धनतेरस पर गुजरात सरकार का तोहफा: 113 डिप्टी सेक्शन ऑफिसर को नियुक्ति पत्र, 64 पदोन्नत
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के उप मुख्यमंत्री हर्ष संघवी ने धनतेरस के शुभ अवसर पर 6 नवंबर 2026 को गांधीनगर सचिवालय में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम में सीधी भर्ती प्रक्रिया के ज़रिये चयनित 113 डिप्टी सेक्शन ऑफिसर को नियुक्ति पत्र सौंपे। इसके साथ ही 64 सेक्शन ऑफिसर को पदोन्नति भी दी गई। मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने इस अवसर को प्रतिभा और पारदर्शिता की नीति के प्रतीक के रूप में प्रस्तुत किया।
नियुक्ति का विवरण और श्रेणियाँ
इस कार्यक्रम में कुल 113 नव-नियुक्त अधिकारियों को नियुक्ति पत्र दिए गए, जिनमें क्लास-3 श्रेणी के 87 सामान्य अभ्यर्थी और विशेष भर्ती अभियान के तहत चुने गए 26 दिव्यांग अभ्यर्थी शामिल हैं। दिव्यांग अभ्यर्थियों के लिए अलग विशेष भर्ती अभियान चलाया गया था, जो राज्य सरकार की समावेशी नीति को दर्शाता है।
उप मुख्यमंत्री संघवी ने कार्यक्रम में कहा कि मुख्यमंत्री पटेल के नेतृत्व में सरकारी नौकरियों में चयन का आधार केवल प्रतिभा, योग्यता और परिश्रम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह चयन प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें किसी प्रकार की सिफारिश या बाहरी प्रभाव की कोई जगह नहीं है।
2.10 लाख पदों की दीर्घकालिक भर्ती योजना
उप मुख्यमंत्री ने बताया कि युवाओं के करियर को बेहतर दिशा देने के लिए 2024 से 2033 के बीच क्लास-1, क्लास-2 और क्लास-3 के लगभग 2.10 लाख पदों पर सीधी भर्ती की व्यापक योजना तैयार की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि पिछले एक दशक में गुजरात ने भर्ती क्षेत्र में एक सुव्यवस्थित ढाँचा खड़ा किया है, जिससे युवा भर्ती कैलेंडर के ज़रिये पहले से अपनी तैयारी की योजना बना सकते हैं।
आँकड़ों के अनुसार, 2014 से 2023 के दौरान कुल 1,79,424 पदों पर भर्ती हो चुकी है और इनमें से 92.95 प्रतिशत भर्ती प्रक्रिया पूरी की जा चुकी है। यह आँकड़ा राज्य सरकार के दावों के अनुसार है।
दूरदराज़ क्षेत्रों के युवाओं की सफलता
उप मुख्यमंत्री संघवी ने इस अवसर पर दाहोद और बनासकांठा के भारत-पाकिस्तान सीमावर्ती छोटे गाँवों के नागरिकों के पुत्र-पुत्रियों की सफलता का विशेष उल्लेख किया, जो आज सचिवालय में डिप्टी सेक्शन ऑफिसर जैसे महत्वपूर्ण पदों पर नियुक्त हुए हैं। उन्होंने कहा कि राज्य के सुदूर गाँवों से सचिवालय तक का यह सफर एक बड़ी उपलब्धि है।
संघवी ने नव-नियुक्त अधिकारियों से आग्रह किया कि सफलता की ऊँचाइयों पर पहुँचने के बाद भी वे अपने गृहनगर और गाँवों में रहने वाले माता-पिता का सम्मान बनाए रखें।
मुख्य सचिव और वरिष्ठ अधिकारियों का संबोधन
कार्यक्रम में राज्य सरकार के मुख्य सचिव एमके दास ने कहा कि सरकारी कामकाज में योग्यता और पारदर्शिता अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने नए अधिकारियों से किसी भी फाइल या आवेदन को समय पर निपटाने और नागरिकों की समस्याओं के सही समाधान पर विशेष ध्यान देने का आह्वान किया।
कार्यक्रम का स्वागत सामान्य प्रशासन विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव अंजू शर्मा ने किया। इस अवसर पर नव-नियुक्त अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ उनके परिजन भी उपस्थित रहे।
आगे की राह
गुजरात सरकार की यह पहल ऐसे समय में आई है जब राज्य में सरकारी भर्तियों में पारदर्शिता और गति को लेकर युवाओं की अपेक्षाएँ लगातार बढ़ रही हैं। 2.10 लाख पदों की दीर्घकालिक योजना और भर्ती कैलेंडर की व्यवस्था यह संकेत देती है कि राज्य सरकार सुनियोजित तरीके से रोज़गार के अवसर सृजित करने की दिशा में आगे बढ़ रही है।