23 जुलाई 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

गुजरात के नए DGP ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने संभाला कार्यभार, साइबर क्राइम और नशा नियंत्रण होंगे शीर्ष प्राथमिकता

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
गुजरात के नए DGP ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने संभाला कार्यभार, साइबर क्राइम और नशा नियंत्रण होंगे शीर्ष प्राथमिकता

सारांश

गुजरात के नए DGP ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने कार्यभार संभालते ही स्पष्ट संदेश दिया — तकनीक, निगरानी और जवाबदेही। अहमदाबाद के 24,000 CCTV कैमरों के मॉडल को पूरे राज्य में फैलाने और साइबर व नशा अपराध पर दोहरी मार की तैयारी, गुजरात पुलिस के लिए एक नई दिशा की शुरुआत है।

मुख्य बातें

ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने 8 जून 2026 को गांधीनगर में गुजरात के नए पुलिस महानिदेशक (DGP) के रूप में कार्यभार संभाला।
मलिक 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं और इससे पहले अहमदाबाद पुलिस आयुक्त के पद पर थे।
अहमदाबाद में 24,000 से अधिक CCTV कैमरे; 7,000+ की लाइव फीड कंट्रोल रूम से जुड़ी — इस मॉडल को पूरे राज्य में विस्तारित करने की योजना।
एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को मजबूत करने और साइबर प्रशिक्षण कार्यक्रम अन्य जिलों में लागू करने की घोषणा।
पद लगभग पाँच महीने तक वरिष्ठ अधिकारी के.एल.एन.
राव के अतिरिक्त प्रभार में था।
मलिक UN कोसोवो शांति मिशन में भी सेवा दे चुके हैं; उनके पास 30+ वर्षों का अनुभव।

गुजरात के नवनियुक्त पुलिस महानिदेशक (DGP) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने सोमवार, 8 जून 2026 को गांधीनगर स्थित पुलिस भवन में औपचारिक रूप से कार्यभार ग्रहण किया। 1993 बैच के वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी मलिक ने स्पष्ट किया कि तकनीक-आधारित पुलिसिंग, साइबर अपराध की रोकथाम, नशा तस्करी पर सख्त कार्रवाई और जन-शिकायत निवारण उनकी प्राथमिकताओं में सबसे ऊपर रहेंगे। उनकी नियुक्ति राज्य सरकार ने शनिवार को घोषित की थी।

पद-ग्रहण और पृष्ठभूमि

मलिक इससे पहले अहमदाबाद पुलिस आयुक्त के पद पर कार्यरत थे, जहाँ वे जुलाई 2023 से तैनात थे। उनके कार्यभार संभालने से पहले लगभग पाँच महीनों तक DGP का पद वरिष्ठ अधिकारी के.एल.एन. राव के पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में था। मलिक के पास 30 वर्षों से अधिक का पुलिस सेवा का अनुभव है। वे हरियाणा के मूल निवासी हैं और उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग तथा गुजरात विश्वविद्यालय से विधि की डिग्री प्राप्त की है।

अपने करियर में उन्होंने गुजरात के विभिन्न जिलों में पुलिस अधीक्षक (SP) के रूप में सेवाएँ दी हैं। इसके अलावा वे सीमा सुरक्षा बल (BSF) और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) में भी तैनात रहे हैं। गौरतलब है कि वे संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो शांति मिशन में भी भाग ले चुके हैं, जो उनके व्यापक अंतरराष्ट्रीय अनुभव को दर्शाता है।

सीसीटीवी निगरानी का विस्तार

नए DGP ने अहमदाबाद के सीसीटीवी नेटवर्क को एक सफल मॉडल बताते हुए कहा कि इसे राज्य के अन्य क्षेत्रों में भी लागू किया जाएगा। उन्होंने बताया कि जनता के सहयोग से अहमदाबाद में 24,000 से अधिक सीसीटीवी कैमरे स्थापित किए गए हैं। इनमें से 3,000 से अधिक कैमरों की फीड सीधे पुलिस थानों से जुड़ी है, जबकि 7,000 से अधिक कैमरों की लाइव फीड पुलिस कंट्रोल रूम तक पहुँचती है।

मलिक ने कहा कि इस व्यापक निगरानी तंत्र से चोरी, डकैती और चेन स्नैचिंग जैसे अपराधों की रोकथाम और त्वरित उद्भेदन में उल्लेखनीय सहायता मिली है।

साइबर अपराध और नशा नियंत्रण

मलिक ने साइबर अपराध को तेज़ी से उभरती चुनौती बताते हुए कहा कि इससे निपटने के लिए विशेष प्रशिक्षण और तकनीकी क्षमता में वृद्धि आवश्यक है। उन्होंने घोषणा की कि अहमदाबाद में विकसित साइबर प्रशिक्षण कार्यक्रम अब राज्य के अन्य जिलों में भी लागू किए जाएंगे।

नशा तस्करी के मोर्चे पर उन्होंने कहा कि एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा तथा तस्करों के विरुद्ध कार्रवाई की गति और तेज होगी। उन्होंने स्पष्ट किया, 'अपराध का पता लगाना ही अपराध रोकने का सबसे अच्छा तरीका है। अगर किसी अपराधी को एक या दो अपराध के बाद पकड़ लिया जाए, तो आगे कई अपराध रोके जा सकते हैं।'

जन-शिकायत निवारण और पुलिस-जन संबंध

नवनियुक्त DGP ने जनता की शिकायतों के समाधान की प्रणाली को मजबूत बनाने पर विशेष बल दिया। उनका लक्ष्य है कि शिकायतों का निपटारा स्थानीय स्तर पर ही हो, ताकि नागरिकों को बार-बार गांधीनगर न आना पड़े। इसके साथ ही उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पुलिस और जनता के बीच संवाद व विश्वास बढ़ाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया।

यह ऐसे समय में आया है जब गुजरात में साइबर ठगी के मामलों में तेज़ी देखी जा रही है और राज्य की तटीय सीमाओं के जरिए नशा तस्करी एक सतत चुनौती बनी हुई है। मलिक के नेतृत्व में गुजरात पुलिस अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक तकनीक-सक्षम बनाने की दिशा में आगे बढ़ेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

नशा नियंत्रण, CCTV विस्तार — लेकिन असली सवाल क्रियान्वयन की गति का है। अहमदाबाद का CCTV मॉडल प्रभावशाली है, परंतु उसे 33 जिलों में दोहराने के लिए बजट, स्थानीय प्रशासन का सहयोग और डेटा सुरक्षा ढाँचा — तीनों की एक साथ ज़रूरत होगी। नशा तस्करी गुजरात की तटीय भौगोलिक स्थिति के कारण एक संरचनात्मक चुनौती है, जिसे केवल टास्क फोर्स की मजबूती से नहीं, बल्कि केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय से ही नियंत्रित किया जा सकता है। पाँच महीने के नेतृत्व-शून्य के बाद मलिक का पदभार ग्रहण करना स्वागत-योग्य है, लेकिन उनकी विरासत इन घोषणाओं से नहीं, बल्कि मापने योग्य परिणामों से तय होगी।
RashtraPress
23 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात के नए DGP ज्ञानेंद्र सिंह मलिक कौन हैं?
ज्ञानेंद्र सिंह मलिक 1993 बैच के IPS अधिकारी हैं, जिन्होंने 8 जून 2026 को गुजरात के पुलिस महानिदेशक का पद संभाला। इससे पहले वे जुलाई 2023 से अहमदाबाद पुलिस आयुक्त के पद पर थे और उनके पास 30 से अधिक वर्षों का पुलिस सेवा अनुभव है।
DGP मलिक की मुख्य प्राथमिकताएँ क्या हैं?
मलिक ने साइबर अपराध की रोकथाम, नशा तस्करी पर सख्त कार्रवाई, CCTV निगरानी का राज्यव्यापी विस्तार और जन-शिकायत निवारण को अपनी मुख्य प्राथमिकताएँ बताया है। उन्होंने एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स को और सुदृढ़ करने की भी घोषणा की।
अहमदाबाद का CCTV मॉडल क्या है और इसे गुजरात में कैसे लागू किया जाएगा?
अहमदाबाद में जनता के सहयोग से 24,000 से अधिक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनमें से 7,000+ की लाइव फीड पुलिस कंट्रोल रूम से जुड़ी है। DGP मलिक ने इस मॉडल को राज्य के अन्य जिलों में भी लागू करने की योजना की घोषणा की है।
DGP का पद इतने समय तक खाली क्यों था?
मलिक की नियुक्ति से पहले लगभग पाँच महीनों तक DGP का पद वरिष्ठ अधिकारी के.एल.एन. राव के पास अतिरिक्त प्रभार के रूप में था। राज्य सरकार ने शनिवार को मलिक की नियुक्ति की घोषणा की।
मलिक का पिछला अनुभव किस-किस क्षेत्र में रहा है?
मलिक ने गुजरात के विभिन्न जिलों में SP के रूप में, BSF और CISF में केंद्रीय सेवाएँ दी हैं और संयुक्त राष्ट्र के कोसोवो शांति मिशन में भी भाग लिया है। उन्होंने बनारस हिंदू विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और गुजरात विश्वविद्यालय से कानून की डिग्री हासिल की है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 सप्ताह पहले
  3. 3 सप्ताह पहले
  4. 4 सप्ताह पहले
  5. 1 महीना पहले
  6. 1 महीना पहले
  7. 3 महीने पहले
  8. 11 महीने पहले