रायगंज के जंगल में 12 साल की लापता बच्ची का शव मिला, दुष्कर्म और हत्या की आशंका
सारांश
मुख्य बातें
पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के रायगंज में 6 नवंबर 2026 की सुबह एक जंगल से 12 साल की नाबालिग बच्ची का आंशिक रूप से सड़ा-गला शव बरामद किया गया। बच्ची 3 नवंबर से लापता थी और परिवार की तलाश के बावजूद दो दिनों तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका था। शव की बरामदगी के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया है।
घटनाक्रम: कैसे लापता हुई बच्ची
परिवार के बयान के अनुसार, पीड़िता 3 नवंबर की दोपहर साइकिल चलाने के लिए घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसे आसपास के कई इलाकों में तलाश किया, पर कोई सुराग नहीं मिला। उसी दिन परिवार ने रायगंज पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने खोजबीन शुरू की।
पीड़िता की चाची ने बताया, 'मैं मंगलवार सुबह काम पर गई थी। जब घर लौटी, तो पता चला कि बच्ची लापता है। हमने उसे कई जगहों पर ढूंढा, लेकिन वह नहीं मिली। अब शुक्रवार सुबह जंगल से उसका शव मिला है।'
शव की बरामदगी और पहचान
6 नवंबर की सुबह रायगंज के एक जंगली इलाके में नाबालिग का शव मिलने की सूचना मिली। परिवारजन तुरंत मौके पर पहुँचे और शव की पहचान लापता लड़की के रूप में की। शव काफी हद तक सड़ चुका था।
पुलिस ने मौके पर पहुँचकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पीड़िता के परिजनों को आशंका है कि हत्या से पहले बच्ची के साथ यौन उत्पीड़न भी किया गया था।
पुलिस की प्रतिक्रिया और जाँच की स्थिति
जाँच अधिकारी के अनुसार, 'हमें भी शक है कि यह दुष्कर्म और हत्या का मामला हो सकता है, लेकिन अभी यह पक्के तौर पर नहीं कहा जा सकता कि यौन उत्पीड़न हुआ है या नहीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से यह साफ हो जाएगा।' अपराध की प्रकृति की पुष्टि पोस्टमार्टम के बाद ही होगी।
पुलिस उस इलाके और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है जहाँ शव मिला था। जाँच के हिस्से के रूप में पीड़िता के मोबाइल फोन की भी जाँच की जा रही है। रायगंज पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि लड़की के लापता होने और शव मिलने के बीच क्या हुआ था।
गिरफ्तारी और आगे की स्थिति
इस मामले में अब तक किसी भी संदिग्ध को गिरफ्तार या हिरासत में नहीं लिया गया है। उत्तर दिनाजपुर जिले में हाल के महीनों में इस प्रकार की घटनाओं को लेकर स्थानीय समुदाय में आक्रोश है। यह ऐसे समय में सामने आया है जब पश्चिम बंगाल में नाबालिगों की सुरक्षा को लेकर पहले से ही बहस चल रही है।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद जाँच की दिशा और स्पष्ट होगी, और पुलिस उसके आधार पर अगले कदम उठाएगी।