नित्या रमन बनीं लॉस एंजिल्स की 44वीं मेयर, पहली एशियाई अमेरिकी; केरल के CM सतीशन ने दी बधाई
सारांश
मुख्य बातें
केरल में जन्मीं नित्या रमन ने लॉस एंजिल्स के मेयर चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए अमेरिका के दूसरे सबसे बड़े शहर की 44वीं मेयर बनने का गौरव हासिल किया है। वह इस प्रतिष्ठित पद पर पहुँचने वाली पहली एशियाई अमेरिकी और पहली दक्षिण एशियाई नेता हैं — एक ऐसी उपलब्धि जिसने दुनियाभर के मलयाली और भारतीय प्रवासी समुदाय में गर्व की लहर दौड़ा दी है।
मुख्यमंत्री सतीशन की बधाई
केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन ने 6 नवंबर 2026 को एक्स पर पोस्ट करते हुए नित्या रमन को बधाई दी। उन्होंने लिखा, "लॉस एंजिल्स के मेयर चुनाव में ऐतिहासिक जीत हासिल करने पर प्रिय नित्या रमन को हार्दिक बधाई। वह इस शहर की 44वीं मेयर बनने जा रही हैं और इस पद पर पहुँचने वाली पहली एशियाई अमेरिकी हैं। केरल में जन्मीं नित्या ने अपने घर से दूर, शहरी नियोजन और जनसेवा के क्षेत्र में अपनी एक अलग पहचान बनाई है और अब इतिहास में अपना नाम दर्ज करा लिया है। उनका सफर दुनियाभर के मलयाली समुदाय के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।"
सतीशन ने आगे कहा, "उम्मीद है कि वह अपनी नई भूमिका में शहर और वहाँ के लोगों की बेहतरीन सेवा करेंगी। केरल की ओर से उन्हें ढेर सारा प्यार और भविष्य के लिए बहुत बहुत शुभकामनाएँ।"
नित्या रमन की प्रतिक्रिया
रमन ने स्वयं एक्स पर लिखा, "लॉस एंजिल्स, आपकी अगली मेयर बनना मेरे लिए बहुत सम्मान की बात है।" यह संक्षिप्त संदेश उनके समर्थकों और प्रवासी भारतीय समुदाय में तेज़ी से वायरल हुआ।
नित्या रमन का राजनीतिक सफर
भारत में जन्मीं रमन मात्र छह साल की उम्र में अपने परिवार के साथ अमेरिका आ गई थीं। उन्होंने हार्वर्ड विश्वविद्यालय से स्नातक किया और मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से अर्बन प्लानिंग में मास्टर डिग्री हासिल की।
राजनीति में कदम रखने से पहले रमन ने बेघर लोगों के अधिकारों के लिए काम किया और 'सेलाह नेबरहुड होमलेस कोएलिशन' की सह स्थापना की। 2020 में वह लॉस एंजिल्स सिटी काउंसिल के लिए चुनी जाने वाली पहली एशियाई अमेरिकी महिला और पहली दक्षिण एशियाई बनीं। इसके बाद 2024 में वे दोबारा काउंसिल के लिए निर्वाचित हुईं।
ऐतिहासिक महत्व
गौरतलब है कि लॉस एंजिल्स अमेरिका का दूसरा सबसे बड़ा शहर है और इस पद पर किसी दक्षिण एशियाई का पहुँचना भारतीय प्रवासियों के बढ़ते राजनीतिक प्रभाव का प्रमाण है। यह ऐसे समय में आया है जब अमेरिका में भारतीय मूल के नेताओं की उपस्थिति संघीय, राज्य और स्थानीय स्तरों पर लगातार बढ़ रही है।
आगे की राह
नित्या रमन की जीत न केवल केरल बल्कि समूचे भारतीय प्रवासी समुदाय के लिए प्रेरणास्रोत मानी जा रही है। उनके शहरी नियोजन की पृष्ठभूमि और जनसेवा के अनुभव को देखते हुए, नई भूमिका में उनसे आवास संकट, परिवहन और समावेशी विकास जैसे मुद्दों पर नीतिगत पहल की उम्मीद जताई जा रही है।