8 जुलाई 2026
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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने 449 नवनियुक्त निहत्थे PSI को सौंपे नियुक्ति पत्र, गांधीनगर में भव्य समारोह

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गुजरात CM भूपेंद्र पटेल ने 449 नवनियुक्त निहत्थे PSI को सौंपे नियुक्ति पत्र, गांधीनगर में भव्य समारोह

सारांश

गांधीनगर में बुधवार को एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 449 नव-चयनित निहत्थे PSI को नियुक्ति पत्र सौंपे। नई भारतीय न्याय संहिता के युग में इन अधिकारियों के प्रशिक्षण के लिए विशेष पुस्तकें और ई-मॉड्यूल भी लॉन्च किए गए।

मुख्य बातें

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 8 जुलाई 2026 को गांधीनगर में 449 निहत्थे PSI को नियुक्ति पत्र सौंपे।
उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष संघवी और DGP जीएस मलिक समारोह में उपस्थित रहे।
गुजरात पुलिस अकादमी ने भारतीय न्याय संहिता, फोरेंसिक विज्ञान व मानवाधिकार जैसे विषयों पर नई प्रशिक्षण पुस्तकें जारी कीं।
पुलिस विभाग की आंतरिक ई-मॉड्यूल पहल का भी शुभारंभ किया गया।
मुख्यमंत्री ने नए अधिकारियों को विकसित भारत 2047 के लक्ष्य में गुजरात की भूमिका मजबूत करने का आह्वान किया।

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 8 जुलाई 2026 को गांधीनगर में आयोजित एक औपचारिक समारोह में गुजरात पुलिस में नव-चयनित 449 निहत्थे पुलिस सब-इंस्पेक्टरों (PSI) को नियुक्ति पत्र सौंपकर उन्हें सेवा में विधिवत शामिल किया। इस समारोह के साथ ही गुजरात पुलिस बल को एक महत्वपूर्ण संख्यात्मक मजबूती मिली है।

समारोह में कौन-कौन रहे मौजूद

कार्यक्रम में उपमुख्यमंत्री एवं गृह मंत्री हर्ष संघवी, पुलिस महानिदेशक (DGP) जीएस मलिक, गुजरात पुलिस भर्ती बोर्ड की अध्यक्ष डॉ. नीरजा गोत्रु, गांधीनगर की मेयर मीरा पटेल, अहमदाबाद के मेयर हितेश बारोट, अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) संजीव कुमार और पुलिस महानिरीक्षक (प्रशासन) गगनदीप गंभीर सहित गृह एवं पुलिस विभाग के कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।

मुख्यमंत्री का संदेश: भरोसा और जनसेवा

नवनियुक्त अधिकारियों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री पटेल ने उन्हें 'नागरिक देवो भव:' और 'वसुधैव कुटुंबकम्' की भावना के साथ पूरी ईमानदारी और निष्ठा से कर्तव्य निभाने की प्रेरणा दी। उन्होंने कहा, 'अब आप पुलिस बल का हिस्सा बन रहे हैं। आप पर समाज और देश की सेवा की जिम्मेदारी है। अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करें, ताकि आपके परिवार और समाज का सम्मान बढ़े।'

पटेल ने यह भी रेखांकित किया कि पुलिस अधिकारी की जिम्मेदारी केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि जनता का भरोसा जीतना भी है। उन्होंने कहा, 'हर पुलिस अधिकारी के काम और व्यवहार से ही पूरी पुलिस फोर्स की छवि बनती है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि जो अधिकारी ईमानदारी और निष्ठा से कर्तव्य निभाएंगे, सरकार हमेशा उनके साथ खड़ी रहेगी।

गृह मंत्री संघवी की बधाई और पुलिस की व्यापक भूमिका

गृह मंत्री हर्ष संघवी ने नए अधिकारियों को गुजरात पुलिस परिवार में शामिल होने पर बधाई देते हुए कहा, 'पुलिसकर्मी सिर्फ अपराध पर नियंत्रण नहीं रखते, बल्कि कोविड-19 महामारी, भारी बारिश और दूसरी प्राकृतिक आपदाओं जैसी आपात स्थितियों में भी सबसे पहले लोगों की मदद के लिए आगे आते हैं।' यह टिप्पणी पुलिस बल की बहुआयामी भूमिका को रेखांकित करती है।

नई प्रशिक्षण सामग्री और ई-मॉड्यूल का शुभारंभ

समारोह के दौरान गुजरात पुलिस अकादमी ने नई प्रशिक्षण पुस्तकों का भी विमोचन किया। इन पुस्तकों में भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता, भारतीय साक्ष्य अधिनियम, फोरेंसिक विज्ञान, अपराध विज्ञान, सामुदायिक पुलिसिंग, पुलिस संगठन, मानव व्यवहार और मानवाधिकार जैसे विषय शामिल किए गए हैं। इसके साथ ही पुलिस विभाग की एक आंतरिक ई-मॉड्यूल पहल का भी औपचारिक शुभारंभ किया गया।

विकसित भारत 2047 में गुजरात की भूमिका

मुख्यमंत्री पटेल ने पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया के लिए गुजरात पुलिस भर्ती बोर्ड की सराहना करते हुए विश्वास जताया कि ये 449 नवनियुक्त अधिकारी वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य में गुजरात की भूमिका को और सुदृढ़ करेंगे। यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब देशभर में नई आपराधिक संहिताओं के क्रियान्वयन के मद्देनजर पुलिस बल को आधुनिक प्रशिक्षण की जरूरत पहले से कहीं अधिक महसूस की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली महत्व नई प्रशिक्षण सामग्री में है — भारतीय न्याय संहिता और भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता जैसे नए कानूनों के लागू होने के बाद यह पहली बड़ी PSI खेप है जिसे इन संहिताओं के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। गुजरात पुलिस भर्ती बोर्ड की पारदर्शी प्रक्रिया की सराहना स्वागत योग्य है, परंतु यह भी देखना होगा कि ई-मॉड्यूल और नई पुस्तकें जमीनी स्तर पर कितनी प्रभावी साबित होती हैं। 'विकसित भारत 2047' का संदर्भ जोड़ना राजनीतिक दृष्टि से सुविधाजनक है, लेकिन पुलिस सुधार की असली कसौटी भर्ती समारोहों से नहीं, बल्कि सेवाकाल के दौरान जवाबदेही और जन-संतुष्टि से तय होती है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में 449 निहत्थे PSI को नियुक्ति पत्र कब और कहाँ सौंपे गए?
8 जुलाई 2026 को गांधीनगर में आयोजित एक औपचारिक समारोह में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने 449 नवनियुक्त निहत्थे पुलिस सब-इंस्पेक्टरों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस समारोह में गृह मंत्री हर्ष संघवी और DGP जीएस मलिक भी उपस्थित रहे।
निहत्थे पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) का क्या अर्थ है?
निहत्थे PSI वे पुलिस अधिकारी होते हैं जो बिना हथियार के तैनात किए जाते हैं और सामान्यतः प्रशासनिक, यातायात या सामुदायिक पुलिसिंग जैसे कार्यों में लगाए जाते हैं। गुजरात पुलिस में इनकी भर्ती अलग श्रेणी के तहत की जाती है।
समारोह में नई प्रशिक्षण सामग्री क्यों जारी की गई?
भारतीय न्याय संहिता, भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता और भारतीय साक्ष्य अधिनियम जैसे नए कानूनों के लागू होने के बाद पुलिस प्रशिक्षण को अद्यतन करना जरूरी हो गया है। गुजरात पुलिस अकादमी ने इन्हीं विषयों पर नई पुस्तकें और एक ई-मॉड्यूल पहल शुरू की है।
इन नए PSI अधिकारियों की भर्ती किस संस्था ने की?
इन 449 अधिकारियों का चयन गुजरात पुलिस भर्ती बोर्ड ने किया, जिसकी अध्यक्षता डॉ. नीरजा गोत्रु करती हैं। मुख्यमंत्री पटेल ने बोर्ड की पारदर्शी भर्ती प्रक्रिया की विशेष सराहना की।
मुख्यमंत्री पटेल ने नए PSI अधिकारियों को क्या संदेश दिया?
मुख्यमंत्री पटेल ने नए अधिकारियों से 'नागरिक देवो भव:' की भावना के साथ ईमानदारी और निष्ठा से कर्तव्य निभाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारी की भूमिका केवल कानून लागू करना नहीं, बल्कि जनता का भरोसा जीतना भी है।
राष्ट्र प्रेस
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