8 जुलाई 2026
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जेपीएनआईसी घोटाले पर राजभर का अखिलेश पर प्रहार: '₹200 करोड़ की इमारत ₹860 करोड़ में, यही श्राप है सत्ता से दूरी का'

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जेपीएनआईसी घोटाले पर राजभर का अखिलेश पर प्रहार: '₹200 करोड़ की इमारत ₹860 करोड़ में, यही श्राप है सत्ता से दूरी का'

सारांश

योगी सरकार के मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने एक्स पर अखिलेश यादव को सीधे निशाने पर लिया — लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बनी इमारत में ₹200 करोड़ की जगह ₹860 करोड़ खर्च करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यही 'श्राप' है जो सपा को नौ साल से सत्ता से दूर रखे हुए है।

मुख्य बातें

मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 8 जुलाई 2026 को एक्स पर पोस्ट कर अखिलेश यादव पर जेपीएनआईसी घोटाले का आरोप लगाया।
राजभर के अनुसार ₹200 करोड़ की इमारत का काम सपा सरकार में ₹860 करोड़ में कराया गया और वह भी अधूरी रही।
राजभर ने दावा किया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर हुए इस 'भ्रष्टाचार का श्राप' ही सपा को नौ साल से सत्ता से बाहर रखे हुए है।
सुभासपा ( NDA सहयोगी) प्रमुख राजभर ने कहा कि समाजवादी पार्टी 'आगे भी दोबारा कभी सत्ता में नहीं आएगी।' समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई।

सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (सुभासपा) के अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश की योगी सरकार में मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने 8 जुलाई 2026 को समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव पर जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर (जेपीएनआईसी) परियोजना को लेकर तीखा हमला बोला। राजभर ने आरोप लगाया कि ₹200 करोड़ की अनुमानित लागत वाली इस इमारत का निर्माण सपा सरकार के कार्यकाल में ₹860 करोड़ में कराया गया और वह भी अधूरी रही। उन्होंने दावा किया कि यही भ्रष्टाचार समाजवादी पार्टी को नौ साल से सत्ता से दूर रखे हुए है।

एक्स पर राजभर का भावनात्मक प्रहार

मंत्री राजभर ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक लंबी पोस्ट लिखी, जिसमें उन्होंने कहा कि सुबह घर से निकलते समय गोमती नदी के किनारे स्थित जेपीएनआईसी को देखकर उनके मन में लोकनायक जयप्रकाश नारायण का चेहरा उभर आया। उन्होंने लिखा कि जयप्रकाश नारायण जी स्वर्ग में बैठकर सोच रहे होंगे कि उनके नाम पर राजनीति करने वालों ने उनके नाम पर इमारत बनाकर 'करोड़ों, बल्कि अरबों' डकार लिए।

₹860 करोड़ के आरोप का केंद्र

राजभर ने विशेष रूप से आरोप लगाया कि ₹200 करोड़ की मूल लागत वाली जेपीएनआईसी इमारत का काम ₹860 करोड़ में कराया गया, जो कि चार गुना से अधिक है। उन्होंने कहा, 'कम से कम जयप्रकाश नारायण जी के नाम पर बन रही बिल्डिंग में तो घोटाला नहीं करना चाहिए था। एक बिल्डिंग उनके नाम पर बना रहे थे, कम से कम उसे तो बख्श देते।' यह आरोप सपा सरकार के कार्यकाल की परियोजनाओं पर भाजपा सहयोगियों द्वारा उठाए जाने वाले सवालों की श्रृंखला में नवीनतम है।

राजनीतिक संदर्भ और 'श्राप' का दावा

राजभर ने दावा किया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण की 'पुण्यात्मा का श्राप' है कि समाजवादी पार्टी नौ साल से सत्ता से बाहर है और 'आगे भी दोबारा कभी सत्ता में नहीं आएगी।' गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश में अगले विधानसभा चुनाव 2027 में होने हैं और यह हमला उसी राजनीतिक तैयारी के बीच आया है। सुभासपा भाजपा के नेतृत्व वाले राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) का हिस्सा है।

राजभर की अपील और आगे का रुख

मंत्री राजभर ने अपनी पोस्ट के अंत में अखिलेश यादव से कहा कि जब भी वे गोमती नदी के किनारे से गुज़रते हुए जेपीएनआईसी को देखें, तो उन्हें अपने 'पाप' का एहसास होगा। उन्होंने यह भी कहा कि 'पूर्वजों का सम्मान कीजिए, उनके नाम पर भ्रष्टाचार अच्छी बात नहीं है।' समाजवादी पार्टी की ओर से इन आरोपों पर तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन किसी स्वतंत्र जाँच एजेंसी की रिपोर्ट अभी तक सार्वजनिक नहीं हुई है। ध्यान देने योग्य यह है कि राजभर स्वयं उस राजनीतिक परिस्थिति में बोल रहे हैं जहाँ सुभासपा के लिए भाजपा गठबंधन में अपनी प्रासंगिकता बनाए रखना ज़रूरी है। लोकनायक की विरासत को 'श्राप' के रूपक में बदलना भावनात्मक रूप से प्रभावी हो सकता है, लेकिन यह तथ्यात्मक जवाबदेही का विकल्प नहीं है।
RashtraPress
8 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जेपीएनआईसी क्या है और इस पर विवाद क्यों है?
जेपीएनआईसी यानी जयप्रकाश नारायण इंटरनेशनल सेंटर लखनऊ में गोमती नदी के किनारे स्थित एक परियोजना है, जो लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर बनाई जा रही थी। मंत्री ओमप्रकाश राजभर ने आरोप लगाया है कि ₹200 करोड़ की मूल लागत वाली इस इमारत का काम सपा सरकार के कार्यकाल में ₹860 करोड़ में कराया गया और वह अधूरी भी रही।
ओमप्रकाश राजभर ने अखिलेश यादव पर क्या आरोप लगाए हैं?
राजभर ने आरोप लगाया कि अखिलेश यादव की सपा सरकार ने जेपीएनआईसी परियोजना में बड़े पैमाने पर भ्रष्टाचार किया — ₹200 करोड़ की इमारत को ₹860 करोड़ में बनवाया और वह भी पूरी नहीं की। उन्होंने इसे 'लोकनायक के नाम पर पाप' करार दिया।
राजभर ने 'श्राप' का ज़िक्र क्यों किया?
राजभर ने दावा किया कि लोकनायक जयप्रकाश नारायण के नाम पर हुए कथित भ्रष्टाचार के कारण उनकी 'पुण्यात्मा का श्राप' है, जिसकी वजह से समाजवादी पार्टी नौ साल से उत्तर प्रदेश की सत्ता से बाहर है। यह एक राजनीतिक रूपक है, न कोई आधिकारिक या कानूनी दावा।
समाजवादी पार्टी ने इन आरोपों पर क्या कहा?
राजभर की पोस्ट और आरोपों पर समाजवादी पार्टी की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। अखिलेश यादव ने भी अभी तक इस मामले में कोई सार्वजनिक बयान नहीं दिया है।
यह विवाद उत्तर प्रदेश की राजनीति में क्यों अहम है?
उत्तर प्रदेश में 2027 में विधानसभा चुनाव होने हैं और NDA सहयोगी सुभासपा के प्रमुख राजभर का यह हमला सपा के पिछले कार्यकाल को भ्रष्टाचार से जोड़ने की व्यापक रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब दोनों दल 2027 की तैयारियों में जुटे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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