नीट-यूजी 21 जून: हरियाणा DGP अजय सिंघल ने की उच्चस्तरीय सुरक्षा समीक्षा, पेपर लीक पर जीरो टॉलरेंस
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा के पुलिस महानिदेशक अजय सिंघल ने 29 मई 2026 को चंडीगढ़ में एक उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें 21 जून को प्रस्तावित नीट-यूजी री-एग्जाम की सुरक्षा, राज्य में कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और नशामुक्त हरियाणा अभियान पर विस्तृत चर्चा हुई। बैठक में सभी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक, पुलिस महानिरीक्षक, पुलिस आयुक्त और जिला पुलिस अधीक्षक स्तर के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे।
नीट परीक्षा सुरक्षा: सर्वोच्च प्राथमिकता
डीजीपी सिंघल ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा को शांतिपूर्ण, निष्पक्ष और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को समय रहते सभी परीक्षा केंद्रों का भौतिक निरीक्षण करने, सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रखने और खुफिया तंत्र को पूरी तरह सक्रिय रखने के निर्देश दिए।
डीजीपी ने साफ चेतावनी दी कि पेपर लीक या किसी भी प्रकार की परीक्षा-संबंधी गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी स्वयं परीक्षा की तैयारियों की लगातार समीक्षा कर रहे हैं, जो इस मामले में सरकार की गंभीरता को दर्शाता है।
नशामुक्त हरियाणा: नेटवर्क तोड़ने की रणनीति
बैठक में नशामुक्त हरियाणा अभियान को व्यापक स्तर पर तेज करने की रणनीति पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। एडीजीपी (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) संजय कुमार ने बताया कि केंद्र और राज्य सरकार दोनों इस अभियान को लेकर बेहद गंभीर हैं। सभी थाना प्रभारियों को स्कूलों और कॉलेजों में जाकर विद्यार्थियों को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करने के निर्देश दिए गए।
डीजीपी सिंघल ने नशा तस्करों की संपत्ति जब्त करने, नार्को डॉग्स का प्रभावी उपयोग करने और मेडिकल स्टोरों की नियमित जाँच के निर्देश भी दिए। संजय कुमार ने जानकारी दी कि पिछले पाँच वर्षों में 3,062 अपराधियों के विरुद्ध कमर्शियल क्वांटिटी के मामलों में कार्रवाई की जा चुकी है।
एंटी-टेररिज्म स्क्वाड का गठन
डीजीपी अजय सिंघल ने घोषणा की कि जून 2026 में प्रदेश में एंटी-टेररिज्म स्क्वाड (ATS) का गठन किया जाएगा। उन्होंने सभी जिलों को कानून व्यवस्था कंपनियों के प्रशिक्षण को सुदृढ़ करने और किसी भी चुनौतीपूर्ण परिस्थिति से निपटने के लिए सदैव तैयार रहने के निर्देश दिए।
कानून व्यवस्था की स्थिति
बैठक में डीजीपी ने स्पष्ट किया कि वर्तमान में प्रदेश में कानून व्यवस्था पूरी तरह नियंत्रण में है। हालाँकि, उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि भविष्य की किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए पुलिस बल को हमेशा सतर्क और तैयार रहना होगा। यह बैठक ऐसे समय में हुई है जब गत वर्ष नीट परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर देशभर में व्यापक विवाद उठा था, जिसके बाद री-एग्जाम की सुरक्षा और पारदर्शिता पर सभी राज्यों का विशेष ध्यान है।
आगे क्या
परीक्षा केंद्रों के निरीक्षण और खुफिया तंत्र की सक्रियता के साथ-साथ नशा-विरोधी जनजागरूकता अभियान को भी आने वाले सप्ताहों में तेज किया जाएगा। ATS के गठन से राज्य की सुरक्षा संरचना और मजबूत होने की उम्मीद है।