4 अगस्त 2026
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गुजरात में पासपोर्ट वेरिफिकेशन सुधार: पुलिस स्टेशन जाना खत्म, DGP मलिक ने जारी किए नए निर्देश

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गुजरात में पासपोर्ट वेरिफिकेशन सुधार: पुलिस स्टेशन जाना खत्म, DGP मलिक ने जारी किए नए निर्देश

सारांश

गुजरात में पासपोर्ट सत्यापन अब थाने की दहलीज़ से मुक्त हो गया है। DGP ज्ञानेंद्र सिंह मलिक के नए निर्देशों के तहत पुलिस केवल नागरिकता और आपराधिक रिकॉर्ड जाँचेगी — आवासीय सत्यापन और व्यक्तिगत उपस्थिति की बाध्यता खत्म। यह बदलाव लाखों आवेदकों की पुरानी परेशानी का सीधा जवाब है।

मुख्य बातें

गुजरात पुलिस ने 4 अगस्त 2026 को पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लागू किया।
अब आवेदकों को नियमित सत्यापन के लिए पुलिस स्टेशन जाने की आवश्यकता नहीं होगी।
सत्यापन केवल नागरिकता और आपराधिक पृष्ठभूमि तक सीमित; आवासीय पते की अलग जाँच समाप्त।
पुलिस घर पर केवल असाधारण और संदिग्ध मामलों में जाएगी।
DGP ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने सभी थानों को निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया।

गुजरात पुलिस ने 4 अगस्त 2026 को पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया में बड़ा बदलाव लागू किया — अब आवेदकों को नियमित सत्यापन के लिए पुलिस स्टेशन जाने की कोई आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस महानिदेशक (DGP) ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने राज्यभर के सभी पुलिस थानों और अधिकारियों को इस आशय के नए निर्देश जारी किए हैं।

नई प्रक्रिया में क्या बदला

संशोधित दिशानिर्देशों के अनुसार, पासपोर्ट सत्यापन के दौरान पुलिस अधिकारी केवल दो बिंदुओं की जाँच करेंगे — आवेदक की नागरिकता और आपराधिक पृष्ठभूमि। आवासीय पते का अलग से सत्यापन अब अनिवार्य नहीं रहा। इसके अलावा, अधिकारियों को नियमित प्रक्रिया के तहत आवेदकों से व्यक्तिगत रूप से मिलने या उनके हस्ताक्षर लेने की जरूरत भी नहीं होगी।

किन मामलों में होगी घर पर जाँच

नए निर्देशों में स्पष्ट किया गया है कि पुलिस किसी आवेदक के निवास पर केवल असाधारण परिस्थितियों में जाएगी — जब कोई संदिग्ध तथ्य सामने आए या आगे की पुष्टि आवश्यक समझी जाए। ऐसे मामलों में भी आवेदक को पुलिस थाने में उपस्थित होने की बाध्यता नहीं होगी।

सरकार की मंशा और DGP का निर्देश

DGP मलिक ने सभी पुलिस अधिकारियों को इन संशोधित निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है। गुजरात पुलिस ने कहा, 'पासपोर्ट आवेदक को सत्यापन प्रक्रिया के लिए पुलिस स्टेशन में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होने की आवश्यकता नहीं होगी। पुलिस सत्यापन के दौरान केवल आवेदक की नागरिकता और आपराधिक रिकॉर्ड की ही जाँच की जाएगी।' इस सुधार का मकसद पासपोर्ट सत्यापन को पारदर्शी, कुशल और नागरिक-हितैषी बनाना है, साथ ही अनावश्यक आवाजाही को समाप्त करना है।

आम नागरिकों पर असर

यह बदलाव उन लाखों गुजराती नागरिकों के लिए राहत लेकर आया है जो पासपोर्ट आवेदन के दौरान पुलिस थाने के चक्कर काटने और लंबी प्रतीक्षा से परेशान होते थे। गौरतलब है कि पासपोर्ट सत्यापन में देरी और थाने में बार-बार बुलाए जाने की शिकायतें लंबे समय से नागरिकों की प्रमुख समस्याओं में रही हैं।

आगे की राह

गुजरात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे सरलीकृत प्रक्रिया से परिचित हों और पासपोर्ट सत्यापन के दौरान किसी भी अनावश्यक कदम से बचें। यह सुधार गांधीनगर से लागू होकर राज्य के सभी जिलों में एकसमान रूप से प्रभावी होगा। यदि इसे सफलतापूर्वक क्रियान्वित किया गया, तो यह मॉडल अन्य राज्यों के लिए भी अनुकरणीय बन सकता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली परीक्षा जमीनी क्रियान्वयन में होगी — क्योंकि पासपोर्ट सत्यापन में अनावश्यक बुलावे और अनौपचारिक 'शुल्क' की शिकायतें लंबे समय से प्रशासनिक जवाबदेही पर सवाल उठाती रही हैं। DGP स्तर के निर्देश जारी करना एक मज़बूत संकेत है, पर बिना निगरानी तंत्र और शिकायत निवारण प्रणाली के, यह सुधार कागज़ों तक सीमित रह सकता है। यह देखना होगा कि क्या राज्य सरकार इस प्रक्रिया को डिजिटल ट्रैकिंग से जोड़ती है, जो पारदर्शिता की असली कसौटी होगी।
RashtraPress
4 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुजरात में पासपोर्ट वेरिफिकेशन की नई प्रक्रिया क्या है?
नई प्रक्रिया के तहत आवेदकों को पासपोर्ट सत्यापन के लिए पुलिस स्टेशन जाने की जरूरत नहीं है। पुलिस केवल नागरिकता और आपराधिक पृष्ठभूमि की जाँच करेगी, और आवासीय पते का अलग सत्यापन अनिवार्य नहीं रहा।
क्या गुजरात में पुलिस अब पासपोर्ट के लिए घर पर आएगी?
पुलिस केवल असाधारण मामलों में घर पर जाएगी — जब कोई संदिग्ध तथ्य सामने आए या आगे की पुष्टि जरूरी हो। ऐसे मामलों में भी आवेदक को थाने में बुलाने की कोई बाध्यता नहीं होगी।
यह बदलाव किसने और कब लागू किया?
DGP ज्ञानेंद्र सिंह मलिक ने 4 अगस्त 2026 को राज्यभर के सभी पुलिस थानों को नए निर्देश जारी किए। उन्होंने सभी अधिकारियों को इन निर्देशों का सख्ती से पालन करने का आदेश दिया है।
इस सुधार से गुजरात के नागरिकों को क्या फायदा होगा?
पासपोर्ट आवेदकों को अब थाने के चक्कर नहीं काटने होंगे, जिससे समय और असुविधा दोनों में कमी आएगी। प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और नागरिक-हितैषी बनेगी।
क्या यह नियम गुजरात के सभी जिलों में लागू होगा?
हाँ, DGP के निर्देश राज्यभर के सभी पुलिस थानों और अधिकारियों के लिए जारी किए गए हैं, इसलिए यह प्रक्रिया गुजरात के सभी जिलों में एकसमान रूप से लागू होगी।
राष्ट्र प्रेस
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