गुजरात के नए डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक: 1993 बैच के IPS अधिकारी ने तुरंत प्रभाव से संभाली कमान
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात सरकार ने 6 जून 2026 को अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को राज्य का नया डायरेक्टर जनरल और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) नियुक्त किया। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई, जिससे पुलिस विभाग का सर्वोच्च पद लंबे इंतजार के बाद भरा गया।
नियुक्ति का आधिकारिक आदेश
गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया: 'अहमदाबाद शहर के पुलिस कमिश्नर, आईपीएस अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को तुरंत प्रभाव से गुजरात राज्य के डायरेक्टर जनरल और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के खाली पद पर नियुक्त किया जाता है।' मलिक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केएलएन राव की जगह लेंगे, जो पूर्व डीजीपी विकास सहाय के सेवानिवृत्त होने के बाद से इस पद का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे।
ज्ञानेंद्र सिंह मलिक: करियर और अनुभव
मलिक गुजरात कैडर के 1993-बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और जनवरी 1994 में सेवा में शामिल हुए। मूल रूप से हरियाणा के निवासी मलिक के पास इंजीनियरिंग और लॉ की डिग्री है। तीन दशक से अधिक की सेवा के साथ वे गुजरात कैडर के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शुमार हैं।
अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर का पद संभालने से पूर्व वे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में अतिरिक्त महानिदेशक (उत्तर) के रूप में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे। जुलाई 2023 में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के व्यापक फेरबदल के तहत उन्हें अहमदाबाद का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया था।
पुरस्कार और नेतृत्व भूमिकाएँ
मलिक को उनकी सेवाओं के लिए दो प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं — 2010 में सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल और 2017 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल। इस वर्ष की शुरुआत में उन्हें गुजरात आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन का अध्यक्ष भी चुना गया था।
आगे की जिम्मेदारियाँ
मलिक गुजरात पुलिस की कमान ऐसे समय में संभाल रहे हैं जब यह राज्य देश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित है। उनकी जिम्मेदारियों में कानून-व्यवस्था, अपराध अनुसंधान, आंतरिक सुरक्षा और बड़े सार्वजनिक आयोजनों का प्रबंधन शामिल होगा। सरकारी सेवा रिकॉर्ड के अनुसार वे नवंबर 2028 में सेवानिवृत्त होंगे, जिससे उन्हें राज्य के पुलिस प्रमुख के रूप में दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल प्राप्त होगा।