नीट-पीजी 2026: जेपी नड्डा ने की तैयारियों की समीक्षा, 30 अगस्त को 2,73,183 उम्मीदवार देंगे परीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जगत प्रकाश नड्डा ने 1 अगस्त 2026 को स्नातकोत्तर राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (नीट-पीजी 2026) की तैयारियों की व्यापक समीक्षा की। यह परीक्षा 30 अगस्त 2026 को देशभर के 340 शहरों और 1,300 से अधिक परीक्षा केंद्रों पर एक ही पाली में आयोजित होगी। इस बार कुल 2,73,183 उम्मीदवारों ने पंजीकरण कराया है — जो पिछले वर्ष की तुलना में 12.5 प्रतिशत अधिक है।
समीक्षा बैठक में क्या हुआ
समीक्षा के दौरान केंद्रीय मंत्री नड्डा ने राष्ट्रीय चिकित्सा विज्ञान परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस), तकनीकी सहयोगियों और अन्य संबंधित हितधारकों की तैयारियों का आकलन किया। उन्हें परीक्षा व्यवस्था, उम्मीदवार सुविधाओं, सुरक्षा इंतज़ामों और तकनीकी-आधारित उपायों की विस्तृत जानकारी दी गई। नड्डा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि ईमानदारी और सुरक्षा के उच्चतम मानकों को बनाए रखते हुए परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी एवं उम्मीदवारों के अनुकूल बनाया जाए।
तकनीकी और सुरक्षा उपाय
नड्डा ने बताया कि अंतिम प्रश्न-पत्र परीक्षा शुरू होने से ठीक पहले अत्यधिक सुरक्षित, एन्क्रिप्टेड एवं समयबद्ध प्रक्रिया के ज़रिये चुना जाता है, जिसमें कई स्तरों पर तकनीकी एवं संचालन सुरक्षा उपाय लागू होते हैं। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति का यह दावा करना कि प्रश्न-पत्र तक उसकी पहले से पहुँच है, 'पूरी तरह से झूठ है और इसका उद्देश्य उम्मीदवारों को गुमराह करना है।' सुरक्षा व्यवस्था में सीसीटीवी निगरानी, बायोमेट्रिक पहचान, सिग्नल जैमर, डायनामिक कंप्यूटर प्रणाली और केंद्रीय एवं क्षेत्रीय कमान केंद्रों से लाइव मॉनिटरिंग शामिल है। परीक्षा केंद्रों की पहले से सीलिंग एवं जाँच भी की जाएगी।
आवेदन के दौरान और परीक्षा के दिन दोनों समय आधार-आधारित प्रमाणीकरण अनिवार्य होगा। जहाँ फिंगरप्रिंट प्रमाणीकरण संभव न हो, वहाँ आइरिस-आधारित बायोमेट्रिक सत्यापन का उपयोग किया जाएगा। परीक्षा संचालन के लिए 60,000 से अधिक परीक्षा कर्मियों को तैनात किया जाएगा।
उम्मीदवारों के लिए व्यवस्थाएँ
इस बार परीक्षा में 180 प्रश्न होंगे और उन्हें हल करने के लिए 210 मिनट का समय मिलेगा — यानी कुल अवधि यथावत रखते हुए प्रत्येक प्रश्न के लिए अधिक समय उपलब्ध होगा। उम्मीदवारों को तीन राज्यों की प्राथमिकताएँ देनी होंगी, जिनमें पत्राचार वाले राज्य को पहली प्राथमिकता देना अनिवार्य होगा, ताकि निवास स्थान के निकट परीक्षा केंद्र मिल सके। परीक्षा से लगभग तीन सप्ताह पहले परीक्षा शहर की जानकारी दी जाएगी, जिससे उम्मीदवार यात्रा और आवास की अग्रिम योजना बना सकें।
अफवाहों से सावधान रहने की अपील
नड्डा ने उम्मीदवारों से आग्रह किया कि वे परीक्षा से जुड़ी अफवाहों या धोखाधड़ी वाले दावों से प्रभावित न हों। उन्होंने स्पष्ट किया कि उम्मीदवार केवल एनबीईएमएस और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय द्वारा जारी आधिकारिक सूचनाओं पर ही भरोसा करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अनुचित तरीकों की जानकारी मिलने पर तुरंत रिपोर्ट करने की सलाह दी गई। यह ऐसे समय में आया है जब पिछले वर्षों में नीट परीक्षाओं को लेकर पारदर्शिता की माँग लगातार उठती रही है।
आगे क्या होगा
परीक्षा 30 अगस्त 2026 को एक ही पाली में संपन्न होगी। सभी संबंधित एजेंसियों को परस्पर समन्वय बनाए रखने और प्रत्येक उम्मीदवार को सुचारू एवं परेशानी-मुक्त अनुभव देने के निर्देश दिए गए हैं। गौरतलब है कि यह पहली बार है जब नीट-पीजी में इस स्तर की बहु-स्तरीय बायोमेट्रिक और तकनीकी सुरक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है।