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नीट-यूजी 2025: 21 जून की परीक्षा से पहले गुजरात पुलिस का सुरक्षा महाअभियान, डीजीपी मलिक ने ली समीक्षा बैठक

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नीट-यूजी 2025: 21 जून की परीक्षा से पहले गुजरात पुलिस का सुरक्षा महाअभियान, डीजीपी मलिक ने ली समीक्षा बैठक

सारांश

21 जून को नीट-यूजी परीक्षा से पहले गुजरात पुलिस ने राज्यभर में सुरक्षा का कड़ा जाल बिछाया है। डीजीपी मलिक ने वीडियो कॉन्फ्रेंस से तैयारियों की समीक्षा की, आईजी चौहान को नोडल अधिकारी बनाया और 19 से 21 जून तक रात्रि गश्त के आदेश दिए — पिछले साल के पेपर लीक विवाद की पृष्ठभूमि में यह अभियान खास अहमियत रखता है।

मुख्य बातें

21 जून 2025 को आयोजित नीट-यूजी परीक्षा के लिए गुजरात पुलिस ने राज्यभर में व्यापक सुरक्षा योजना लागू की है।
मलिक ने 17 जून को वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए सभी कमिश्नरों, आईजी और जिला प्रमुखों के साथ तैयारियों की समीक्षा की।
आईजी (कानून-व्यवस्था) मकरंद चौहान को नीट से जुड़ी सभी गतिविधियों का राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया।
परीक्षा सामग्री की सुरक्षित आवाजाही के लिए 19 से 21 जून तक रात्रि सघन गश्त और 20 जून को एनटीए के साथ संयुक्त केंद्र निरीक्षण निर्धारित।
अंतरराष्ट्रीय योग दिवस (21 जून) के साथ टकराव को देखते हुए दोनों कार्यक्रमों के लिए अलग-अलग पुलिस बल तैनात करने के निर्देश।
सोशल मीडिया पर अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर नज़र रखने के लिए निगरानी तंत्र सक्रिय किया गया।

गुजरात पुलिस ने 21 जून 2025 को आयोजित होने वाली नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (नीट-यूजी) के मद्देनज़र राज्यभर में व्यापक सुरक्षा तंत्र सक्रिय कर दिया है। वरिष्ठ अधिकारियों ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि परीक्षा निष्पक्ष, सुरक्षित और किसी भी बाधा से मुक्त वातावरण में संपन्न हो।

डीजीपी की समीक्षा बैठक और नोडल अधिकारी की नियुक्ति

मंगलवार, 17 जून को पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) जी.एस. मलिक ने राज्य के सभी पुलिस कमिश्नरों, रेंज के आईजी और जिला पुलिस प्रमुखों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के ज़रिए तैयारियों की गहन समीक्षा की। बैठक में कानून-व्यवस्था, परीक्षा केंद्रों की सुरक्षा और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) के साथ समन्वय को प्राथमिकता दी गई।

नीट से जुड़ी सभी कानून-व्यवस्था गतिविधियों की केंद्रीय निगरानी के लिए आईजी (कानून-व्यवस्था) मकरंद चौहान को राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। यह कदम परीक्षा प्रक्रिया में एकरूपता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के विशेष इंतजाम

प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर उम्मीदवारों की संख्या के अनुपात में पुलिस बल तैनात करने के विस्तृत निर्देश जारी किए गए हैं। केंद्रों के आसपास कड़ी निगरानी रखी जाएगी — इसमें नज़दीकी फोटोकॉपी दुकानों पर भी नज़र रखना शामिल है, जो अतीत में पेपर लीक के मामलों में संदेह के दायरे में आती रही हैं।

उम्मीदवारों की जाँच के दौरान संवेदनशीलता और सम्मान बरतने पर विशेष ज़ोर दिया गया है। महिला उम्मीदवारों की तलाशी के लिए महिला पुलिसकर्मियों की तैनाती अनिवार्य की गई है। इसके अलावा, परीक्षार्थियों के साथ आने वाले अभिभावकों के साथ विनम्र और सहयोगपूर्ण व्यवहार करने के निर्देश भी दिए गए हैं।

परीक्षा हॉल में प्रतिबंधित मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को सुरक्षित रखने के लिए प्रत्येक केंद्र पर अलग व्यवस्था की जाएगी, ताकि उम्मीदवारों को किसी असुविधा का सामना न करना पड़े।

संयुक्त निरीक्षण और रात्रि गश्त

धोखाधड़ी की किसी भी संभावना को पूर्व में ही समाप्त करने के लिए सभी यूनिट प्रमुखों को 20 जून को एनटीए प्रतिनिधियों के साथ मिलकर परीक्षा केंद्रों का संयुक्त निरीक्षण करने का निर्देश दिया गया है। इन निरीक्षणों का उद्देश्य परीक्षार्थियों के पहुँचने से पहले सुरक्षा संबंधी किसी भी कमी को दूर करना है।

गुजरात में परीक्षा सामग्री की गोपनीय आवाजाही को सुरक्षित रखने के लिए पुलिस 19 से 21 जून तक रात में सघन गश्त चलाएगी। अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर अंकुश लगाने के लिए सोशल मीडिया निगरानी भी तेज़ की गई है।

योग दिवस और नीट: दोहरी चुनौती

गौरतलब है कि 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस भी मनाया जाएगा, जिससे पुलिस बल पर दोहरा दबाव है। इस चुनौती से निपटने के लिए डीजीपी मलिक ने सभी यूनिट्स को योग दिवस के कार्यक्रमों और नीट-संबंधी ड्यूटी के लिए अलग-अलग पुलिस बल नियुक्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं, ताकि दोनों व्यवस्थाएँ एक-दूसरे पर भारी न पड़ें।

डीजीपी का संदेश: निष्पक्षता सर्वोच्च प्राथमिकता

समीक्षा बैठक में डीजीपी मलिक ने स्पष्ट किया कि इन सभी उपायों का एकमात्र लक्ष्य राज्यभर में 'नीट परीक्षा का निष्पक्ष, सुरक्षित और बाधामुक्त आयोजन' सुनिश्चित करना है। उन्होंने सभी पुलिस यूनिट्स को परीक्षा से पूर्व पूर्ण तैयारी और आपसी तालमेल बनाए रखने पर ज़ोर दिया।

यह सुरक्षा अभियान ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्ष नीट-यूजी पेपर लीक विवाद ने पूरे देश में हलचल मचाई थी और परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पर सवाल उठे थे। इस पृष्ठभूमि में गुजरात पुलिस की यह सक्रियता परीक्षा प्रक्रिया में जनविश्वास बहाल करने की दिशा में एक अहम कदम है।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि 2024 के नीट पेपर लीक विवाद के बाद खोए जनविश्वास को पुनः स्थापित करने की कोशिश है। सवाल यह है कि क्या निरीक्षण और गश्त जैसे बाहरी उपाय परीक्षा प्रणाली की आंतरिक खामियों को दूर कर सकते हैं, या इसके लिए एनटीए की प्रक्रियाओं में ढाँचागत सुधार ज़रूरी है। योग दिवस के साथ परीक्षा की तारीख का टकराना एक प्रशासनिक चूक है, जिसे पुलिस बल के बँटवारे से तो संभाला जा सकता है, लेकिन इससे बचा जा सकता था। असली कसौटी परीक्षा के दिन की पारदर्शिता और परिणाम की निष्पक्षता होगी।
RashtraPress
2 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

21 जून को नीट-यूजी परीक्षा के लिए गुजरात पुलिस ने क्या तैयारियाँ की हैं?
गुजरात पुलिस ने राज्यभर के परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों की संख्या के अनुसार पुलिस बल तैनात करने, 19 से 21 जून तक रात्रि गश्त चलाने और 20 जून को एनटीए के साथ संयुक्त केंद्र निरीक्षण करने की योजना बनाई है। सोशल मीडिया निगरानी और फोटोकॉपी दुकानों पर नज़र रखने के भी निर्देश दिए गए हैं।
नीट-यूजी 2025 के लिए गुजरात में नोडल अधिकारी कौन हैं?
डीजीपी जी.एस. मलिक ने आईजी (कानून-व्यवस्था) मकरंद चौहान को नीट-यूजी से जुड़ी सभी कानून-व्यवस्था गतिविधियों का राज्य नोडल अधिकारी नियुक्त किया है। वे परीक्षा से संबंधित सभी पुलिस इकाइयों के बीच समन्वय की केंद्रीय जिम्मेदारी संभालेंगे।
क्या 21 जून को योग दिवस और नीट परीक्षा एक साथ होने से कोई समस्या होगी?
डीजीपी मलिक ने इस चुनौती को ध्यान में रखते हुए सभी पुलिस यूनिट्स को योग दिवस कार्यक्रमों और नीट ड्यूटी के लिए अलग-अलग पुलिस बल नियुक्त करने के स्पष्ट निर्देश दिए हैं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि दोनों आयोजन एक-दूसरे की व्यवस्था को प्रभावित न करें।
नीट परीक्षा केंद्रों पर उम्मीदवारों के लिए क्या नियम लागू होंगे?
परीक्षा हॉल में मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण प्रतिबंधित रहेंगे, और इन्हें सुरक्षित रखने के लिए केंद्रों पर अलग व्यवस्था होगी। उम्मीदवारों की सघन जाँच होगी, लेकिन डीजीपी ने संवेदनशीलता और सम्मान के साथ तलाशी लेने पर विशेष ज़ोर दिया है।
गुजरात में नीट परीक्षा सामग्री की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी?
परीक्षा सामग्री की गोपनीय आवाजाही की सुरक्षा के लिए 19 से 21 जून तक रात में सघन पुलिस गश्त की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा, 20 जून को एनटीए प्रतिनिधियों के साथ संयुक्त केंद्र निरीक्षण किया जाएगा ताकि परीक्षा से पहले किसी भी सुरक्षा खामी को दूर किया जा सके।
राष्ट्र प्रेस
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