नीट-यूजी 2026: हरियाणा के 19 जिलों में बहुस्तरीय सुरक्षा, डीजीपी अजय सिंघल ने दिए सख्त निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
हरियाणा सरकार ने 21 जून 2026 को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (नीट-यूजी 2026) के निष्पक्ष और पारदर्शी संचालन के लिए राज्यभर में बहुस्तरीय सुरक्षा तंत्र सक्रिय कर दिया है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देश पर जिला प्रशासन और पुलिस ने परीक्षार्थियों को भयमुक्त माहौल देने के लिए विशेष प्रबंध किए हैं।
किन जिलों में होगी परीक्षा
नीट-यूजी परीक्षा राज्य के 19 जिलों — गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत, झज्जर, रोहतक, अंबाला, यमुनानगर, कुरुक्षेत्र, करनाल, कैथल, पानीपत, हिसार, रेवाड़ी, जींद, नूंह, भिवानी, पलवल, सिरसा और महेंद्रगढ़ — में एक साथ संपन्न होगी। प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पर्याप्त पुलिस बल, ड्यूटी मजिस्ट्रेट, पुरुष व महिला तलाशी दल और क्विक रिस्पॉन्स टीमें (QRT) तैनात रहेंगी।
डीजीपी के निर्देश और सुरक्षा ढाँचा
पुलिस महानिदेशक (DGP) अजय सिंघल ने सभी पुलिस आयुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित निगरानी, औचक निरीक्षण और सुरक्षा व्यवस्था की सतत समीक्षा के निर्देश दिए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि परीक्षा माफिया, उपद्रवी तत्वों और अफवाह फैलाने वालों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिंघल ने परीक्षार्थियों और उनके अभिभावकों से अपील की कि वे निर्धारित दिशा-निर्देशों का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को दें।
दो-स्तरीय तलाशी व्यवस्था
सभी केंद्रों पर दो-स्तरीय तलाशी प्रणाली लागू की गई है। पहली जाँच परीक्षा केंद्र के मुख्य द्वार से पहले पुलिस और होमगार्ड कर्मियों द्वारा की जाएगी, जबकि दूसरी जाँच परिसर के भीतर सुरक्षा कर्मियों द्वारा होगी। प्रत्येक 100 अभ्यर्थियों पर कम-से-कम एक तलाशी कर्मी तैनात रहेगा और तलाशी दल में न्यूनतम 50 प्रतिशत महिला कर्मी अनिवार्य रूप से शामिल होंगी। हैंड-हेल्ड मेटल डिटेक्टर का भी उपयोग किया जाएगा।
मुख्यमंत्री की प्रतिबद्धता
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अधिकारियों को यातायात प्रबंधन, चिकित्सा सहायता, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि सरकार प्रत्येक अभ्यर्थी को भयमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण उपलब्ध कराने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
आगे क्या
गौरतलब है कि नीट-यूजी परीक्षा पिछले वर्षों में पेपर लीक और अनियमितताओं के आरोपों के कारण राष्ट्रीय विवाद का विषय रही है, जिसके चलते इस बार राज्य सरकारों पर सुरक्षा और पारदर्शिता सुनिश्चित करने का विशेष दबाव है। 21 जून को परीक्षा के निर्विघ्न संपन्न होने के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि बहुस्तरीय तंत्र कितना प्रभावी रहा।