी की नाबालिग बेटी को मामले में दूसरा आरोपी माना जा रहा है; पुलिस उसकी भूमिका की जाँच कर रही है।
साक्ष्य मिटाने के लिए कथित तौर पर रसायनों से सफाई की गई; फोरेंसिक जाँच में कई स्थानों पर खून के निशान मिले।

बेंगलुरु में एक दिल दहला देने वाले हत्याकांड में आरोपी इंदुशेखर ने कथित तौर पर अपनी पत्नी के परिवार के सात सदस्यों की हत्या कर दी और एक 10 वर्षीय बच्चे को भी मौत के घाट उतारने की साजिश रची थी। 6 नवंबर 2026 को बेंगलुरु पुलिस ने आरोपी को हलसुरु इलाके में उस कार सहित गिरफ्तार किया, जिसमें पीड़ितों के शव बोरियों में बंद थे। पुलिस के अनुसार, समय रहते गिरफ्तारी न होती तो वह बच्चे की भी हत्या कर देता।

कैसे बचा 10 साल का मासूम

पुलिस के मुताबिक, शंकर और नलिनी का 10 वर्षीय बेटा अनजाने में उसी कार में अपने चाचा इंदुशेखर के साथ सफर करता रहा, जिसमें उसके माता-पिता के शव बोरियों में छिपाए गए थे। बच्चे को इसकी भनक तक नहीं थी कि उसके माता-पिता की हत्या हो चुकी है।

आरोप है कि इंदुशेखर ने बच्चे को जानबूझकर जीवित रखा, ताकि वह रिश्तेदारों के फोन कॉल उठाए और संदेश भेजे — इस तरह परिवार के जीवित होने का भ्रम बनाए रखा जा सके। यात्रा के दौरान बच्चे ने कार में आ रही दुर्गंध और बोरियों के बारे में सवाल किया, तो कथित तौर पर इंदुशेखर ने उसे बताया कि बोरियों में कचरा और बेकार सामान है।

पुलिस के अनुसार, जब बच्चा सो गया, तब आरोपी ने शिराडी घाट क्षेत्र में शवों को ठिकाने लगाया और फिर बच्चे को लेकर बेंगलुरु लौट आया। पुलिस की तत्परता से ही यह मासूम एक और हत्या का शिकार होने से बच सका।

हत्याओं का क्रम और तरीका

जाँच अधिकारियों के अनुसार, इंदुशेखर ने सबसे पहले अपनी 40 वर्षीय पत्नी सुनीता की हत्या की। इसके बाद उसने 65 वर्षीय सास रूपावती को मार डाला। फिर उसने अपने 30 वर्षीय साले शिवकुमार, उनकी पत्नी दिव्या और उनके 7 वर्षीय बेटे पुनीत की भी जान ले ली। इसके बाद आखिरी शिकार बने उसके दूसरे साले 40 वर्षीय शंकर और उनकी पत्नी नलिनी।

आरोप है कि पीड़ितों पर तब हमला किया गया जब वे बैठे हुए या सो रहे थे। कथित तौर पर सिलबट्टे के पत्थर से सिर पर वार कर उन्हें बेहोश किया गया, फिर मौत सुनिश्चित करने के लिए दोबारा हमला किया गया। प्रारंभिक जाँच के अनुसार, इंदुशेखर ने प्रत्येक हत्या की योजना बनाने और उसे अंजाम देने में दो से तीन दिन का समय लिया।

सबूत मिटाने की कोशिश

हर हत्या के बाद आरोपी ने कथित तौर पर सिलबट्टे और घर को रसायनों से साफ किया, ताकि खून के निशान मिटाए जा सकें। शुरुआत में पुलिस को खून के सबूत ढूंढने में कठिनाई हुई, लेकिन आधुनिक फोरेंसिक उपकरणों की मदद से घर के हॉल, कमरों और रसोई समेत कई स्थानों पर खून के छींटों के निशान मिले। कथित तौर पर इंदुशेखर ने शवों को पैक करने और ले जाने के लिए करीब 15 प्लास्टिक की बोरियाँ खरीदी थीं।

पुलिस ने कैसे पकड़ा

श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में परिवार के लापता होने की शिकायत दर्ज होने के बाद, पुलिस लापता लोगों के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक करने लगी। सभी फोन बार-बार आरोपी के फोन के साथ एक ही स्थान पर दिख रहे थे। जैसे ही इंदुशेखर हलसुरु इलाके में पहुँचा, पुलिस ने उसकी कार रोककर उसे हिरासत में ले लिया। हिरासत के समय कार से तेज दुर्गंध आ रही थी और पीड़ितों के मोबाइल फोन एक बैग में बरामद हुए। पूछताछ में इंदुशेखर ने कथित तौर पर सात हत्याओं की बात स्वीकार कर ली।

नाबालिग बेटी और आगे की जाँच

जाँच अधिकारियों के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर अपनी नाबालिग बेटी को भी पत्नी की हत्या में सहयोग के लिए तैयार किया था। उसे मामले का दूसरा आरोपी माना जा रहा है। पुलिस फिलहाल हत्याओं के पूरे क्रम, नाबालिग बेटी की भूमिका और आरोपी की कथित आगामी हत्या योजनाओं की जाँच कर रही है। यह मामला बेंगलुरु पुलिस की अब तक की सबसे संवेदनशील जाँचों में से एक बन गया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि एक 10 साल के मासूम को 'जीवित हथियार' की तरह इस्तेमाल किया — यह साजिश की गहराई को एक नए और भयावह स्तर पर ले जाती है। जाँच में नाबालिग बेटी की कथित संलिप्तता यह सवाल उठाती है कि क्या किशोर न्याय प्रणाली इस तरह के गंभीर मामलों को संभालने के लिए पर्याप्त रूप से तैयार है। फोरेंसिक साक्ष्य की सराहना की जानी चाहिए, लेकिन असली सवाल यह है कि क्या पहले कोई संकेत थे जिन्हें नज़रअंदाज़ किया गया।
RashtraPress
6 नवंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु हत्याकांड में आरोपी इंदुशेखर ने किन लोगों की हत्या की?
पुलिस के अनुसार, इंदुशेखर ने कथित तौर पर अपनी पत्नी सुनीता (40 वर्ष), सास रूपावती (65 वर्ष), साले शिवकुमार (30 वर्ष), उनकी पत्नी दिव्या, उनके 7 वर्षीय बेटे पुनीत, दूसरे साले शंकर (40 वर्ष) और उनकी पत्नी नलिनी — कुल 7 लोगों की हत्या की। शंकर और नलिनी का 10 वर्षीय बेटा इस घटना में जीवित बच गया।
10 साल का बच्चा इस हत्याकांड से कैसे बचा?
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने बच्चे को जानबूझकर कुछ समय के लिए जीवित रखा ताकि वह रिश्तेदारों के फोन उठाए और परिवार के जीवित होने का भ्रम बनाए रखे। समय रहते पुलिस ने इंदुशेखर को हलसुरु में गिरफ्तार कर लिया, जिससे बच्चे की जान बच गई — पुलिस के अनुसार आरोपी घर लौटने के बाद बच्चे की भी हत्या करने वाला था।
पुलिस ने आरोपी को कैसे पकड़ा?
श्रीरामपुरा पुलिस स्टेशन में परिवार के लापता होने की शिकायत दर्ज होने के बाद, पुलिस ने पीड़ितों के मोबाइल फोन की लोकेशन ट्रैक की। सभी फोन बार-बार आरोपी के फोन के साथ एक ही स्थान पर दिख रहे थे, जिससे जाँचकर्ताओं को संदेह हुआ। जैसे ही इंदुशेखर हलसुरु इलाके में पहुँचा, पुलिस ने उसकी कार रोककर गिरफ्तार कर लिया।
आरोपी ने सबूत मिटाने के लिए क्या किया?
जाँच अधिकारियों के अनुसार, इंदुशेखर ने हर हत्या के बाद सिलबट्टे और घर को रसायनों से साफ किया। उसने शवों को करीब 15 प्लास्टिक की बोरियों में पैक किया और शिराडी घाट क्षेत्र में ठिकाने लगाया। हालाँकि, आधुनिक फोरेंसिक उपकरणों की मदद से पुलिस को घर के हॉल, कमरों और रसोई में खून के निशान मिले।
इस मामले में नाबालिग बेटी की क्या भूमिका बताई जा रही है?
जाँच अधिकारियों के अनुसार, इंदुशेखर ने कथित तौर पर अपनी नाबालिग बेटी को पत्नी की हत्या में सहयोग के लिए तैयार किया था। उसे मामले में दूसरा आरोपी माना जा रहा है और पुलिस अभी उसकी सटीक भूमिका की जाँच कर रही है।
राष्ट्र प्रेस
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