30 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

जेपीएनआईसी विवाद: भाजपा ने अखिलेश यादव को घेरा, ₹865 करोड़ खर्च पर उठाए सवाल

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
जेपीएनआईसी विवाद: भाजपा ने अखिलेश यादव को घेरा, ₹865 करोड़ खर्च पर उठाए सवाल

सारांश

जेपीएनआईसी पर ₹200 करोड़ के बजट के मुकाबले ₹865 करोड़ खर्च और अधूरे काम का मुद्दा — भाजपा ने इसे अखिलेश यादव की विफलता का प्रमाण बताया। अंकित बालियान हत्याकांड और एक्सप्रेसवे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश की सियासत एक बार फिर गर्म है।

मुख्य बातें

BJP के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने 30 अगस्त को लखनऊ में अखिलेश यादव के बयानों पर तीखा पलटवार किया।
मंत्री ओम प्रकाश राजभर के अनुसार, जेपीएनआईसी पर ₹200 करोड़ के अनुमान के मुकाबले ₹865 करोड़ खर्च हुए और काम अधूरा रहा; बाद में इसे LDA को सौंपा गया।
अंकित बालियान हत्याकांड पर दिनेश शर्मा ने कहा कि पुलिस तेजी से जाँच कर रही है और दोषियों को कड़ी सजा दी जाएगी।
मंत्री असीम अरुण ने दावा किया कि योगी सरकार ने अखिलेश कार्यकाल से कहीं बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार किया है।
मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अखिलेश पर 'जातिगत विद्वेष फैलाने' का आरोप लगाया।

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेताओं ने 30 अगस्त को लखनऊ में समाजवादी पार्टी (SP) अध्यक्ष अखिलेश यादव पर तीखा पलटवार किया। जेपीएनआईसी विवाद, अंकित बालियान हत्याकांड और एक्सप्रेसवे निर्माण को लेकर अखिलेश के बयानों को भाजपा नेताओं ने 'निराधार' और 'अर्थहीन' करार दिया। यह राजनीतिक तकरार ऐसे समय में तेज हुई है जब उत्तर प्रदेश में विपक्ष और सत्तारूढ़ दल के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है।

जेपीएनआईसी विवाद: ₹865 करोड़ और अधूरा काम

मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने जेपीएनआईसी पर अखिलेश यादव की सरकार को सीधे कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा कि जब अखिलेश यादव सत्ता में थे, तब जेपीएनआईसी की लागत का अनुमान ₹200 करोड़ लगाया गया था, लेकिन निर्माण में ₹865 करोड़ खर्च हो गए और काम तब भी पूरा नहीं हुआ। राजभर ने आगे बताया कि बाद में जब यह स्पष्ट हो गया कि जेपीएनआईसी का उपयोग नहीं हो रहा, तो सरकार ने इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंप दिया।

अंकित बालियान हत्याकांड पर भाजपा का रुख

BJP के राज्यसभा सांसद दिनेश शर्मा ने अंकित बालियान हत्याकांड को 'बहुत दुर्भाग्यपूर्ण' बताया। उन्होंने कहा, 'सरकार और पुलिस की टीम मामले की तह तक जाने के लिए तेजी से काम कर रही है, और दोषियों को जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।' शर्मा ने राहुल गांधी के बयान पर भी टिप्पणी करते हुए कहा कि तथ्यों पर आधारित आरोप जाँच का विषय बनते हैं, लेकिन बचाव के लिए लगाए गए आरोप अलग श्रेणी में आते हैं।

एक्सप्रेसवे विवाद और विपक्ष की आलोचना

मंत्री असीम अरुण ने अखिलेश यादव द्वारा अपने कार्यकाल में बने एक्सप्रेसवे को बार-बार उजागर करने पर सवाल उठाया। उनका कहना था कि योगी सरकार ने एक बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार किया है, जो पिछली सरकार के कार्यों से कहीं आगे है। गौरतलब है कि एक्सप्रेसवे का मुद्दा उत्तर प्रदेश की राजनीति में विकास की प्रतीकात्मक बहस का केंद्र बना हुआ है।

संवैधानिक संस्थाओं पर सवाल उठाना 'निराधार': संजय निषाद

मंत्री संजय निषाद ने विपक्ष की बयानबाजी को पूरी तरह निराधार बताया। उन्होंने कहा कि आयोग स्वयं एक संवैधानिक संस्था है और उस पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक व्यवस्था में भरोसे को कमज़ोर करना है। निषाद ने जोर दिया कि आज की जरूरत ऐसी संस्थाओं को संरक्षित, विकसित और सुव्यवस्थित रखने की है।

भाजपा का भविष्य के प्रति दावा

मंत्री कपिल देव अग्रवाल ने अखिलेश यादव पर 'जातिगत विद्वेष फैलाने' का आरोप लगाया और कहा कि प्रदेश तेजी से विकास की राह पर है। उन्होंने दावा किया कि 'आने वाला समय भाजपा का है।' इसी बीच दिनेश शर्मा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ताशकंद बैठक के बाद भारत-उज्बेकिस्तान संबंधों में आई मजबूती का भी स्वागत किया। उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव के मद्देनजर यह राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप आने वाले दिनों में और तीखा होने की संभावना है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि इतने वर्षों बाद भी इस परियोजना का उपयोग क्यों नहीं हो पाया और एलडीए को सौंपे जाने के बाद स्थिति क्या है — यह ब्यौरा अभी तक सार्वजनिक नहीं हुआ। अंकित बालियान हत्याकांड पर 'तेज जाँच' का आश्वासन तब तक अधूरा है जब तक गिरफ्तारियाँ और आरोप-पत्र सामने न आएँ। उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव की आहट के बीच यह बयानबाजी एक सुनियोजित राजनीतिक रणनीति की तरह दिखती है, जिसमें दोनों पक्ष मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए विकास और शासन के मुद्दों को हथियार बना रहे हैं।
RashtraPress
30 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएनआईसी विवाद क्या है और इसमें ₹865 करोड़ का मामला क्या है?
जेपीएनआईसी (JPNIC) एक परियोजना है जिसका निर्माण अखिलेश यादव सरकार के कार्यकाल में शुरू हुआ था। मंत्री ओम प्रकाश राजभर के अनुसार, इसकी अनुमानित लागत ₹200 करोड़ थी, लेकिन वास्तव में ₹865 करोड़ खर्च हुए और काम अधूरा रहा। बाद में इसे लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) को सौंप दिया गया।
अंकित बालियान हत्याकांड में सरकार का क्या रुख है?
BJP सांसद दिनेश शर्मा ने कहा कि अंकित बालियान के साथ हुई घटना दुर्भाग्यपूर्ण है और पुलिस तेजी से जाँच कर रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि दोषियों को जल्द कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाएगी।
भाजपा ने अखिलेश यादव के एक्सप्रेसवे दावों पर क्या कहा?
मंत्री असीम अरुण ने कहा कि अखिलेश यादव बार-बार अपने कार्यकाल के एक्सप्रेसवे को उजागर करते हैं, जबकि योगी सरकार ने उससे कहीं बड़ा एक्सप्रेसवे नेटवर्क तैयार किया है। भाजपा का दावा है कि वर्तमान सरकार के तहत बुनियादी ढाँचे का विस्तार पहले से अधिक हुआ है।
संजय निषाद ने संवैधानिक संस्थाओं पर विपक्ष के सवालों को लेकर क्या कहा?
मंत्री संजय निषाद ने कहा कि आयोग एक संवैधानिक संस्था है और उस पर सवाल उठाना लोकतांत्रिक भरोसे को कमज़ोर करता है। उन्होंने विपक्ष की बयानबाजी को पूरी तरह निराधार करार दिया और ऐसी संस्थाओं को संरक्षित रखने की जरूरत पर जोर दिया।
इस राजनीतिक विवाद का उत्तर प्रदेश की राजनीति पर क्या असर होगा?
यह आरोप-प्रत्यारोप उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव की पृष्ठभूमि में तेज हुआ है। भाजपा जहाँ जेपीएनआईसी और एक्सप्रेसवे जैसे मुद्दों पर सपा के शासन को कठघरे में खड़ा कर रही है, वहीं विपक्ष सरकार पर कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल उठा रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 3 घंटे पहले
  2. 11 घंटे पहले
  3. कल
  4. 3 दिन पहले
  5. 4 दिन पहले
  6. 5 दिन पहले
  7. 4 सप्ताह पहले
  8. 1 महीना पहले