11 जुलाई 2026
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बेंगलुरु हत्याकांड: प्रशांत ने मां, दादी और जीजा को मारा, फिर फांसी लगाई — पिता बोले 'कुछ समझ नहीं आया'

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बेंगलुरु हत्याकांड: प्रशांत ने मां, दादी और जीजा को मारा, फिर फांसी लगाई — पिता बोले 'कुछ समझ नहीं आया'

सारांश

बेंगलुरु के कोट्टीगेपाल्या में एक ड्राइवर ने शनिवार सुबह अपनी मां, दादी और जीजा की कथित तौर पर हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगा ली। पिता सुबह दुकान खोलने निकले थे — लौटे तो पूरा परिवार बिखरा मिला। मकसद अब तक अज्ञात।

मुख्य बातें

बेंगलुरु के कोट्टीगेपाल्या इलाके में 11 जुलाई की सुबह चार मौतें — तीन हत्याएं, एक आत्महत्या।
आरोपी प्रशांत (34) , पेशे से ड्राइवर, ने कथित तौर पर मां मंगलाम्मा , दादी नंजम्मा और जीजा सतीश की हत्या की।
पुलिस को सूचना सुबह 8:30–9 बजे के बीच मिली; घर के प्रवेश द्वार और अंदर कुल चार शव मिले।
पिता चिक्कन्ना ने कहा — रात में कोई झगड़ा नहीं था, प्रशांत मानसिक रूप से स्वस्थ था।
हत्या का मकसद अभी अज्ञात; डीसीपी एन.
यतीश की अगुवाई में जांच जारी।

बेंगलुरु के कोट्टीगेपाल्या इलाके में शनिवार, 11 जुलाई की सुबह एक दर्दनाक घटना सामने आई, जब 34 वर्षीय प्रशांत ने कथित तौर पर अपनी मां मंगलाम्मा, दादी नंजम्मा और जीजा सतीश की धारदार हथियार से हत्या करने के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। कामाक्षीपाल्या थाना क्षेत्र में हुई इस चौहरी मौत की घटना ने पूरे इलाके को स्तब्ध कर दिया है।

पिता का बयान: 'रात में कोई झगड़ा नहीं था'

प्रशांत के पिता चिक्कन्ना ने पत्रकारों से बात करते हुए कहा, 'मुझे नहीं पता कि मेरे बेटे ने ऐसा क्यों किया। वह बिल्कुल ठीक था और मानसिक रूप से भी पूरी तरह स्वस्थ था।' उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात परिवार में किसी तरह का कोई विवाद नहीं हुआ था।

चिक्कन्ना ने कहा, 'प्रशांत बिल्कुल सामान्य था। वह ड्राइवर था और अपनी रोज़मर्रा की ज़िंदगी ठीक तरह से जी रहा था। मैं सुबह काम पर निकल गया था। इसके बाद करीब 10 बजे मुझे फोन आया और घटना के बारे में जानकारी मिली।' उन्होंने यह भी कहा कि अगर रात में कोई झगड़ा हुआ होता, तो वह घर से निकलकर अपनी लॉन्ड्री की दुकान खोलने नहीं जाते।

पुलिस को कैसे मिली सूचना

पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) एन. यतीश ने बताया कि पुलिस को सुबह करीब 8:30 से 9 बजे के बीच तीन हत्याओं और एक आत्महत्या की सूचना मिली। पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पड़ोसियों ने बताया कि उन्होंने घर से शोर सुनाई देने की बात कही थी।

डीसीपी यतीश के अनुसार, 'घर के प्रवेश द्वार के पास दो शव मिले, जबकि अंदर जाने पर पुलिस को दो और शव मिले। सभी के शरीर पर धारदार हथियार से हमला किए जाने के निशान मिले।' घर में कुल पाँच लोग रहते थे — पिता, मां, दादी, जीजा और प्रशांत। पिता उस सुबह दुकान के लिए निकल चुके थे।

पीड़ितों का परिचय

पुलिस के अनुसार, मंगलाम्मा एक गारमेंट फैक्ट्री में काम करती थीं, नंजम्मा सफाईकर्मी थीं, और सतीश प्लंबर का काम करते थे। प्रशांत अविवाहित था और परिवार के साथ ही रहता था। यह परिवार मूल रूप से कुनिगल का रहने वाला था और अयप्पा मंदिर के पास किराये पर रहता था।

जांच की स्थिति

डीसीपी यतीश ने बताया कि हत्याओं के पीछे की वजह की अभी जांच चल रही है। 'हम परिवार के सदस्यों, पड़ोसियों और अन्य स्रोतों से जानकारी जुटा रहे हैं। फिलहाल हम मामले के सभी पहलुओं की पुष्टि कर रहे हैं।' वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और सीन ऑफ क्राइम टीम ने घटनास्थल का मुआयना किया और साक्ष्य एकत्र किए।

पुलिस रिश्तेदारों, पड़ोसियों और स्थानीय निवासियों के बयान दर्ज कर रही है। जांच जारी है और अभी तक कोई आधिकारिक मकसद सामने नहीं आया है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जो यह सवाल उठाता है कि क्या शहरी परिवारों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता की पहुंच पर्याप्त है।
RashtraPress
11 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

बेंगलुरु के कोट्टीगेपाल्या में क्या हुआ?
11 जुलाई की सुबह 34 वर्षीय प्रशांत ने कथित तौर पर अपनी मां मंगलाम्मा, दादी नंजम्मा और जीजा सतीश की धारदार हथियार से हत्या की और फिर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस को यह सूचना सुबह 8:30 से 9 बजे के बीच मिली।
प्रशांत के पिता चिक्कन्ना ने क्या कहा?
चिक्कन्ना ने कहा कि शुक्रवार रात परिवार में कोई झगड़ा नहीं हुआ था और प्रशांत मानसिक रूप से पूरी तरह स्वस्थ था। वह सुबह अपनी लॉन्ड्री की दुकान खोलने निकले थे और करीब 10 बजे फोन पर घटना की जानकारी मिली।
हत्याओं का मकसद क्या था?
पुलिस के अनुसार अभी तक हत्याओं का कोई स्पष्ट मकसद सामने नहीं आया है। डीसीपी एन. यतीश ने बताया कि परिवार, पड़ोसियों और अन्य स्रोतों से जानकारी जुटाई जा रही है और जांच जारी है।
घटना में कौन-कौन से लोग पीड़ित थे?
तीन पीड़ित थे — मां मंगलाम्मा (गारमेंट फैक्ट्री कर्मचारी), दादी नंजम्मा (सफाईकर्मी), और जीजा सतीश (प्लंबर)। आरोपी प्रशांत खुद भी मृत पाया गया। परिवार मूल रूप से कुनिगल का रहने वाला था।
पुलिस ने घटनास्थल पर क्या पाया?
पुलिस को घर के प्रवेश द्वार के पास दो शव और अंदर दो और शव मिले। सभी पर धारदार हथियार से हमले के निशान थे। वरिष्ठ अधिकारियों और सीन ऑफ क्राइम टीम ने साक्ष्य एकत्र किए।
राष्ट्र प्रेस
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