जेपीएनआईसी विवाद: भाजपा ने अखिलेश यादव को घेरा, ₹865 करोड़ खर्च पर उठाए सवाल
सारांश
मुख्य बातें
भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 30 अगस्त को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया। जेपीएनआईसी विवाद, अंकित बालियान हत्याकांड और एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर अखिलेश के बयानों को भाजपा नेताओं ने 'निराधार' और 'अर्थहीन' करार दिया। यह राजनीतिक तकरार ऐसे समय में तेज हुई है जब उत्तर प्रदेश में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।
जेपीएनआईसी विवाद: ₹865 करोड़ और अधूरा काम
मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जेपीएनआईसी पर अखिलेश यादव की सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव सत्ता में थे, तब जेपीएनआईसी की लागत का अनुमान ₹200 करोड़ लगाया गया था, लेकिन निर्माण में ₹865 करोड़ खर्च हो गए और काम तब भी पूरा नहीं हुआ। राजभर ने आगे बताया कि बाद में जब यह स्पष्ट हो गया कि जेपीएनआईसी का उपयोग नहीं हो रहा, तो सरकार ने इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंप दिया।
अंकित बालियान हत्याकांड पर भाजपा का रुख
BJP के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने अंकित बालियान हत्याकांड को 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा, 'सरकार और पुलिस की टीम मामले की तह तक जाने के लिए तेजी से काम कर रही है, और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।' शर्मा ने राहुल गांधी के बयान पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि तथ्यों पर आधारित आरोप जाँच का विषय बनते हैं, लेकिन बचाव के लिए लगाए गए आरोप अलग श्रेणी में आते हैं।
एक्सप्रेसवे विवाद और विपक्ष की आलोचना
मंत्री असीम अरुण ने अखिलेश यादव द्वारा अपने कार्यकाल में बने एक्सप्रेसवे को बार-बार उजागर करने पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि योगी सरकार ने एक बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार किया है, जो पिछली सरकार के कार्यों से कहीं आगे है। गौरतलब है कि एक्सप्रेसवे का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में विकास की प्रतीकात्मक बहस का केंद्र बना हुआ है।
संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना 'निराधार': संजय निषाद
मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष की बयानबाजी को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि आयोग स्वयं एक संवैधानिक संस्था है और उस पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसे को कमज़ोर करना है। निषाद ने जोर दिया कि आज की जरूरत ऐसी संस्थाओं को संरक्षित, विकसित और सुव्यवस्थित रखने की है।
भाजपा का भविष्य के प्रति दावा
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अखिलेश यादव पर 'जातिगत विद्वेष फैलाने' का आरोप लगाया और कहा कि प्रदेश तेजी से विकास की राह पर है। उन्होंने दावा किया कि 'आने वाला समय भाजपा का है।' इसी बीच दिनेश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताशकंद बैठक के बाद भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में आई मजबूती का भी स्वागत किया। उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आने वाले दिनों में और तीखा होने की संभावना है।