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गुजरात के नए डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक: 1993 बैच के IPS अधिकारी ने तुरंत प्रभाव से संभाली कमान

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गुजरात के नए डीजीपी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक: 1993 बैच के IPS अधिकारी ने तुरंत प्रभाव से संभाली कमान

सारांश

गुजरात सरकार ने 6 जून को अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को तुरंत प्रभाव से राज्य का नया डीजीपी नियुक्त किया। 1993 बैच के IPS अधिकारी मलिक नवंबर 2028 तक इस पद पर रहेंगे और देश के सबसे बड़े औद्योगिक राज्यों में से एक की पुलिस कमान संभालेंगे।

मुख्य बातें

ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को 6 जून 2026 को गुजरात का नया डीजीपी नियुक्त किया गया, यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू हुई।
मलिक 1993 बैच के गुजरात कैडर के IPS अधिकारी हैं और जनवरी 1994 से सेवा में हैं।
वे वरिष्ठ अधिकारी केएलएन राव की जगह लेंगे, जो पूर्व डीजीपी विकास सहाय के सेवानिवृत्त होने के बाद अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे।
मलिक को 2010 में पुलिस मेडल और 2017 में राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया जा चुका है।
सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वे नवंबर 2028 में सेवानिवृत्त होंगे, जिससे उन्हें दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल मिलेगा।

गुजरात सरकार ने 6 जून 2026 को अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को राज्य का नया डायरेक्टर जनरल और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस (डीजीपी) नियुक्त किया। गृह विभाग की अधिसूचना के अनुसार यह नियुक्ति तुरंत प्रभाव से लागू हो गई, जिससे पुलिस विभाग का सर्वोच्च पद लंबे इंतजार के बाद भरा गया।

नियुक्ति का आधिकारिक आदेश

गृह विभाग द्वारा जारी अधिसूचना में स्पष्ट कहा गया: 'अहमदाबाद शहर के पुलिस कमिश्नर, आईपीएस अधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को तुरंत प्रभाव से गुजरात राज्य के डायरेक्टर जनरल और इंस्पेक्टर जनरल ऑफ पुलिस के खाली पद पर नियुक्त किया जाता है।' मलिक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केएलएन राव की जगह लेंगे, जो पूर्व डीजीपी विकास सहाय के सेवानिवृत्त होने के बाद से इस पद का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे।

ज्ञानेंद्र सिंह मलिक: करियर और अनुभव

मलिक गुजरात कैडर के 1993-बैच के भारतीय पुलिस सेवा (IPS) अधिकारी हैं और जनवरी 1994 में सेवा में शामिल हुए। मूल रूप से हरियाणा के निवासी मलिक के पास इंजीनियरिंग और लॉ की डिग्री है। तीन दशक से अधिक की सेवा के साथ वे गुजरात कैडर के सबसे वरिष्ठ अधिकारियों में शुमार हैं।

अहमदाबाद पुलिस कमिश्नर का पद संभालने से पूर्व वे केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में अतिरिक्त महानिदेशक (उत्तर) के रूप में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर कार्यरत थे। जुलाई 2023 में वरिष्ठ आईपीएस अधिकारियों के व्यापक फेरबदल के तहत उन्हें अहमदाबाद का पुलिस कमिश्नर नियुक्त किया गया था।

पुरस्कार और नेतृत्व भूमिकाएँ

मलिक को उनकी सेवाओं के लिए दो प्रतिष्ठित सम्मान मिल चुके हैं — 2010 में सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल और 2017 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल। इस वर्ष की शुरुआत में उन्हें गुजरात आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन का अध्यक्ष भी चुना गया था।

आगे की जिम्मेदारियाँ

मलिक गुजरात पुलिस की कमान ऐसे समय में संभाल रहे हैं जब यह राज्य देश के सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों में से एक के रूप में स्थापित है। उनकी जिम्मेदारियों में कानून-व्यवस्था, अपराध अनुसंधान, आंतरिक सुरक्षा और बड़े सार्वजनिक आयोजनों का प्रबंधन शामिल होगा। सरकारी सेवा रिकॉर्ड के अनुसार वे नवंबर 2028 में सेवानिवृत्त होंगे, जिससे उन्हें राज्य के पुलिस प्रमुख के रूप में दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल प्राप्त होगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

परिचित चेहरे को वरीयता दी। तीन दशक से अधिक के करियर और CISF में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति के अनुभव के साथ मलिक प्रशासनिक और परिचालन दोनों मोर्चों पर सक्षम माने जाते हैं। हालाँकि असली परीक्षा यह होगी कि वे गुजरात की तेज़ी से बढ़ती औद्योगिक पट्टी में कानून-व्यवस्था और संगठित अपराध की बढ़ती चुनौतियों को कैसे संभालते हैं। नवंबर 2028 तक का कार्यकाल उन्हें नीतिगत निरंतरता देता है, बशर्ते राजनीतिक परिस्थितियाँ स्थिर रहें।
RashtraPress
22 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को गुजरात का डीजीपी कब नियुक्त किया गया?
गुजरात सरकार ने 6 जून 2026 को गृह विभाग की अधिसूचना के माध्यम से ज्ञानेंद्र सिंह मलिक को तुरंत प्रभाव से राज्य का डीजीपी नियुक्त किया। इससे पहले वे अहमदाबाद के पुलिस कमिश्नर के पद पर कार्यरत थे।
ज्ञानेंद्र सिंह मलिक कौन हैं और उनका अनुभव क्या है?
मलिक गुजरात कैडर के 1993-बैच के IPS अधिकारी हैं जो जनवरी 1994 से सेवा में हैं। उनके पास इंजीनियरिंग और लॉ की डिग्री है, और वे CISF में अतिरिक्त महानिदेशक के रूप में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर भी रह चुके हैं।
मलिक से पहले गुजरात डीजीपी का कार्यभार कौन संभाल रहा था?
वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी केएलएन राव पूर्व डीजीपी विकास सहाय के सेवानिवृत्त होने के बाद से इस पद का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रहे थे। मलिक की नियुक्ति से यह रिक्तता औपचारिक रूप से भर गई।
ज्ञानेंद्र सिंह मलिक कब तक गुजरात डीजीपी के पद पर रहेंगे?
सरकारी सेवा रिकॉर्ड के अनुसार मलिक नवंबर 2028 में सेवानिवृत्त होंगे, जिससे उन्हें राज्य के पुलिस प्रमुख के रूप में दो वर्ष से अधिक का कार्यकाल मिलेगा।
मलिक को उनके करियर में कौन-से सम्मान मिले हैं?
मलिक को 2010 में सराहनीय सेवा के लिए पुलिस मेडल और 2017 में विशिष्ट सेवा के लिए राष्ट्रपति पुलिस मेडल से सम्मानित किया गया है। इसके अलावा इस वर्ष की शुरुआत में उन्हें गुजरात आईपीएस ऑफिसर्स एसोसिएशन का अध्यक्ष भी चुना गया था।
राष्ट्र प्रेस
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