नीट पीजी 2026: जयपुर में पावर फेलियर से 2,445 उम्मीदवार प्रभावित, 5 सितंबर को दोबारा परीक्षा
सारांश
मुख्य बातें
आयुर्विज्ञान में राष्ट्रीय परीक्षा बोर्ड (एनबीईएमएस) ने 30 अगस्त 2026 को जयपुर के सीतापुरा स्थित आईओएन डिजिटल जोन परीक्षा केंद्र पर नीट पीजी 2026 परीक्षा स्थगित कर दी, जहाँ आंतरिक पावर फेलियर के कारण 2,445 उम्मीदवार अपनी परीक्षा पूरी नहीं कर सके। प्रभावित अभ्यर्थियों के लिए 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे उसी केंद्र पर पुनः परीक्षा आयोजित की जाएगी।
मुख्य घटनाक्रम
रविवार को देशभर के 339 शहरों और 1,111 केंद्रों पर नीट पीजी 2026 परीक्षा आयोजित की गई, जिसमें 2,65,980 उम्मीदवारों ने भाग लिया। इनमें से 2,63,535 उम्मीदवारों ने सफलतापूर्वक परीक्षा पूरी की। जयपुर में परीक्षा के लिए 15 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। सीतापुरा केंद्र पर सुबह 9 बजे परीक्षा शुरू होनी थी, लेकिन आंतरिक बिजली आपूर्ति बाधित होने से कंप्यूटर बार-बार बंद होते रहे।
एक प्रभावित छात्रा के अनुसार, उनका कंप्यूटर परीक्षा के दौरान 15 बार बंद हुआ और पंजीकरण प्रक्रिया में इतनी देरी हुई कि साढ़े 10 बज गए। एक अन्य उम्मीदवार ने बताया कि सर्वर क्रैश के कारण 25-30 प्रश्न बाहर आ गए और अभ्यर्थियों ने आपस में सवालों पर चर्चा भी की।
एनबीईएमएस अध्यक्ष की प्रतिक्रिया
एनबीईएमएस के अध्यक्ष डॉ. अभिजात सेठ ने घटना पर खेद व्यक्त करते हुए कहा, 'मुझे आपको यह बताते हुए दुख हो रहा है कि जयपुर के सीतापुरा में एक सेंटर पर यह घटना हुई, जहाँ इंटरनल पावर फेलियर के कारण 2,445 उम्मीदवार अपना एग्जाम पूरा नहीं कर पाए।' उन्होंने स्पष्ट किया कि यह एक नियमित टीसीएस सेंटर था, जहाँ एक दिन पहले उसी कंप्यूटर लोड पर मॉक टेस्ट सफलतापूर्वक संपन्न हुआ था।
डॉ. सेठ ने यह भी बताया कि परीक्षा के दौरान हैकिंग, साइबर सुरक्षा उल्लंघन, नकल या कोई अन्य गंभीर समस्या सामने नहीं आई। शेष 2.63 लाख से अधिक उम्मीदवारों की परीक्षा बिना किसी व्यवधान के संपन्न हुई।
प्रशासन की कार्रवाई
मामला बढ़ने के बाद एडीएम सिटी ने पुष्टि की कि प्रभावित अभ्यर्थियों की परीक्षा 5 सितंबर को सीतापुरा के उसी केंद्र पर दोपहर 3 बजे आयोजित होगी। संबंधित अभ्यर्थियों को नए री-एडमिट कार्ड जारी किए जाएंगे। केंद्र अधीक्षक से पूरे घटनाक्रम की जानकारी ली जा रही है और मामले की रिपोर्ट बोर्ड को भेजी जा रही है।
बिजली गुल होने से नाराज अभ्यर्थियों और उनके परिजनों ने परीक्षा केंद्र के बाहर हंगामा किया और केंद्र प्रशासन से जवाब माँगा। अभ्यर्थियों की ओर से परीक्षा प्रभावित होने की आपत्ति भी दर्ज कराई गई।
उम्मीदवारों की माँग
प्रभावित छात्रों ने परीक्षा की पारदर्शिता पर सवाल उठाए हैं। एक छात्रा ने कहा कि वह चाहती हैं कि नीट पीजी परीक्षा अखिल भारतीय स्तर पर दोबारा आयोजित की जाए। उनका तर्क है कि यदि परीक्षा में पारदर्शिता नहीं होगी तो देश के स्वास्थ्य सेवा तंत्र में सुधार की उम्मीद नहीं की जा सकती।
आगे क्या होगा
गौरतलब है कि नीट पीजी 2026 के लिए कुल 2,72,183 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। 5 सितंबर को होने वाली पुनः परीक्षा में केवल प्रभावित 2,445 उम्मीदवार शामिल होंगे। प्रशासन ने आश्वस्त किया है कि इस बार बिजली और तकनीकी व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए जाएंगे। यह घटना ऐसे समय में सामने आई है जब पिछले वर्ष नीट यूजी विवाद के बाद परीक्षा प्रणाली की विश्वसनीयता पहले से ही सवालों के घेरे में है।